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4 करोड़ से बना कैनल हाउस, लावारिस कुत्तों से मिलेगी निजात
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पंचकूला। गांव सुखदर्शनपुर में देश का तीसरा और ट्राइसिटी का पहला कैनल हाउस बनकर तैयार हो गया है। करीब पांच एकड़ भूमि में चार करोड़ की लागत से बने इस कैनल हाउस का उद्घाटन हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता शुक्रवार सुबह 11 बजे करेंगे। नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने उद्घाटन समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि नए साल में शहरवासियों को यह दूसरा बड़ा तोहफा हरियाणा सरकार देने जा रही है।
शहरवासियों को लावारिस पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनवरी में गोशाला का उद्घाटन किया गया है। शुरूआती दौर में यहां करीब एक हजार कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इसमें करीब 850 लावारिस और 150 पालतू कुत्तों को रखने की व्यवस्था की गई है। कैनल हाउस शुरू होने से शहर के लोगों को आवारा कुत्तों के आतंक से निजात मिल सकेगा।
कैनल हाउस में मिलेंगी ये सुविधाएं
कैनल हाउस में लावारिस कुत्तों के चेकअप के लिए डॉक्टरों की टीम, मेडिसन सेंटर की व्यवस्था होगी। इसके साथ-साथ कुत्तों के खेलने के लिए प्ले सेक्टर भी विकसित किया जाएगा। यहीं पर लावारिस कुत्तों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी की जाएगी। कैनल हाउस में एक प्रशासनिक खंड, स्टॉफ हाउस, रिटायरिंग रूम, डॉग किचन भी बनाया गया है। इसमें लगभग 40 पिंजरे तैयार किए गए हैं। बीच में सड़क का निर्माण भी किया गया है। इस कैनल हाउस की क्षमता 2400 होगी।
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बिल्डिंग में छह ब्लॉक, 36 पिंजरे
कैनल हाउस में 39 फुट चौड़े और 20 फुट लंबे पिंजरे बनाए गए हैं। यहां छह ब्लॉक में 36 पिंजरे होंगे। केजस के बीच 15 फुट चौड़ी सड़क होगी। वाशिंग स्पा, डबल स्टोरी प्रशासनिक ब्लॉक, स्टाफ रूम, डॉग्स के लिए ओपीडी, इमरजेंसी रूम, वेटरनरी डॉक्टर रूम, ऑपरेशन थियेटर, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक लैब, कंसलटेंट एंड डॉक्टर्स रूम, पार्किंग एरिया भी होगा। डॉग्स के खेलने के लिए प्ले एरिया विकसित किया जाएगा। यहीं पर लावारिस कुत्तों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यहां पर 72 कुत्तों के लिए हॉस्टल, डॉग किचन, कैनल स्पा की भी सुविधा होगी।
शहर में हैं करीब पांच हजार लावारिस कुत्ते
नगर निगम के सर्वे के मुताबिक जिले में करीब पांच हजार लावारिस कुत्ते हैं। इनमें करीब 1500 कुत्तों की अब तक नसबंदी हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि निगम की तरफ से नसबंदी कराने का प्रोसेस काफी धीमा है। डॉग विशेषज्ञों का कहना है कि लावारिस कुत्तों की संख्या पर तभी लगाम लगाई जा सकती है, जब पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर नसबंदी अभियान छेड़ा जाए। पंचकूला और चंडीगढ़ में कुत्तों की नसबंदी हो रही है, लेकिन पंजाब और हिमाचल के इलाकों में नहीं। ऐसे में बॉर्डर एरिया से कुत्ते भागकर यहां आ जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि पूरे देश में एक साथ नसबंदी का काम शुरू किया जाए।
3 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था निर्माण कार्य
