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दुराचार के दोषी को 10 साल कैद
Updated Wed, 05 Jul 2017 07:51 PM IST
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8 साल की बच्ची से दुराचार के दोषी को 10 साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आठ साल की बच्ची से दुराचार के मामले में जिला अदालत ने हल्लोमाजरा निवासी सतीश (21) को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 2.05 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने सतीश के खिलाफ दुराचार और पॉक्सो एक्ट 4, 6 के तहत केस दर्ज किया था।
25 मई 2016 को दर्ज मामले में शिकायतकर्ता पीड़िता के पिता थे। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि 24 मई की रात को वह ड्यूटी से घर आए थे। वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में बतौर क्लर्क काम करते हैं। रात करीब 8:30 बजे उनकी आठ साल की बेटी रोते हुए बाहर से आई। उन्होंने इसका कारण पूछा तो उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाले सतीश अंकल ने उससे गलत काम किया है। बच्ची की हालत खराब देख परिजन उसे जीएमसीएच-32 ले गए। वहां उन्होंने पुलिस को भी घटना की सूचना दी। मेडिकल में दुराचार की पुष्टि होने पर पुलिस ने सतीश के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
एफडी के तौर पर मिलेगा मुआवजा
अदालत के आदेश के अनुसार दोषी पर लगाए गए जुर्माने में से दो लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश किए गए हैं। यह राशि एफडी के तौर पर दी जाएगी, जो उसके बालिग होने पर ही उसे मिलेगी। वहीं अगर उसे इस राशि की जरूरत उसके बालिग होने से पहले पड़ती है तो उसके लिए अदालत से मंजूरी लेनी होगी।
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- अदालत ने 2.05 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
- जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये पीड़िता को बतौर मुआवजा देने के आदेश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आठ साल की बच्ची से दुराचार के मामले में जिला अदालत ने हल्लोमाजरा निवासी सतीश (21) को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 2.05 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने सतीश के खिलाफ दुराचार और पॉक्सो एक्ट 4, 6 के तहत केस दर्ज किया था।
25 मई 2016 को दर्ज मामले में शिकायतकर्ता पीड़िता के पिता थे। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि 24 मई की रात को वह ड्यूटी से घर आए थे। वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में बतौर क्लर्क काम करते हैं। रात करीब 8:30 बजे उनकी आठ साल की बेटी रोते हुए बाहर से आई। उन्होंने इसका कारण पूछा तो उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाले सतीश अंकल ने उससे गलत काम किया है। बच्ची की हालत खराब देख परिजन उसे जीएमसीएच-32 ले गए। वहां उन्होंने पुलिस को भी घटना की सूचना दी। मेडिकल में दुराचार की पुष्टि होने पर पुलिस ने सतीश के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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एफडी के तौर पर मिलेगा मुआवजा
अदालत के आदेश के अनुसार दोषी पर लगाए गए जुर्माने में से दो लाख रुपये बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश किए गए हैं। यह राशि एफडी के तौर पर दी जाएगी, जो उसके बालिग होने पर ही उसे मिलेगी। वहीं अगर उसे इस राशि की जरूरत उसके बालिग होने से पहले पड़ती है तो उसके लिए अदालत से मंजूरी लेनी होगी।
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- अदालत ने 2.05 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया
- जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये पीड़िता को बतौर मुआवजा देने के आदेश