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अवैध खनन पर सख्ती से कार्रवाई के लिए जवाब दे केंद्र और पंजाब सरकार: हाईकोर्ट

Tue, 26 Sep 2023 01:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Sep 2023 01:26 AM IST
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Central and Punjab government should answer for strict action on illegal mining: High Court
चंडीगढ़। बढ़ते अवैध खनन के मामलों और इससे पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध खनन रोकने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा सौंपने का पंजाब व केंद्र सरकार को आदेश दिया है। इसके साथ ही सरहद के 5 किलोमीटर के दायरे में खनन पर प्रतिबंध लगाने को लेकर भी दोनों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पंजाब पीने के पानी को तरस जाएगा।
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इस मामले में चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। पंजाब सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही अवैध खनन करते हुए नियमों और मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा हैै बल्कि प्राकृतिक आपदा का भय भी बढ़ जाता है।
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पिछली सुनवाई पर केंद्र सरकार ने बताया था कि पंजाब सरकार को कई बार सीमा पर अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए कहा था लेकिन कोई ठोस काम नहींं किया गया। बीएसएफ, सेना व केंद्र सरकार भी अवैध खनन और इसके जरिये सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने की दिशा में काम कर रही है। केंद्र सरकार अब योजना बना रही है कि सीमा के पांच किलोमीटर क्षेत्र में खनन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाए। हाईकोर्ट ने केंद्र की तारीफ की और कहा कि यदि ऐसा हुआ तो सीमा पर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
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हाईकोर्ट ने कहा था कि कई राज्यों में पानी के स्त्रोतों के जीर्णोद्धार के लिए काम किया जा रहा है। इस दौरान याची पक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश में जिस प्रकार भू जल स्तर में सुधार हुआ है वह सभी के लिए उदाहरण है। गुजरात में भी भू जल स्तर में सुधार के लिए किया गया काम उल्लेखनीय है। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार इस ओर ध्यान ही नहीं दे रही है। यदि जल माध्यमों के जीर्णोद्धार व अवैध खनन को रोकने की दिशा में काम नहीं किया गया तो आने वाले समय में पंजाब सिंचाई तो दूर पीने के पानी को तरस जाएगा।


बीएसएफ व सेना उठा चुकी है सवाल

बीएसएफ और सेना इससे पहले हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गढ्डे बन गए हैं। इनके चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके साथ ही यह गढ्डे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इसका फायदा उठाकर ड्रोन सीमा पार करवाए जाते हैं और इनसे नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं।
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