स्थानीय निकाय विभाग की पूर्व मंत्री कविता जैन ने तीन दिसंबर 2018 को विधायक ज्ञानचंद गुप्ता की मौजूदगी में सुखदर्शनपुर गांव में कैनल हाउस के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। उन्होंने इस दौरान घोषणा की थी कि यह ट्राइसिटी का पहला कैनल हाउस होगा। शहरवासियों को स्ट्रे डॉग की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस बिल्डिंग का निर्माण साढे़ चार एकड़ भूमि पर करीब 303. 64 लाख रुपये की लागत से होगा। इसके निर्माण के लिए पहले साढ़े तीन एकड़ भूमि प्रयोग में लाई जाएगी।
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शहरवासियों को लावारिस पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनवरी में गोशाला का उद्घाटन किया गया है। शुरूआती दौर में यहां करीब एक हजार कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इसमें करीब 850 लावारिस और 150 पालतू कुत्तों को रखने की व्यवस्था की गई है। कैनल हाउस शुरू होने से शहर के लोगों को आवारा कुत्तों के आतंक से निजात मिल सकेगा।
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कैनल हाउस में मिलेंगी ये सुविधाएं
कैनल हाउस में लावारिस कुत्तों के चेकअप के लिए डॉक्टरों की टीम, मेडिसन सेंटर की व्यवस्था होगी। इसके साथ-साथ कुत्तों के खेलने के लिए प्ले सेक्टर भी विकसित किया जाएगा। यहीं पर लावारिस कुत्तों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी की जाएगी। कैनल हाउस में एक प्रशासनिक खंड, स्टॉफ हाउस, रिटायरिंग रूम, डॉग किचन भी बनाया गया है। इसमें लगभग 40 पिंजरे तैयार किए गए हैं। बीच में सड़क का निर्माण भी किया गया है। इस कैनल हाउस की क्षमता 2400 होगी।
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बिल्डिंग में छह ब्लॉक, 36 पिंजरे
कैनल हाउस में 39 फुट चौड़े और 20 फुट लंबे पिंजरे बनाए गए हैं। यहां छह ब्लॉक में 36 पिंजरे होंगे। केजस के बीच 15 फुट चौड़ी सड़क होगी। वाशिंग स्पा, डबल स्टोरी प्रशासनिक ब्लॉक, स्टाफ रूम, डॉग्स के लिए ओपीडी, इमरजेंसी रूम, वेटरनरी डॉक्टर रूम, ऑपरेशन थियेटर, फार्मेसी, डायग्नोस्टिक लैब, कंसलटेंट एंड डॉक्टर्स रूम, पार्किंग एरिया भी होगा। डॉग्स के खेलने के लिए प्ले एरिया विकसित किया जाएगा। यहीं पर लावारिस कुत्तों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। यहां पर 72 कुत्तों के लिए हॉस्टल, डॉग किचन, कैनल स्पा की भी सुविधा होगी।
शहर में हैं करीब पांच हजार लावारिस कुत्ते
नगर निगम के सर्वे के मुताबिक जिले में करीब पांच हजार लावारिस कुत्ते हैं। इनमें करीब 1500 कुत्तों की अब तक नसबंदी हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि निगम की तरफ से नसबंदी कराने का प्रोसेस काफी धीमा है। डॉग विशेषज्ञों का कहना है कि लावारिस कुत्तों की संख्या पर तभी लगाम लगाई जा सकती है, जब पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर नसबंदी अभियान छेड़ा जाए। पंचकूला और चंडीगढ़ में कुत्तों की नसबंदी हो रही है, लेकिन पंजाब और हिमाचल के इलाकों में नहीं। ऐसे में बॉर्डर एरिया से कुत्ते भागकर यहां आ जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि पूरे देश में एक साथ नसबंदी का काम शुरू किया जाए।
3 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था निर्माण कार्य
स्थानीय निकाय विभाग की पूर्व मंत्री कविता जैन ने तीन दिसंबर 2018 को विधायक ज्ञानचंद गुप्ता की मौजूदगी में सुखदर्शनपुर गांव में कैनल हाउस के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। उन्होंने इस दौरान घोषणा की थी कि यह ट्राइसिटी का पहला कैनल हाउस होगा। शहरवासियों को स्ट्रे डॉग की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस बिल्डिंग का निर्माण साढे़ चार एकड़ भूमि पर करीब 303. 64 लाख रुपये की लागत से होगा। इसके निर्माण के लिए पहले साढ़े तीन एकड़ भूमि प्रयोग में लाई जाएगी।