फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Center decision on RDF unfortunate, Says Captain Amarinder singh

कैप्टन बोले- आरडीएफ पर केंद्र का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण, सभी विधायकों से राष्ट्रपति से मिलने की अपील भी की

Fri, 30 Oct 2020 02:21 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 30 Oct 2020 02:21 AM IST
विज्ञापन
Center decision on RDF unfortunate, Says Captain Amarinder singh
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) को रोकने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को केंद्र सरकार को इस फैसले पर फिर से गौर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस कदम से राज्य में ग्रामीण विकास कार्यों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

विज्ञापन


केंद्र सरकार के फैसले के समय पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीएफ जारी न करने की ऐसी कोई रिवायत नहीं है, जो पिछले फंडों के प्रयोग की जांच के दौरान राज्य का बकाया है। उन्होंने इस मसले को सुलझाने के लिए वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को दिल्ली जाकर उपभोक्ता मामलों संबंधी केंद्रीय मंत्री से मिलने को कहा है, क्योंकि इस कदम ने राज्य को वित्तीय संकट के बीच और बड़ी चोट पहुंचाई है।
विज्ञापन


कैप्टन ने कहा कि राज्य सरकार फंडों के प्रयोग संबंधी केंद्र सरकार की तरफ से मांगे गए विवरण सौंपेगी, जैसा बीते समय में भी किया जाता रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से लिए गए फैसले पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है कि भारत सरकार की तरफ से इस्तेमाल किए गए फंडों की जांच की जानी हो लेकिन जहां तक आरडीएफ जारी न करने का संबंध है, ऐसा पहली बार हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को भली-भांति पता है कि इन फंडों को राज्य की अनाज मंडियों, ग्रामीण इलाकों में सड़कों के निर्माण जैसे अहम कृषि मंडीकरण बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाता है। यह फंड जारी न करने की सूरत में गांव के विकास में रुकावट आएगी और किसानों में गुस्सा और बढ़ेगा जो पहले ही केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।

केंद्र को आरडीएफ के 1000 करोड़ रुपये देना है : कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कानूनों पर विवाद के बीच 1000 करोड़ रुपये से अधिक राशि के रूप में आरडीएफ की अदायगी पंजाब को जारी न करने के केंद्र सरकार के फैसले की टाइमिंग को लेकर अलग-अलग से शंकाएं जाहिर की जा रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि फैसला लेने का समय संदिग्ध है और यह कदम संदेहास्पद इरादे की तरफ इशारा करता है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को फैसले पर तुरंत दोबारा गौर करने और राज्य को आरडीएफ के फंडों की अदायगी करने की अपील करते हुए कहा कि बीते समय की तरह मौजूदा समय भी इन फंडों की जांच जारी है।

राष्ट्रपति से मिलने सभी विधायकों को साथ चलने का न्योता

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी राजनैतिक पार्टियों के विधायकों को चार नवंबर को राष्ट्रपति से मिलने के लिए साथ चलने की अपील की है ताकि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को प्रभावहीन बनाने के लिए राज्य विधानसभा द्वारा पारित खेती संशोधन कानूनों पर उनकी जल्द सहमति के लिए ज्ञापन सौंपा जाए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पहले ही राष्ट्रपति से मिलने का समय मांग चुके हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को राज्य के हितों की रक्षा के लिए खड़े होने और निजी सियासी हितों से ऊपर उठने की अपील करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से किसानों के हितों को रौंदा जा रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में लाए तीन कृषि कानून पंजाब के किसान समुदाय के लिए विनाशकारी सिद्ध होंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के हितों की हिफाजत करना उनका फर्ज बनता है और हाल ही में पंजाब विधानसभा में पास संशोधन विधेयक इसका प्रत्यक्ष तौर पर उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब में माल गाड़ियों की आवाजाही और ग्रामीण विकास फंड रोकने पर गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस कदम से वित्तीय और आर्थिक नाकाबंदी का प्रभाव नजर आता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed