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कैबिनेट के फैसले: पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2025 मंजूर, फ्लोर वाइज हो सकेगी रजिस्ट्री
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2025 को मंजूरी दे दी है। अब भवनों का नक्शा पास करवाना आसान हो जाएगा और फ्लोर वाइज रजिस्ट्री भी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नक्शा पास करवाने के लिए कार्यालयों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इससे जहां संभावित भ्रष्टाचार खत्म होगा वहीं जनता को भी राहत मिलेगी। बैठक में बरनाला को नगर निगम का दर्जा देने के साथ ही डेराबस्सी में 100 बेड के नए ईएसआई अस्पताल को भी मंजूरी दी गई है।
पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज 2025 के तहत पंजाब सरकार ने 21 मीटर तक ऊंची इमारतों के नक्शे पास करने के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन स्कीम लागू कर दी है। इसमें इंजीनियर, आर्किटेक्ट व डिजाइनर इत्यादि भवन का प्लान तैयार कर उसे सेल्फ सर्टिफिकेशन के बाद आधिकारिक ई-नक्शा पोर्टल www.enaksha.lgpunjab.gov.in और www.puda.gov.in पर अपलोड कर सकते हैं। अपलोड किए दस्तावेज सही पाए गए तो नक्शा पास हो जाएगा और 10 दिन के भीतर संबंधित विभाग को प्लान की जांच करनी होगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। अगर 30 दिन के भीतर कोई जवाब नहीं आता तो कंप्लीशन सर्टिफिकेशन स्वीकृत माना जाएगा। गलत जानकारी अपलोड करने पर मालिक और आर्किटेक्ट दोनों संयुक्त रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे। सीएम मान ने कहा कि शहरी विकास और औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए यह फैसला लिया गया है।इसका उद्देश्य पंजाब में निर्माण और विकास गतिविधियों के लिए एक समान, पारदर्शी और व्यापक नियामक ढांचा स्थापित करना है।
उन्होंने बताया कि ये नियम आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग व स्थानीय सरकार विभाग दोनों पर समान रूप से लागू होंगे, जिससे अनुमोदन और कार्यान्वयन में एकरूपता आएगी और अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। इससे पंजाब में वर्टिकल शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। नए नियमों के तहत कम ऊंचाई वाली इमारतों की मंजूरशुदा ऊंचाई (परमिसिबल हाइट) 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। इसके अलावा शहरी जरूरतों के अनुरूप मिक्स्ड लैंड यूज और मल्टी–लेवल पार्किंग जैसी नई इमारती श्रेणियां भी लागू की जाएंगी। सीएम ने दावा किया है कि ये सुधार पंजाब में टिकाऊ, निवेश अनुकूल और मानक आधारित निर्माण दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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कैबिनेट में इन्हें भी मिली मंजूरी
- पंजाब नशा उपचार, परामर्श और पुनर्वास नियम 2025 : राज्य में 36 सरकारी और 177 लाइसेंस प्राप्त निजी नशा मुक्ति व ओटी क्लीनिक मौजूद हैं। इन सभी केंद्रों में नशा छुड़वाने के लिए क्या दवाएं दी जा रही हैं व उनकी जांच, वहां बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था, अनिवार्य ऑनलाइन डेटा रिपोर्टिंग और बुप्रेनॉरफीन–नालोक्सोन की सुरक्षित आपूर्ति को सुनिश्चित करना इत्यादि सभी कार्य सरकार की निगरानी में होंगे। इसका उद्देश्य राज्य में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की निगरानी को सख्त बनाना है।
- खेल विभाग में 110 पदों की भर्ती को मंजूरी : राज्य में खेल चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने पंजाब स्पोट् र्स मेडिकल कैडर में ग्रुप ए के 14, ग्रुप बी के 16 और ग्रुप सी के 80 पदों की भर्ती को मंजूरी दी है। यह निर्णय खिलाड़ियों की चोटों की स्थिति में शीघ्र उपचार और रिकवरी सुनिश्चित करेगा व वैज्ञानिक तरीकों से खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इन पेशेवरों की नियुक्ति पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर, एसएएस नगर, रोपड़ और होशियारपुर जैसे प्रमुख खेल जिलों में की जाएगी।
- डेराबस्सी में 100 बेड का ईएसआई अस्पताल :
डेराबस्सी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कैबिनेट ने लगभग 4 एकड़ भूमि लीज पर देकर 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल की स्थापना को मंजूरी दी है। वर्तमान में इस क्षेत्र के कर्मचारी लुधियाना, मोहाली और चंडीगढ़ स्थित ईएसआई अस्पतालों पर निर्भर हैं।
- सब तहसील लुधियाना (उत्तरी) के गठन को हरी झंडी :
कैबिनेट ने सब–तहसील लुधियाना (नॉर्थ) के गठन को मंजूरी दी है। इससे रजिस्ट्री और इंतकाल जैसी सेवाओं की प्रक्रिया तेज होगी तथा मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
- नगर परिषद बरनाला नगर निगम में अपग्रेड :
कैबिनेट ने नगर परिषद बरनाला को नगर निगम में अपग्रेड करने की मंजूरी भी दे दी है। इससे शहरी शासन में पारदर्शिता आएगी, नागरिक सेवाओं में सुधार होगा और शहरवासियों के जीवन स्तर में वृद्धि होगी।
