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इलेक्ट्रिक बसों के लिए चंडीगढ़ को करना होगा अभी इंतजार, चीन जाकर दूर किए गए थे संदेह
Wed, 29 Jan 2020 02:08 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 02:08 PM IST
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चंडीगढ़वासियों को इलेक्ट्रिक बसों के लिए अभी और इंतजार करना होगा। 30 जनवरी को गवर्नेंस बॉडी की बैठक रखी गई है। इसमें ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से इलेक्ट्रिक बस के दोबारा टेंडर को लेकर प्रस्ताव लाया जाएगा। बैठक में अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो फरवरी में दोबारा टेंडर किया जाएगा।
पुराने टेंडर की प्रक्रिया को रद्द करने के बाद अब सीटीयू फिर से दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट विभाग काफी पीछे हो गया है। पहले हुए टेंडर के अनुसार बसों को चलाने के लिए जो कंपनी सामने आई थी, वह प्रति किलोमीटर के लिए 74 रुपये मांग रही थी, जो बहुत ज्यादा है।
इसलिए ट्रांसपोर्ट विभाग ने पुराने टेंडर को रद्द करने के बाद नए सिरे से टेंडर करने का फैसला लिया है। दोबारा टेंडर लगाने से बसों की खेप मिलने में देरी हो सकती है, जिससे आगे खरीदी जाने वाली 40 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी लटक गई है क्योंकि रेट अभी तय नहीं हो पाए हैं।
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पुणे में 56 रुपये प्रति किमी के हिसाब से चल रहीं इलेक्ट्रिक बसें
सीटीयू ने पहले 40 इलेक्ट्रिक बसों को लेकर टेंडर जारी किया था। इसमें बसों की रनिंग कॉस्ट 74 रुपये बताई गई थी। इसे लेकर जब अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की तो पाया कि अन्य राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों की रनिंग कॉस्ट इस टेंडर में कोट किए गए रेट के मुकाबले काफी कम है।
इसे लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता ने पुणे का दौरा किया। पुणे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन महज 56 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हो रहा है। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके बाद फैसला लिया गया कि इलेक्ट्रिक बसों को लेकर नए सिरे से टेंडर लगाया जाएगा।
चीन जाकर अफसरों ने अपने संदेह किए थे दूर
चीन जाकर असफरों ने इलेक्ट्रिक बसों को लेकर अपने सभी संदेह दूर किए थे। चीन के शंघाई और शेन्झेन में करीब सवा दो करोड़ की आबादी है। शेन्झेन में पिछले पांच साल से करीब 17 हजार इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। अधिकारियों ने बसों में सफर भी किया। इसके अलावा चार्जिंग से लेकर मेंटीनेंस की प्रक्रिया को भी चेक किया था।
साथ ही बसें बनाने वाली कंपनी और इन्हें संचालित करने वाले ट्रांसपोर्ट विभाग और अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।
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पुराने टेंडर की प्रक्रिया को रद्द करने के बाद अब सीटीयू फिर से दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट विभाग काफी पीछे हो गया है। पहले हुए टेंडर के अनुसार बसों को चलाने के लिए जो कंपनी सामने आई थी, वह प्रति किलोमीटर के लिए 74 रुपये मांग रही थी, जो बहुत ज्यादा है।
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इसलिए ट्रांसपोर्ट विभाग ने पुराने टेंडर को रद्द करने के बाद नए सिरे से टेंडर करने का फैसला लिया है। दोबारा टेंडर लगाने से बसों की खेप मिलने में देरी हो सकती है, जिससे आगे खरीदी जाने वाली 40 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद भी लटक गई है क्योंकि रेट अभी तय नहीं हो पाए हैं।
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पुणे में 56 रुपये प्रति किमी के हिसाब से चल रहीं इलेक्ट्रिक बसें
सीटीयू ने पहले 40 इलेक्ट्रिक बसों को लेकर टेंडर जारी किया था। इसमें बसों की रनिंग कॉस्ट 74 रुपये बताई गई थी। इसे लेकर जब अधिकारियों ने पड़ताल शुरू की तो पाया कि अन्य राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों की रनिंग कॉस्ट इस टेंडर में कोट किए गए रेट के मुकाबले काफी कम है।
इसे लेकर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर उमाशंकर गुप्ता ने पुणे का दौरा किया। पुणे में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन महज 56 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से हो रहा है। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके बाद फैसला लिया गया कि इलेक्ट्रिक बसों को लेकर नए सिरे से टेंडर लगाया जाएगा।
चीन जाकर अफसरों ने अपने संदेह किए थे दूर
चीन जाकर असफरों ने इलेक्ट्रिक बसों को लेकर अपने सभी संदेह दूर किए थे। चीन के शंघाई और शेन्झेन में करीब सवा दो करोड़ की आबादी है। शेन्झेन में पिछले पांच साल से करीब 17 हजार इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। अधिकारियों ने बसों में सफर भी किया। इसके अलावा चार्जिंग से लेकर मेंटीनेंस की प्रक्रिया को भी चेक किया था।
साथ ही बसें बनाने वाली कंपनी और इन्हें संचालित करने वाले ट्रांसपोर्ट विभाग और अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।