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सीबीआई ने लगाया ट्रैप, सब-इंस्पेक्टर गाड़ी को टक्कर मारकर हुआ रफू चक्कर
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सीबीआई ने लगाया ट्रैप, सब-इंस्पेक्टर गाड़ी को टक्कर मारकर रफू चक्कर
-करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज, थाना एसएचओ को किया लाइन हाजिर
-चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में दस हजार रुपये लेने के आरोप
-महिला के घर से करीब तीन महीने पहले चोरी किए थे करीब 2.50 लाख के गहने
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चोरी मामले के चार आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने और समझौता करवाने के एवज में दस हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपी सेक्टर-31 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह पर सीबीआई, चंडीगढ़ की टीम ने शुक्रवार को ट्रैप लगाया। रात करीब आठ बजे सीबीआई टीम के सदस्य हल्लोमाजरा में एक कबाड़ी की दुकान के पास पहुंचे। सीबीआई टीम के मुताबिक एसआई राजबीर सिंह चोरी मामले के चार नाबालिग आरोपियों से दस हजार रुपये लेकर निकल रहा था। लेकिन उसकी नजर टवेरा गाड़ी में बैठे सीबीआई कर्मियों पर पड़ गई। इसके बाद राजबीर दस हजार रुपये समेत अपनी निजी कार से मौके से तेज रफ्तार में फरार हो गया। एसआई ने फरार होते समय सीबीआई कर्मियों को रौंदने का प्रयास किया और उनकी कार को टक्कर मार दी। सीबीआई ने उसे पकड़ने का प्रयास भी किया लेकिन आरोपी एसआई भाग निकलने में कामयाब रहा। एसआई की कार की चपेट में कुछ अन्य गाड़ियां भी आईं और कुछ लोग भी बाल बाल बचे। एसआई राजबीर सिंह को बावर्दी फरार होता देख लोग हैरानी में पड़ गए कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जो पुलिसकर्मी अंधाधुंध गाड़ी चलाते जा रहा है। सीबीआई टीम ने एसआई राजबीर सिंह के खिलाफ शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
ट्रैप की सूचना से विभाग में हड़कंप
सीबीआई के ट्रैप की सूचना पर यूटी पुलिस विभाग में देर रात तक हड़कंप मचा रहा। विभागीय उच्चाधिकारियों ने तुरंत डीएसपी साउथ, आईपीएस निहारिका भट्ट समेत मलोया थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह व अन्यों को सेक्टर-31 थाने जाकर जानकारी लेने को कहा। निहारिका भट्ट सीबीआई के एसपी रामगोपाल से मिली और पूरी जानकारी हासिल की।
थाना एसएचओ को किया लाइन हाजिर
सीबीआई की कार्रवाई के तुरंत बाद यूटी पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने सेक्टर-31 थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर गुरजीत कौर को कार्यमुक्त कर लाइन भेज दिया। थाना-31 का कार्यकारी एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह को लगाया गया है।
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महिला के घर से 2.50 लाख के गहने चोरी का था मामला
बीते करीब तीन महीने पहले हल्लोमाजरा निवासी एक महिला के घर से चोर करीब 2.50 लाख रुपये के गहने ले उड़े थे। महिला को दुकान पर काम करने वाले युवक पर शक था। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को शिकायत की और जांच में शक सही साबित हुआ। लेकिन आरोप है कि एसआई राजबीर सिंह ने आरोपी नाबालिगों का शिकायतकर्ता से समझौता करवाने और मामले में कार्रवाई नहीं करने के एवज में उनसे रिश्वत की मांग की। आरोपियों के थोड़ा थोड़ा कर पैसे लौटाने के भरोसे पर समझौता हुआ था। लेकिन एसआई राजबीर सिंह ने पहले नाबालिगों से पांच हजार रुपये लिए। दोबारा उसने शुक्रवार की रात फिर नाबालिगों से दस हजार रुपये लिए। लेकिन शुक्रवार से पहले शिकायत मिलने पर सीबीआई टीम ट्रैप लगाकर तैयार थी।
सीबीआई ने थाना-31 में तैनात एसआई मोहन सिंह को किया था गिरफ्तार
1. सीबीआई ने वर्ष 2017 के अक्टूबर महीने में भी सेक्टर-31 थाने में ट्रैप लगाया था। इस दौरान सीबीआई ने थाने में तैनात एसआई मोहन सिंह को करीब दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ काबू किया था। मामले में तत्कालीन एसएचओ जसविंदर कौर को एसएचओ के चार्ज से मुक्त कर लाइन हाजिर कर दिया गया था।
2. वर्ष 2018 के मई महीने में सीबीआई ने थाना इंडस्ट्रियल एरिया में तैनात प्रोबेशनर भर्ती हुए एसआई सेवा सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। साथ ही बिचौलिए अजय कुमार को भी गिरफ्तार किया था।
