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सहकारी बैंक घोटाले में मैनेजर, अकाउंटेंट को तीन साल कैद, जुर्माना
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:40 PM IST
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सहकारी बैंक घोटाले में मैनेजर, अकाउंटेंट को तीन साल कैद, जुर्माना
होशियारपुर।
सीजेएम आशीष सालदी की कोर्ट ने बैंक से 2 करोड़, 17 लाख 18 हजार 234 रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो कर्मियों को तीन तीन साल की कैद, दस दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई हैं। जुर्माना न देने पर दोनों महिला दोषियों को एक एक महीना और सजा काटनी होगी। उल्लेखनीय है द होशियारपुर कोआपरेटिव बैंक में फर्जी डिमांड ड्राफ्ट बनाकर 2 करोड़ 17 लाख 18 हजार 234 रुपये की धोखधड़ी करने का 31 दिसंबर 2008 को बैंक अधिकारी ने कोर्ट में केस किया था। शिकायत में कहा गया था कि बैंक की ब्रांच मैनेजर गुरदेव कौर निवासी नजदीक डीएवी कालेज प्रीत नगर होशियारपुर और बैंक की अकाउंटेंट राम कौर उर्फ कुलविंदर कौर निवासी पुरहीरां ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक में घपला किया है। जिसके बाद दोनों को उनके पदों से निष्कासित कर दिया गया था। बैंक अधिकारी ने अपनी शिकायत में बताया था कि उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर जाली डिमांड ड्राफ्ट बना उक्त रकम की हेरा फेरी की थी। जब लोगों द्वारा उन्हीं नंबरों के असल डिमांड ड्राफ्ट अन्य बैंकों में लगाए गये तो उन अधिकारियों ने कहा आपके डीडी क्लीयरिंग में लगे हैं लेकिन ये ड्राफ्ट पहले ही इन अधिकारियों ने कैश करवा लिये थे। जिसके बाद सिटी पुलिस ने गुरदेव कौर व राम कौर के खिलाफ धोखाधड़ी करने व अन्य धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। आज कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए दोनों को तीन तीन साल कैद की सजा सुनाई।
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होशियारपुर।
सीजेएम आशीष सालदी की कोर्ट ने बैंक से 2 करोड़, 17 लाख 18 हजार 234 रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो कर्मियों को तीन तीन साल की कैद, दस दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई हैं। जुर्माना न देने पर दोनों महिला दोषियों को एक एक महीना और सजा काटनी होगी। उल्लेखनीय है द होशियारपुर कोआपरेटिव बैंक में फर्जी डिमांड ड्राफ्ट बनाकर 2 करोड़ 17 लाख 18 हजार 234 रुपये की धोखधड़ी करने का 31 दिसंबर 2008 को बैंक अधिकारी ने कोर्ट में केस किया था। शिकायत में कहा गया था कि बैंक की ब्रांच मैनेजर गुरदेव कौर निवासी नजदीक डीएवी कालेज प्रीत नगर होशियारपुर और बैंक की अकाउंटेंट राम कौर उर्फ कुलविंदर कौर निवासी पुरहीरां ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक में घपला किया है। जिसके बाद दोनों को उनके पदों से निष्कासित कर दिया गया था। बैंक अधिकारी ने अपनी शिकायत में बताया था कि उक्त दोनों अधिकारियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर जाली डिमांड ड्राफ्ट बना उक्त रकम की हेरा फेरी की थी। जब लोगों द्वारा उन्हीं नंबरों के असल डिमांड ड्राफ्ट अन्य बैंकों में लगाए गये तो उन अधिकारियों ने कहा आपके डीडी क्लीयरिंग में लगे हैं लेकिन ये ड्राफ्ट पहले ही इन अधिकारियों ने कैश करवा लिये थे। जिसके बाद सिटी पुलिस ने गुरदेव कौर व राम कौर के खिलाफ धोखाधड़ी करने व अन्य धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। आज कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए दोनों को तीन तीन साल कैद की सजा सुनाई।