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गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में म्यूजियम चलाने के लिए कंपनियां नहीं दिखा रहीं रूची
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चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में विंटेज कार म्यूजियम चलाने के लिए कंपनियां रुचि नहीं दिखा रही है। इस वजह से संस्कृति विभाग की ओर से किया गया दूसरा टेंडर भी फेल हो गया है। यहां म्यूजियम बनाना प्रशासक वीपी सिंह बदनौर का ड्रीम प्रोजेक्ट है, लेकिन कंपनियों की तरफ से रुचि नहीं दिखाने पर लग रहा है कि उद्घाटन किए बिना ही उनका कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
यूटी प्रशासन के संस्कृति विभाग की तरफ से हर महीने करीब साढ़े चार लाख रुपये केमासिक किराए पर म्यूजियम को चलाने के लिए इच्छुक कंपनियों व एजेंसियों से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन किसी कंपनी ने आवेदन नहीं किया। नियमों के अनुसार जो भी कंपनी इस काम के लिए तय की जाएगी, वह स्थापना के साथ ही म्यूजियम के रखरखाव और चलाने का काम भी देखेगी। प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में जहां पहले मशीनें चलती थीं, वहां विंटेज कार म्यूजियम बनना है। इसमें करीब 50 विंटेज कारें खड़ी हो सकेंगी।
बताया जा रहा है कि कार के पास उसके मालिक का नाम, मॉडल, कंपनी का नाम, चेसिस और ईंजन नंबर डिस्प्ले किया जाएगा। बिल्डिंग में दाखिल होते ही बाईं तरफ विंटेज कारों और बाइक का म्यूजियम होगा। अगला सेक्शन हेरिटेज फर्नीचर का होगा। इसमें पियरे जेनरे का डिजाइन फर्नीचर और अन्य हेरिटेज वर्क प्रदर्शित होगा। ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे के पत्र, मेनहोल कवर और कई अन्य आइटम यहां प्रदर्शित होंगी। प्रशासन के कला और संस्कृति विभाग ने शहर के अलावा ट्राइसिटी के लोगों से संपर्क किया है। इसमें करीब 24 लोग शामिल हैं, जो अपनी विंटेज कार को म्यूजियम में खड़ा करने के लिए सहमत हो गए हैं। गौरतलब है कि ये प्रोजेक्ट करीब तीन साल पहले से चल रहा है, लेकिन उस समय इस जगह पर गवर्नमेंट प्रेस की मशीनें बंद नहीं की गई थीं।
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यूटी प्रशासन के संस्कृति विभाग की तरफ से हर महीने करीब साढ़े चार लाख रुपये केमासिक किराए पर म्यूजियम को चलाने के लिए इच्छुक कंपनियों व एजेंसियों से आवेदन मांगे गए थे, लेकिन किसी कंपनी ने आवेदन नहीं किया। नियमों के अनुसार जो भी कंपनी इस काम के लिए तय की जाएगी, वह स्थापना के साथ ही म्यूजियम के रखरखाव और चलाने का काम भी देखेगी। प्रेस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में जहां पहले मशीनें चलती थीं, वहां विंटेज कार म्यूजियम बनना है। इसमें करीब 50 विंटेज कारें खड़ी हो सकेंगी।
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बताया जा रहा है कि कार के पास उसके मालिक का नाम, मॉडल, कंपनी का नाम, चेसिस और ईंजन नंबर डिस्प्ले किया जाएगा। बिल्डिंग में दाखिल होते ही बाईं तरफ विंटेज कारों और बाइक का म्यूजियम होगा। अगला सेक्शन हेरिटेज फर्नीचर का होगा। इसमें पियरे जेनरे का डिजाइन फर्नीचर और अन्य हेरिटेज वर्क प्रदर्शित होगा। ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे के पत्र, मेनहोल कवर और कई अन्य आइटम यहां प्रदर्शित होंगी। प्रशासन के कला और संस्कृति विभाग ने शहर के अलावा ट्राइसिटी के लोगों से संपर्क किया है। इसमें करीब 24 लोग शामिल हैं, जो अपनी विंटेज कार को म्यूजियम में खड़ा करने के लिए सहमत हो गए हैं। गौरतलब है कि ये प्रोजेक्ट करीब तीन साल पहले से चल रहा है, लेकिन उस समय इस जगह पर गवर्नमेंट प्रेस की मशीनें बंद नहीं की गई थीं।
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