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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज-2025 को मंजूरी दे दी है। अब भवनों का नक्शा पास करवाना आसान हो जाएगा और फ्लोर वाइज रजिस्ट्री भी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नक्शा पास करवाने के लिए कार्यालयों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इससे जहां संभावित भ्रष्टाचार खत्म होगा वहीं जनता को भी राहत मिलेगी। बैठक में बरनाला को नगर निगम का दर्जा देने के साथ ही डेराबस्सी में 100 बेड के नए ईएसआई अस्पताल को भी मंजूरी दी गई है।
पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज 2025 के तहत पंजाब सरकार ने 21 मीटर तक ऊंची इमारतों के नक्शे पास करने के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन स्कीम लागू कर दी है। इसमें इंजीनियर, आर्किटेक्ट व डिजाइनर इत्यादि भवन का प्लान तैयार कर उसे सेल्फ सर्टिफिकेशन के बाद आधिकारिक ई-नक्शा पोर्टल www.enaksha.lgpunjab.gov.in और www.puda.gov.in पर अपलोड कर सकते हैं। अपलोड किए दस्तावेज सही पाए गए तो नक्शा पास हो जाएगा और 10 दिन के भीतर संबंधित विभाग को प्लान की जांच करनी होगी। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। अगर 30 दिन के भीतर कोई जवाब नहीं आता तो कंप्लीशन सर्टिफिकेशन स्वीकृत माना जाएगा। गलत जानकारी अपलोड करने पर मालिक और आर्किटेक्ट दोनों संयुक्त रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे। सीएम मान ने कहा कि शहरी विकास और औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए यह फैसला लिया गया है।इसका उद्देश्य पंजाब में निर्माण और विकास गतिविधियों के लिए एक समान, पारदर्शी और व्यापक नियामक ढांचा स्थापित करना है।
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उन्होंने बताया कि ये नियम आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग व स्थानीय सरकार विभाग दोनों पर समान रूप से लागू होंगे, जिससे अनुमोदन और कार्यान्वयन में एकरूपता आएगी और अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। इससे पंजाब में वर्टिकल शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। नए नियमों के तहत कम ऊंचाई वाली इमारतों की मंजूरशुदा ऊंचाई (परमिसिबल हाइट) 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। इसके अलावा शहरी जरूरतों के अनुरूप मिक्स्ड लैंड यूज और मल्टी–लेवल पार्किंग जैसी नई इमारती श्रेणियां भी लागू की जाएंगी। सीएम ने दावा किया है कि ये सुधार पंजाब में टिकाऊ, निवेश अनुकूल और मानक आधारित निर्माण दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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कैबिनेट में इन्हें भी मिली मंजूरी
- पंजाब नशा उपचार, परामर्श और पुनर्वास नियम 2025 : राज्य में 36 सरकारी और 177 लाइसेंस प्राप्त निजी नशा मुक्ति व ओटी क्लीनिक मौजूद हैं। इन सभी केंद्रों में नशा छुड़वाने के लिए क्या दवाएं दी जा रही हैं व उनकी जांच, वहां बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था, अनिवार्य ऑनलाइन डेटा रिपोर्टिंग और बुप्रेनॉरफीन–नालोक्सोन की सुरक्षित आपूर्ति को सुनिश्चित करना इत्यादि सभी कार्य सरकार की निगरानी में होंगे। इसका उद्देश्य राज्य में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की निगरानी को सख्त बनाना है।
- खेल विभाग में 110 पदों की भर्ती को मंजूरी : राज्य में खेल चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने पंजाब स्पोट् र्स मेडिकल कैडर में ग्रुप ए के 14, ग्रुप बी के 16 और ग्रुप सी के 80 पदों की भर्ती को मंजूरी दी है। यह निर्णय खिलाड़ियों की चोटों की स्थिति में शीघ्र उपचार और रिकवरी सुनिश्चित करेगा व वैज्ञानिक तरीकों से खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इन पेशेवरों की नियुक्ति पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर, एसएएस नगर, रोपड़ और होशियारपुर जैसे प्रमुख खेल जिलों में की जाएगी।
- डेराबस्सी में 100 बेड का ईएसआई अस्पताल :
डेराबस्सी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कैबिनेट ने लगभग 4 एकड़ भूमि लीज पर देकर 100 बिस्तरों वाले ईएसआई अस्पताल की स्थापना को मंजूरी दी है। वर्तमान में इस क्षेत्र के कर्मचारी लुधियाना, मोहाली और चंडीगढ़ स्थित ईएसआई अस्पतालों पर निर्भर हैं।
- सब तहसील लुधियाना (उत्तरी) के गठन को हरी झंडी :
कैबिनेट ने सब–तहसील लुधियाना (नॉर्थ) के गठन को मंजूरी दी है। इससे रजिस्ट्री और इंतकाल जैसी सेवाओं की प्रक्रिया तेज होगी तथा मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
- नगर परिषद बरनाला नगर निगम में अपग्रेड :
कैबिनेट ने नगर परिषद बरनाला को नगर निगम में अपग्रेड करने की मंजूरी भी दे दी है। इससे शहरी शासन में पारदर्शिता आएगी, नागरिक सेवाओं में सुधार होगा और शहरवासियों के जीवन स्तर में वृद्धि होगी।