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पंजाब में कर्मचारियों पर नई पेंशन स्कीम लागू करने को हाईकोर्ट में चुनौती
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चंडीगढ़। पंजाब में जनवरी 2004 के बाद की नियुक्तियों के लिए लागू नई पेंशन योजना (एनपीएस) को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
जिला गुरदासपुर के सरबजीत सिंह व अन्य ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। याची के वकील रंजीवन सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि याची समेत 268 शिक्षकों को ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग ने 2006-07 के दौरान विभिन्न जिला परिषदों में नियमित नियुक्त किया गया था। ऐसे में सेवा नियमों के तहत वह नियमित कर्मचारियों वाली पेंशन लाभ के हकदार हैं। पंजाब सरकार ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं व उनके वेतन, पेंशन आदि 2014 में राज्य के शिक्षा विभाग में विलय करने का आदेश दिया था। विलय के बाद जनवरी 2015 में उन पर भी एनपीएस लागू कर दिया गया।
वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार 9 जुलाई, 2012 से पहले भर्ती किए गए कर्मचारी पंजाब सिविल सेवा नियमों के तहत पुरानी पेंशन योजना के लिए हकदार हैं। याची ने कहा कि उन्हें जिला परिषद के आधीन नियुक्त किया गया था जो एक स्वायत्त निकाय है ऐसे में वह पुरानी पेंशन योजना के हकदार हैं। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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जिला गुरदासपुर के सरबजीत सिंह व अन्य ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। याची के वकील रंजीवन सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि याची समेत 268 शिक्षकों को ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग ने 2006-07 के दौरान विभिन्न जिला परिषदों में नियमित नियुक्त किया गया था। ऐसे में सेवा नियमों के तहत वह नियमित कर्मचारियों वाली पेंशन लाभ के हकदार हैं। पंजाब सरकार ने याचिकाकर्ताओं की सेवाओं व उनके वेतन, पेंशन आदि 2014 में राज्य के शिक्षा विभाग में विलय करने का आदेश दिया था। विलय के बाद जनवरी 2015 में उन पर भी एनपीएस लागू कर दिया गया।
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वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार 9 जुलाई, 2012 से पहले भर्ती किए गए कर्मचारी पंजाब सिविल सेवा नियमों के तहत पुरानी पेंशन योजना के लिए हकदार हैं। याची ने कहा कि उन्हें जिला परिषद के आधीन नियुक्त किया गया था जो एक स्वायत्त निकाय है ऐसे में वह पुरानी पेंशन योजना के हकदार हैं। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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