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Panchkula News: सीटी स्कैन, एमआरआई में की जा रही ज्यादा वसूली की जांच के लिए कमेटी गठित
Fri, 08 Aug 2025 08:42 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Updated Fri, 08 Aug 2025 08:42 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। सिविल अस्पताल के पीछे सरकारी जगह में बने कृष्णा डायग्नोस सेंटर में गरीब मरीजों के सीटी स्कैन, एमआरआई की जांच की ज्यादा वसूली की जा रही थी। डाॅक्टर गजेंद्रा सिंह शेखावत ने अप्रैल 2025 को डीसी को इसकी शिकायत भेजी थी।
इस मामले में पंजाब हेल्थ सिस्टम काॅरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ने उक्त पूरे मामले की जांच के लिए डायरेक्टर पीएसएससी, डिप्टी डायरेक्टर, प्रोजेक्ट, मोहाली सिविल अस्पताल के रेडियोलोजिस्ट डाॅक्टर गुरप्रीत सिंह और एसीएफए पीएसएससी के नाम आधारित कमेटी बनाई है। उक्त कमेटी को आदेश दिए हैं कि वे उक्त पूरे मामले की जांच 10 दिन में करके अपनी रिपोर्ट सबमिट करें।
डाॅक्टर शेखावत की शिकायत मिलने के बाद डीसी ने जांच के लिए एडीसी पूनम सिंह को आदेश दिए। एडीसी ने जांच शुरू कर दी। उन्होंने जांच में बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुसार डाॅक्टर पंजाब मेडिकल काउंसिल से रजिस्टर्ड होना चाहिए और सिविल सर्जन कम जिला समरथ अधिकारी द्वारा ही रिपोर्ट बनाई जानी चाहिए। उक्त सेंटर में 80 फीसदी से ज्यादा रिपोर्ट अवैध डाॅक्टरों द्वारा गलत तरीके से बनाई गई हैं। कृष्णा डायग्नोस सेंटर के अधिकारी ने जांच में शामिल होकर एडीसी को बताया कि हमारे पास रेडियोलोजिस्ट मौजूद रहता है, परंतु वह इस तथ्य के बारे में कोई भी सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं कर पाए।
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एडीसी ने जांच के दौरान डाॅक्टर शेखावत द्वारा उक्त सेंटर पर आने वाले मरीजों से सरकारी रेट से ज्यादा पैसे लेने के आरोप को सही पाया। उक्त सेंटर मरीजों से सरकारी रेट से ज्यादा 15 से 20 फीसदी ज्यादा रेट वसूल रहा था। यहां पीसीपीएनडीटी एक्ट की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी।
एडीसी ने जांच रिपोर्ट में लिखा कि सिविल अस्पताल की समरथ अथारिटी की भूमिका भी संदिग्ध है। इस सेंटर की पहले भी पटियाला में एक्स्ट्रा फिल्म के नाम ज्यादा पैसे लेने का मामला 2024 में सामने आ चुका है। एडीसी की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर डीसी शौकत अहमद परे ने पूरी जांच रिपोर्ट को पंजाब के प्रिंसिपल सचिव के पास अगली कार्रवाई के लिए भेज दिया है। इसके अलावा पंजाब एंट्री करप्शन ने मामले की जांच करवाने के बाद अपनी रिपोर्ट विजिलेंस के बड़े अधिकारियों के पास भेज दी थी।
अब उसी जांच रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं पर जांच के लिए पंजाब हेल्थ सिस्टम काॅरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ने डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, पीएचएससी, मोहाली सिविल अस्पताल के डाॅक्टर गुरप्रीत सिंह रेडियोलोजिस्ट, एसीएफए के नाम पर आधारित चार सदस्य कमेटी को गठित किया है। उक्त कमेटी को स्पष्ट तौर पर आदेश दिए गए हैं कि उक्त पूरे मामले की जांच करके 10 दिन में अपनी रिपोर्ट सबमिट करें।
शिकायतकर्ता डाॅक्टर शेखावत ने खुलासा किया है कि उनको आरटीआई के तहत मिली सूचना से पता चला है कि उक्त डायग्नोस सेंटर पर रेडियोलोजिस्ट डाॅक्टर की तैनाती सुबह 6 से सुबह 10 बजे तक ही रहती है। जबकि उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज सुबह 10 से शाम 7 बजे तक होते हैं। ऐसे में उक्त सेंटर द्वारा मरीजों की जांच करने में कोताही की जा रही है।
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बठिंडा। सिविल अस्पताल के पीछे सरकारी जगह में बने कृष्णा डायग्नोस सेंटर में गरीब मरीजों के सीटी स्कैन, एमआरआई की जांच की ज्यादा वसूली की जा रही थी। डाॅक्टर गजेंद्रा सिंह शेखावत ने अप्रैल 2025 को डीसी को इसकी शिकायत भेजी थी।
इस मामले में पंजाब हेल्थ सिस्टम काॅरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ने उक्त पूरे मामले की जांच के लिए डायरेक्टर पीएसएससी, डिप्टी डायरेक्टर, प्रोजेक्ट, मोहाली सिविल अस्पताल के रेडियोलोजिस्ट डाॅक्टर गुरप्रीत सिंह और एसीएफए पीएसएससी के नाम आधारित कमेटी बनाई है। उक्त कमेटी को आदेश दिए हैं कि वे उक्त पूरे मामले की जांच 10 दिन में करके अपनी रिपोर्ट सबमिट करें।
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डाॅक्टर शेखावत की शिकायत मिलने के बाद डीसी ने जांच के लिए एडीसी पूनम सिंह को आदेश दिए। एडीसी ने जांच शुरू कर दी। उन्होंने जांच में बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के अनुसार डाॅक्टर पंजाब मेडिकल काउंसिल से रजिस्टर्ड होना चाहिए और सिविल सर्जन कम जिला समरथ अधिकारी द्वारा ही रिपोर्ट बनाई जानी चाहिए। उक्त सेंटर में 80 फीसदी से ज्यादा रिपोर्ट अवैध डाॅक्टरों द्वारा गलत तरीके से बनाई गई हैं। कृष्णा डायग्नोस सेंटर के अधिकारी ने जांच में शामिल होकर एडीसी को बताया कि हमारे पास रेडियोलोजिस्ट मौजूद रहता है, परंतु वह इस तथ्य के बारे में कोई भी सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं कर पाए।
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एडीसी ने जांच के दौरान डाॅक्टर शेखावत द्वारा उक्त सेंटर पर आने वाले मरीजों से सरकारी रेट से ज्यादा पैसे लेने के आरोप को सही पाया। उक्त सेंटर मरीजों से सरकारी रेट से ज्यादा 15 से 20 फीसदी ज्यादा रेट वसूल रहा था। यहां पीसीपीएनडीटी एक्ट की भी सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी।
एडीसी ने जांच रिपोर्ट में लिखा कि सिविल अस्पताल की समरथ अथारिटी की भूमिका भी संदिग्ध है। इस सेंटर की पहले भी पटियाला में एक्स्ट्रा फिल्म के नाम ज्यादा पैसे लेने का मामला 2024 में सामने आ चुका है। एडीसी की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर डीसी शौकत अहमद परे ने पूरी जांच रिपोर्ट को पंजाब के प्रिंसिपल सचिव के पास अगली कार्रवाई के लिए भेज दिया है। इसके अलावा पंजाब एंट्री करप्शन ने मामले की जांच करवाने के बाद अपनी रिपोर्ट विजिलेंस के बड़े अधिकारियों के पास भेज दी थी।
अब उसी जांच रिपोर्ट में उठाए गए बिंदुओं पर जांच के लिए पंजाब हेल्थ सिस्टम काॅरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर ने डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, पीएचएससी, मोहाली सिविल अस्पताल के डाॅक्टर गुरप्रीत सिंह रेडियोलोजिस्ट, एसीएफए के नाम पर आधारित चार सदस्य कमेटी को गठित किया है। उक्त कमेटी को स्पष्ट तौर पर आदेश दिए गए हैं कि उक्त पूरे मामले की जांच करके 10 दिन में अपनी रिपोर्ट सबमिट करें।
शिकायतकर्ता डाॅक्टर शेखावत ने खुलासा किया है कि उनको आरटीआई के तहत मिली सूचना से पता चला है कि उक्त डायग्नोस सेंटर पर रेडियोलोजिस्ट डाॅक्टर की तैनाती सुबह 6 से सुबह 10 बजे तक ही रहती है। जबकि उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीज सुबह 10 से शाम 7 बजे तक होते हैं। ऐसे में उक्त सेंटर द्वारा मरीजों की जांच करने में कोताही की जा रही है।