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आर्थिक तंगी का शिकार छात्रा ने निगला जहर, मौत
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:23 PM IST
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आर्थिक तंगी से परेशान छात्रा ने निगला जहर, मौत
पढ़ना चाहती थी, नहीं ले सकी बीए में दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा।
बठिंडा के चढ़त सिंह वाला मौड की एक छात्रा की एक छात्रा ने घर में गरीबी होने से दाखिले के लिए फीस न होने से निराश होकर शुक्रवार को सुबह अपने घर में जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। उसे गंभीर हालत में मानसा के अस्पताल में लाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। डाक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद लड़की का शव को वारिसों के हवाले कर दिया।
चढ़त सिंह मौड के निवासी पल्लेदार भोला सिंह ने बताया कि घर में आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण उसकी बेटी किरणजीत कौर बारहवीं पास करके आगे बीए की पढ़ाई करना चाहती थी। उन्होंने कुछ दिन पहले लड़के का दाखिला मुश्किल के साथ कराया था। किरणजीत कौर इसको लेकर अंदर ही अंदर चिंता में रहती थी। उन्होंने बताया कि कई बार किरणजीत कौर ने कहा कि वह आगे पढ़कर पुलिस में भर्ती होगी और घर की गरीबी दूर करेगी। लेकिन आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण वह अगली कक्षा में दाखिला नहीं ले सकी।
शुक्रवार को जब किरणजीत कौर सुबह चाय बनाने के लिए उठी तो घर के सभी सदस्य सोए पड़े थे। इस दौरान उसने सल्फास निगल लिया। जिसका पता उन्हें कुछ देर बाद लगा। किरणजीत कौर को गंभीर हालत में मानसा के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत बता दिया। मौड़ पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर कार्रवाई करने के बाद उसकी लाश वारिसों के हवाले कर दी। जिसका उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसान नेता राम सिंह भैणीवाघा ने कहा कि आर्थिक तंगी व कर्ज के कारण किसान-मजदूर व उनके बेटी-बेटियां भी खुदकुशियां करने लगे हैं। सरकार को चाहिए परिवार को आर्थिक मदद दें।
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फोटो : 22 एमएनएस 1 जेपीजी
कैप्शन : छात्रा किरणजीत कौर की फाइल फोटो।
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पढ़ना चाहती थी, नहीं ले सकी बीए में दाखिला
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा।
बठिंडा के चढ़त सिंह वाला मौड की एक छात्रा की एक छात्रा ने घर में गरीबी होने से दाखिले के लिए फीस न होने से निराश होकर शुक्रवार को सुबह अपने घर में जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। उसे गंभीर हालत में मानसा के अस्पताल में लाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। डाक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद लड़की का शव को वारिसों के हवाले कर दिया।
चढ़त सिंह मौड के निवासी पल्लेदार भोला सिंह ने बताया कि घर में आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण उसकी बेटी किरणजीत कौर बारहवीं पास करके आगे बीए की पढ़ाई करना चाहती थी। उन्होंने कुछ दिन पहले लड़के का दाखिला मुश्किल के साथ कराया था। किरणजीत कौर इसको लेकर अंदर ही अंदर चिंता में रहती थी। उन्होंने बताया कि कई बार किरणजीत कौर ने कहा कि वह आगे पढ़कर पुलिस में भर्ती होगी और घर की गरीबी दूर करेगी। लेकिन आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण वह अगली कक्षा में दाखिला नहीं ले सकी।
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शुक्रवार को जब किरणजीत कौर सुबह चाय बनाने के लिए उठी तो घर के सभी सदस्य सोए पड़े थे। इस दौरान उसने सल्फास निगल लिया। जिसका पता उन्हें कुछ देर बाद लगा। किरणजीत कौर को गंभीर हालत में मानसा के सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत बता दिया। मौड़ पुलिस ने अस्पताल में पहुंचकर कार्रवाई करने के बाद उसकी लाश वारिसों के हवाले कर दी। जिसका उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। किसान नेता राम सिंह भैणीवाघा ने कहा कि आर्थिक तंगी व कर्ज के कारण किसान-मजदूर व उनके बेटी-बेटियां भी खुदकुशियां करने लगे हैं। सरकार को चाहिए परिवार को आर्थिक मदद दें।
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फोटो : 22 एमएनएस 1 जेपीजी
कैप्शन : छात्रा किरणजीत कौर की फाइल फोटो।