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किसानों की फसल हड़पने वालों से न्यायालय को हमदर्दी नहीं : हाईकोर्ट

Fri, 29 Jan 2021 02:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2021 02:38 AM IST
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Court is not sympathetic to farmers who grab crop: High court
चंडीगढ़। किसानों से ठगी के आरोपी आढ़ती दंपती की अग्रिम जमानत याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि किसानों से ठगी करने वालों के लिए न्यायालय के दिल में कोई हमदर्दी नहीं है।
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संगरूर निवासी विजय कुमार व उसकी पत्नी दर्शना रानी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत देने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं के खिलाफ पुलिस को किसानों ने शिकायत सौंपी थी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप के अनुसार याची परिवार आढ़ती का काम करता है। किसानों ने उन्हें धान की फसल बेची लेकिन सरकार को यह फसल बेचने के बाद भी याचिकाकर्ताओं ने इसके लिए किसानों को भुगतान नहीं किया। 70 लाख की फसल के लिए केवल 28 लाख दिए गए और पूर्व में बेची फसल में भी धांधली की गई। शिकायत के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने किसानों से ठगी कर करोड़ों की संपत्ति बनाई है।
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निचली अदालत दिसंबर में जमानत से कर चुकी इनकार
इस मामले में निचली अदालत ने दिसंबर माह में ही याचिकाकर्ताओं को जमानत से इनकार कर दिया था। याची ने कहा कि किसानों का उनके पास कोई बकाया नहीं है। याचिकाकर्ता बीमार रहते हैं और जांच में सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने जमानत खारिज करते हुए कहा कि वृद्घ या बीमार होना किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले में जमानत का आधार नहीं बन सकता। कड़ी मेहनत और लगन से उगाई गई फसल का दाम किसानों को न मिलना उनसे अन्याय है। किसानों की फसल का पैसा हड़पने वाले राहत के हकदार नहीं।
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