फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Stubble Management: 16,000 machines purchased, subsidy of 183 crore released.

पराली प्रबंधन: 16 हजार मशीनें खरीदीं, 183 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी

Fri, 25 Sep 2026 02:23 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
Stubble Management: 16,000 machines purchased, subsidy of 183 crore released.
चंडीगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने वीरवार को बताया कि किसानों ने खरीफ सीजन में 16,227 फसली अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनें खरीदी हैं। सूबे में 10,000 से अधिक सीआरएम मशीनों की खरीद पर 183 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई है। उन्होंने आगामी रबी सीजन की तैयारियों को लेकर एक बैठक भी की।
विज्ञापन

खुड्डियां ने बताया कि सीआरएम मशीनों की खरीद पर व्यक्तिगत किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी मिलती है। कस्टम हायरिंग सेंटरों (सीएचसी), एफपीओ, सहकारी सभाओं और ग्राम पंचायतों को 80 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2026-27 की 576 करोड़ रुपये की कार्य-योजना से पराली जलाने के मामलों में 90 फीसदी कमी आई थी।
विज्ञापन

उन्होंने किसानों से पर्यावरण और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बचाने के लिए वैज्ञानिक अवशेष प्रबंधन अपनाने की अपील की। खुड्डियां ने कृषि विभाग के अधिकारियों को खादों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खादों के साथ टैगिंग की प्रथा को सख्ती से रोकने और अनियमितताओं पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन



खाद उपलब्धता :

मंत्री ने बताया कि सूबे के पास सीजन के लिए 3.92 लाख मीट्रिक टन से अधिक यूरिया भंडार है। इसके अतिरिक्त, 5 लाख मीट्रिक टन डीएपी का भंडार भी उपलब्ध है। कृषि विभाग के निदेशक गुरजीत सिंह बराड़ ने रबी सीजन के लिए खादों की निर्विघ्न आपूर्ति का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि विभाग इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed