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फर्जी प्रमाण पत्र मिलने पर प्रिंसिपल और छात्र पर मामला दर्ज

Thu, 07 Jul 2022 02:03 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 07 Jul 2022 02:03 AM IST
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Case registered against principal and student for getting fake certificate
पंचकूला। नेशनल हेल्थ मिशन की कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर आवेदन करने का मामला सामने आया है। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने राजस्थान स्थित हनुमानगढ़ के संस्कार इंटरनेशनल बीएससी नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल और कॉलेज के विद्यार्थी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दस्तावेज की जांच के दौरान एनएचएम ने यह फर्जीवाड़ा पकड़ा।
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नेशनल हेल्थ मिशन की तरफ से जिले समेत पूरे राज्य के सभी हेल्थ सेंटर में लोगों को प्राथमिक उपचार देने के लिए कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नियुक्त किया जा रहा है। इसके लिए पूरे राज्य में 787 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए दस्तावेजों की जांच का काम किया जा रहा है। इस पद के लिए बीएससी नर्सिंग इंटीग्रेटेड कोर्स या बीएएमएस कोर्स करने वाले प्रार्थी आवेदन दे सकते हैं। इसी जांच के दौरान यह फर्जीवाड़ा सामने आया है।
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एमएलएचपी सर्टिफिकेट फर्जी
राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी सुनील कुमार ने हनुमानगढ़ के संस्कार इंटरनेशनल बीएससी नर्सिंग कॉलेज से बीएससी नर्सिंग का कोर्स किया है। उसने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पद के लिए आवेदन किया था। उसने बीएससी नर्सिंग के सर्टिफिकेट के साथ मिड लेवल हेल्थ केयर प्रोवाइडर (एमएलएचपी) सर्टिफिकेट भी आवेदन में दिया था। हाल ही में एनएचएम की ओर से किए जाने वाले दस्तावेज वेरिफिकेशन के दौरान उसका एमएलएचपी सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। इससे पहले भी एनएचएम की ओर से 15 जून को सेक्टर 5 पुलिस थाना में तीन मामले दर्ज हो चुके हैं।
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बता दें कि 2020 में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पद के लिए एनएचएम की ओर से लिए गए आवेदन में 20 अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी बीएससी इंटिग्रेटेड सर्टिफिकेट देने वालों को पकड़ा था। इसमें ज्यादातर राजस्थान के और कुछ हरियाणा के अभ्यर्थी भी थे। उन सभी कैंडिडेट व उनके इंस्टीट्यूशन को चेतावनी देकर छोड़ा गया था। छोड़ने की वजह उस समय एनएचएम के पास अलग-अलग राज्यों का डाटा नहीं था।
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