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सरकारी अस्पतालों में फिर से सर्जरी शुरू करने के आदेश
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चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते डेढ़ माह से सरकारी अस्पतालों में बंद सर्जरी को फिर से शुरू करने के आदेश दिए हैं। पिछले कुछ दिनों में कोरोना के केसों में आई गिरावट के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसके लिए पत्र लिखकर आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि मरीजों को आ रही परेशानी को देखते हुए ही ये फैसला लिया गया है। पत्र जारी होने के बाद से ऑपरेशन थियटरों को फिर से तैयार किया जा रहा है। इस फैसले से आमजन को काफी राहत मिलेगी और प्रभावित मरीजों के आपरेशन हो सकेंगे। संभावना है कि एक से दो दिन में सर्जरी शुरू हो जाएंगी।
बता दें कि कोरोना के पीक पर जाने के बाद 20 अप्रैल से मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में इलेक्टिव सर्जरी बंद कर दी गई थी। कोरोना काल में केवल इमरजेंसी सर्जरी की जा रही थी, जबकि सामान्य मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इसके बाद से या तो मरीजों को आगे की तिथि दी गई थी या फिर मरीजों ने निजी अस्पतालों का रुख किया था। निजी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए मोटी फीस चार्ज की जाती है। इसलिए मध्यम व जरूरतमंद वर्ग के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई थी। जून में कोरोना के केस 200 तक रह जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी समीक्षा की। अमर उजाला ने 16 जून के अंक में मरीजों की अटकी सर्जरी के समस्या को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।
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बता दें कि कोरोना के पीक पर जाने के बाद 20 अप्रैल से मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में इलेक्टिव सर्जरी बंद कर दी गई थी। कोरोना काल में केवल इमरजेंसी सर्जरी की जा रही थी, जबकि सामान्य मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। इसके बाद से या तो मरीजों को आगे की तिथि दी गई थी या फिर मरीजों ने निजी अस्पतालों का रुख किया था। निजी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए मोटी फीस चार्ज की जाती है। इसलिए मध्यम व जरूरतमंद वर्ग के लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई थी। जून में कोरोना के केस 200 तक रह जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसकी समीक्षा की। अमर उजाला ने 16 जून के अंक में मरीजों की अटकी सर्जरी के समस्या को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।
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