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Panchkula News: निमोनिया के प्रभाव में बच्चे, ओपीडी में रोजाना आ रहे 20 मामले
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सर्दी बढ़ने के बाद सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में बच्चों में निमोनिया के मामले बढ़ रहे हैं। बच्चों की ओपीडी में रोजाना 20 से अधिक मामले इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें पांच से सात बच्चों को भर्ती भी किया जा रहा है। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि निमोनिया संक्रामक नहीं है, लेकिन सांस की नली में रुके वायरस और बैक्टीरिया बीमारी का कारण बनते हैं।
जब ये कीटाणु बच्चे के मुंह या नाक में होते हैं तो उसके खांसने और छींकने से रोग फैला जाता है। संक्रमित के इस्तेमाल किए टिश्यू या रूमाल छूने से भी निमोनिया फैल सकता है। अगर घर में किसी को सांस या गले का संक्रमण है, तो पीने के गिलास और बर्तनों को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें। अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं। बीमार बच्चों से स्वस्थ बच्चों को दूर रखें। अस्पताल में रोजाना बच्चों की ओपीडी 250 है। इसमें 20 मामले निमोनिया के सामने आ रहे हैं।
यह लक्षण दिखें तो कराएं इलाज
बाल रोग विशेषज्ञ सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि अगर बच्चे के सीने में बलगम जमा होता है। सांसें अचानक तेज हो जाए, कमजोरी महसूस हो, भूख नहीं लगना, खांसी और नाक बहने के लक्षण सामने आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इससे समय पर मरीज का इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि अगर यह लक्षण बुजुर्गों में हो तो वह डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाएं।
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पंचकूला। सर्दी बढ़ने के बाद सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में बच्चों में निमोनिया के मामले बढ़ रहे हैं। बच्चों की ओपीडी में रोजाना 20 से अधिक मामले इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें पांच से सात बच्चों को भर्ती भी किया जा रहा है। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि निमोनिया संक्रामक नहीं है, लेकिन सांस की नली में रुके वायरस और बैक्टीरिया बीमारी का कारण बनते हैं।
जब ये कीटाणु बच्चे के मुंह या नाक में होते हैं तो उसके खांसने और छींकने से रोग फैला जाता है। संक्रमित के इस्तेमाल किए टिश्यू या रूमाल छूने से भी निमोनिया फैल सकता है। अगर घर में किसी को सांस या गले का संक्रमण है, तो पीने के गिलास और बर्तनों को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें। अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं। बीमार बच्चों से स्वस्थ बच्चों को दूर रखें। अस्पताल में रोजाना बच्चों की ओपीडी 250 है। इसमें 20 मामले निमोनिया के सामने आ रहे हैं।
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यह लक्षण दिखें तो कराएं इलाज
बाल रोग विशेषज्ञ सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि अगर बच्चे के सीने में बलगम जमा होता है। सांसें अचानक तेज हो जाए, कमजोरी महसूस हो, भूख नहीं लगना, खांसी और नाक बहने के लक्षण सामने आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। इससे समय पर मरीज का इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि अगर यह लक्षण बुजुर्गों में हो तो वह डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाएं।
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