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सीबीआई ने लगाया ट्रैप, सब-इंस्पेक्टर गाड़ी को टक्कर मारकर रफू चक्कर
-करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज, थाना एसएचओ को किया लाइन हाजिर
-चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में दस हजार रुपये लेने के आरोप
-महिला के घर से करीब तीन महीने पहले चोरी किए थे करीब 2.50 लाख के गहने
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चोरी मामले के चार आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने और समझौता करवाने के एवज में दस हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपी सेक्टर-31 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह पर सीबीआई, चंडीगढ़ की टीम ने शुक्रवार को ट्रैप लगाया। रात करीब आठ बजे सीबीआई टीम के सदस्य हल्लोमाजरा में एक कबाड़ी की दुकान के पास पहुंचे। सीबीआई टीम के मुताबिक एसआई राजबीर सिंह चोरी मामले के चार नाबालिग आरोपियों से दस हजार रुपये लेकर निकल रहा था। लेकिन उसकी नजर टवेरा गाड़ी में बैठे सीबीआई कर्मियों पर पड़ गई। इसके बाद राजबीर दस हजार रुपये समेत अपनी निजी कार से मौके से तेज रफ्तार में फरार हो गया। एसआई ने फरार होते समय सीबीआई कर्मियों को रौंदने का प्रयास किया और उनकी कार को टक्कर मार दी। सीबीआई ने उसे पकड़ने का प्रयास भी किया लेकिन आरोपी एसआई भाग निकलने में कामयाब रहा। एसआई की कार की चपेट में कुछ अन्य गाड़ियां भी आईं और कुछ लोग भी बाल बाल बचे। एसआई राजबीर सिंह को बावर्दी फरार होता देख लोग हैरानी में पड़ गए कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जो पुलिसकर्मी अंधाधुंध गाड़ी चलाते जा रहा है। सीबीआई टीम ने एसआई राजबीर सिंह के खिलाफ शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
ट्रैप की सूचना से विभाग में हड़कंप
सीबीआई के ट्रैप की सूचना पर यूटी पुलिस विभाग में देर रात तक हड़कंप मचा रहा। विभागीय उच्चाधिकारियों ने तुरंत डीएसपी साउथ, आईपीएस निहारिका भट्ट समेत मलोया थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह व अन्यों को सेक्टर-31 थाने जाकर जानकारी लेने को कहा। निहारिका भट्ट सीबीआई के एसपी रामगोपाल से मिली और पूरी जानकारी हासिल की।
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थाना एसएचओ को किया लाइन हाजिर
सीबीआई की कार्रवाई के तुरंत बाद यूटी पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने सेक्टर-31 थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर गुरजीत कौर को कार्यमुक्त कर लाइन भेज दिया। थाना-31 का कार्यकारी एसएचओ इंस्पेक्टर राजदीप सिंह को लगाया गया है।
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महिला के घर से 2.50 लाख के गहने चोरी का था मामला
बीते करीब तीन महीने पहले हल्लोमाजरा निवासी एक महिला के घर से चोर करीब 2.50 लाख रुपये के गहने ले उड़े थे। महिला को दुकान पर काम करने वाले युवक पर शक था। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को शिकायत की और जांच में शक सही साबित हुआ। लेकिन आरोप है कि एसआई राजबीर सिंह ने आरोपी नाबालिगों का शिकायतकर्ता से समझौता करवाने और मामले में कार्रवाई नहीं करने के एवज में उनसे रिश्वत की मांग की। आरोपियों के थोड़ा थोड़ा कर पैसे लौटाने के भरोसे पर समझौता हुआ था। लेकिन एसआई राजबीर सिंह ने पहले नाबालिगों से पांच हजार रुपये लिए। दोबारा उसने शुक्रवार की रात फिर नाबालिगों से दस हजार रुपये लिए। लेकिन शुक्रवार से पहले शिकायत मिलने पर सीबीआई टीम ट्रैप लगाकर तैयार थी।
सीबीआई ने थाना-31 में तैनात एसआई मोहन सिंह को किया था गिरफ्तार
1. सीबीआई ने वर्ष 2017 के अक्टूबर महीने में भी सेक्टर-31 थाने में ट्रैप लगाया था। इस दौरान सीबीआई ने थाने में तैनात एसआई मोहन सिंह को करीब दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ काबू किया था। मामले में तत्कालीन एसएचओ जसविंदर कौर को एसएचओ के चार्ज से मुक्त कर लाइन हाजिर कर दिया गया था।
2. वर्ष 2018 के मई महीने में सीबीआई ने थाना इंडस्ट्रियल एरिया में तैनात प्रोबेशनर भर्ती हुए एसआई सेवा सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। साथ ही बिचौलिए अजय कुमार को भी गिरफ्तार किया था।