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रिश्वत मामले में बिजली कर्मी दोषी करार
Updated Tue, 25 Jul 2017 01:30 AM IST
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रिश्वत मामले में बिजली कर्मी दोषी करार
सीबीआई ने किया था दो हजार रुपये लेते गिरफ्तार
सीबीआई की विशेष अदालत 26 को सुनाएगी सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पांच साल पुराने रिश्वत केस में यूटी बिजली विभाग के क्लर्क रहे जसवंत सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। विशेष अदालत दोषी को 26 जुलाई को सजा सुनाएगी। सीबीआई ने जसवंत सिंह को 18 फरवरी 2012 को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 के तहत केस दर्ज किया था।
सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा को एक कांट्रेक्टर ने शिकायत दी थी। कांट्रेक्टर सेक्टर-43 स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी में काम कर रहा था। उन्होंने काम के सिलसिले में बिजली का अस्थायी कनेक्शन लिया हुआ था। आरोप के अनुसार, उसे अस्थायी कनेक्शन का बिल आया तो उसमें गलत चार्ज लगाए गए थे। इस संबंध में उसने बिजली विभाग में शिकायत दी। वहां उनकी मुलाकात जसवंत सिंह से हुई। उसने बिजली बिल को सही करने के लिए पांच हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। हालांकि बाद में दोनों में दो हजार रुपये में सौदा हो गया था।
इस दौरान कांट्रेक्टर ने सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा में शिकायत दे दी। सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि होने पर जसवंत को रिश्वत लेते सेक्टर-19 में रंगेहाथ पकड़ा था। सीबीआई ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
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सीबीआई ने किया था दो हजार रुपये लेते गिरफ्तार
सीबीआई की विशेष अदालत 26 को सुनाएगी सजा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पांच साल पुराने रिश्वत केस में यूटी बिजली विभाग के क्लर्क रहे जसवंत सिंह को सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया है। विशेष अदालत दोषी को 26 जुलाई को सजा सुनाएगी। सीबीआई ने जसवंत सिंह को 18 फरवरी 2012 को दो हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 के तहत केस दर्ज किया था।
सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा को एक कांट्रेक्टर ने शिकायत दी थी। कांट्रेक्टर सेक्टर-43 स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी में काम कर रहा था। उन्होंने काम के सिलसिले में बिजली का अस्थायी कनेक्शन लिया हुआ था। आरोप के अनुसार, उसे अस्थायी कनेक्शन का बिल आया तो उसमें गलत चार्ज लगाए गए थे। इस संबंध में उसने बिजली विभाग में शिकायत दी। वहां उनकी मुलाकात जसवंत सिंह से हुई। उसने बिजली बिल को सही करने के लिए पांच हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। हालांकि बाद में दोनों में दो हजार रुपये में सौदा हो गया था।
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इस दौरान कांट्रेक्टर ने सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा में शिकायत दे दी। सीबीआई ने शिकायत की पुष्टि होने पर जसवंत को रिश्वत लेते सेक्टर-19 में रंगेहाथ पकड़ा था। सीबीआई ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
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