चंडीगढ़ में कम नहीं होगी पानी की कीमत, निगम के प्रस्ताव पर प्रशासन का सवाल-घाटा कैसे पूरा होगा
चंडीगढ़ में पानी की बढ़ी दर को कम करने वाली फाइल को यूटी प्रशासन ने नगर निगम को लौटा दिया है। इसके साथ चंडीगढ़ प्रशासन ने नगर निगम से पूछा है कि हर साल जो घाटा हो रहा है, वह कैसे पूरा होगा। अब नगर निगम के जवाब के बाद ही इस पर विचार होगा।
निगम आयुक्त केके यादव ने कहा है कि निगम को हर साल 105 करोड़ का घाटा हो रहा है। यह स्थिति सदन के सामने रखी जाएगी। फिलहाल, लोगों को पानी की बढ़ी दर के हिसाब से ही बिलों का भुगतान करना होगा।
नगर निगम ने साल 2019 में पानी के बढ़े हुए दामों का एजेंडा सदन में पास कर प्रशासन के पास भेज दिया था। बीते साल अगस्त में प्रशासन ने इसका ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया। फरवरी की बैठक में भाजपा पार्षद पानी की दरों में संशोधन के लिए टेबल एजेंडा ले आए। इसे लेकर निगम आयुक्त और पार्षद अरुण सूद में काफी बहस भी हुई।
बाद में एजेंडा पास कर प्रशासन को भेज दिया गया। निगम आयुक्त ने कहा है कि निगम को हर साल लगभग 100 करोड़ का घाटा हो रहा है, इसलिए पानी की दर बढ़ाई गई है। प्रशासन ने पहले भेजे गए फैसले के अनुसार ही अंतिम नोटिफिकेशन जारी कर दिया और सितंबर से पानी के बढ़े हुए बिल जारी होने लगे।
निगम इस साल पानी की आपूर्ति पर 245 करोड़ खर्च करेगा। निगम ने पानी की बढ़ी दर के आधार पर 140 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा है। वहीं, निगम को 105 करोड़ रुपये खुद वहन करना होगा। निगम आयुक्त का कहना है कि साल 2011 के बाद से शहर में पानी की दर नहीं बढ़ी है, इसलिए रेट बढ़ाना जरूरी था, जिस पर सदन ने सहमति दी थी।
वर्ष 2019 में यह प्रस्ताव हुआ पास (दर किलोलीटर में)
- 0-10 केएल चार रुपये
- 11-20 केएल 8 रुपये
- 21-40 केएल 12 रुपये
- 40 केएल से अधिक का 30 रुपये
- शिक्षण संस्थान और होटल्स 25 रुपये प्रति केएल
- हॉस्पिटल, क्लीनिक 25 रुपये प्रति केएल
- पीजीआई 25 रुपये प्रति केएल
- सामुदायिक केंद्र/क्लब 25 रुपये प्रति केएल
- धोबी घाट, कोचिंग सेंटर 25 रुपये प्रति केएल
- सरकारी-अर्द्धसरकारी कार्यालय 25 रुपये प्रति केएल
- लॉन की सिंचाई 30 रुपये प्रति केएल
- बूथ (फास्टफूड/ढाबा) प्रति महीना 1500 रुपये
- एससीओ एससीएफ (जनरल ट्रेड) 1000 रुपये
- एससीओ-एससीएफ जो पानी को बिजनेस के लिए प्रयोग करते हैं, उनके लिए 2000 रुपये प्रति महीना
- होटल, सिनेमा शॉपिंग मॉल 5000 रुपये
- 0-15 किलोलीटर तक तीन रुपये
- 16-30 किलोलीटर छह रुपये
- 31-60 किलोलीटर 12 रुपये
- 60 किलोलीटर से अधिक 24 रुपये
- शिक्षण संस्थान और होटल्स 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- हॉस्पिटल, क्लीनिक 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- पीजीआई 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- सामुदायिक केंद्र/क्लब 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- धोबी घाट, कोचिंग सेंटर 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- सरकारी-अर्द्ध सरकारी कार्यालय 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- लॉन की सिंचाई 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- 31 से 60 रुपये की स्लैब 9 रुपये प्रति किलोलीटर
- सरकारी-अर्द्धसरकारी कार्यालय 25 रुपये प्रति किलोलीटर
- टर्सरी वाटर में बदलाव हो
- पानी के दुरुपयोग पर पहले 3 हजार, दूसरी बार 5 हजार चालान
- पब्लिक स्टैंड पोस्ट का 500 रुपये प्रति माह शुल्क
- हर साल की बजाय तीन साल में 10 प्रतिशत बढ़े शुल्क
नगर निगम सदन में पानी की आपूर्ति पर होने वाले खर्च का मुद्दा रखा जाएगा। चूंकि पानी की दर बढ़ाने का पहला प्रस्ताव भी सदन ने पास किया था और इस प्रस्ताव को भी सदन के सामने रखने को कहा गया है। आगामी सदन की बैठक में प्रशासन की ओर से पानी की बढ़ी दर को कम करने की फाइल लौटाने के विषय पर चर्चा कर प्रशासन को भेजा जाएगा।
-केके यादव, नगर निगम आयुक्त