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पंचकूला में वकील से मारपीट के विरोध में अदालत में कामकाज ठप
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चंडीगढ़। पंचकूला में पार्किंग विवाद के चलते वकील को जबरन दफ्तर से उठाने और थाने ले जाकर पीटने के विरोध में सोमवार को चंडीगढ़ जिला अदालत में हड़ताल रही। इसकी वजह से ज्यादातर केसों की सुनवाई नहीं हो सकी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वकीलों की हड़ताल से करीब 800 केस प्रभावित हुए।
सोमवार दोपहर दो बजे तक कोई भी वकील कोर्ट परिसर में नहीं पहुंचा, लेकिन दो बजे लंच खत्म होने के बाद कुछ वकील कोर्ट पहुंचे। बता दें कि बीते रविवार को पंचकूला पुलिस सेक्टर-4 निवासी एक वकील को जबरन उठाकर थाने ले गई और उनसे मारपीट की। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
इसी के विरोध में सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में सोमवार को वकील हड़ताल पर रहे। चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन के प्रधान वकील भाग सिंह सुहाग ने कहा कि वकील दीपक अग्रवाल के साथ की गई पुलिस की बर्बरता माफी योग्य नहीं है। अग्रवाल ने अपनी समस्या से पुलिस को अवगत कराया था। क्या पुलिस को सूचित करना गलत है। वकील ने तो सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था। व्यक्ति को समझाने के बावजूद वह अपना स्कूटर नहीं हटा रहा था। इसकी वजह से अग्रवाल को डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी देनी पड़ी।
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सोमवार दोपहर दो बजे तक कोई भी वकील कोर्ट परिसर में नहीं पहुंचा, लेकिन दो बजे लंच खत्म होने के बाद कुछ वकील कोर्ट पहुंचे। बता दें कि बीते रविवार को पंचकूला पुलिस सेक्टर-4 निवासी एक वकील को जबरन उठाकर थाने ले गई और उनसे मारपीट की। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
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इसी के विरोध में सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में सोमवार को वकील हड़ताल पर रहे। चंडीगढ़ जिला बार एसोसिएशन के प्रधान वकील भाग सिंह सुहाग ने कहा कि वकील दीपक अग्रवाल के साथ की गई पुलिस की बर्बरता माफी योग्य नहीं है। अग्रवाल ने अपनी समस्या से पुलिस को अवगत कराया था। क्या पुलिस को सूचित करना गलत है। वकील ने तो सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का पालन किया था। व्यक्ति को समझाने के बावजूद वह अपना स्कूटर नहीं हटा रहा था। इसकी वजह से अग्रवाल को डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी देनी पड़ी।
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