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Panchkula News: दो साल में बनने वाला बाईपास पांच साल बाद भी अधूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी पिंजौर। दो साल में बनने वाला सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास का काम पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इसके निर्माण में हो रही देरी के चलते न केवल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है अपितु निर्माण लागत में भी इजाफा हो रहा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास निर्माण का काम लगभग पूरा कर लिया है परंतु रेलवे की देखरेख में होने वाले निर्माण कार्य में देरी होने से काम पूरा नहीं हो पा रहा। बता दें कि पिंजौर में लगातार लगने वाले जाम की समस्या से वाहन चालकों को निजात दिलाने के लिए करीब 7.70 किलोमीटर लंबे इस सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने मई 2017 में किया था। इस बाईपास का निर्माण दो साल में पूरा होना प्रस्तावित था, लेकिन करीब पांच साल के बाद भी इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बाईपास निर्माण का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
विभाग को देना चाहिए ध्यान
सूरजपुर सुखोमाजारी बाईपास के शिलान्यास के बाद लोगों ने चैन की सांस ली थी कि जल्द ही उन्हें शहर में भारी वाहनों की वजह से लगने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी। अभी तक बाईपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास बन जाता तो दिल्ली, चंडीगढ़ पंचकूला की तरफ आवाजाही करने वाले वाहन इस बाईपास से गुजर जाते। इस कारण शहर में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल जाती। मॉडल टाउन के समीप रेलवे फाटक पर आरओबी का काम चल रहा है। इस कारण वाहनों की आवाजाही की वजह से जाम की स्थिति बन रही है। - जरनैल सिंह जैली स्थानीय निवासी
स्कूल बसें जाम में फंसेंगी, बच्चे पहुंचेंगे घर देरी से
सूरजपुर-सुखोमाजरी बाईपास का निर्माण कार्य जल्द पूरा होना चाहिए। बच्चों के परिणाम आने के बाद और अगले माह अप्रैल से बच्चे स्कूल बसों से आवाजाही शुरू कर देंगे। बाईपास का निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से शहर में वाहनों की संख्या ज्यादा है। इस कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम में स्कूल बसें फंसने की वजह से बच्चे घर देरी से पहुंचते हैं। अभिभावकों की चिंता को देखते हुए बाईपास का निर्माण जल्द होना चाहिए। - सावित्री, स्थानीय निवासी
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बाईपास का निर्माण पूरा होने में आरयूबी निर्माण का मुद्दा आड़े आ रहा है। आरयूबी निर्माण के लिए कुल 10 बॉक्स बनने हैं जिनमें से 5 बॉक्स बन चुके हैं। आरयूबी निर्माण के लिए बने पांच बॉक्स रेलवे लाइन के नीचे धकेलने हैं। 5 नए बॉक्स बनाने हैं। यह सारा काम रेलवे की देखरेख में होना है। रेलवे विभाग के अधिकारी साइट पर नहीं आ रहे। उनकी तरफ से बाईपास का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। - अमन चौधरी जेई, एनएचआई
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विभाग को देना चाहिए ध्यान
सूरजपुर सुखोमाजारी बाईपास के शिलान्यास के बाद लोगों ने चैन की सांस ली थी कि जल्द ही उन्हें शहर में भारी वाहनों की वजह से लगने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी। अभी तक बाईपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास बन जाता तो दिल्ली, चंडीगढ़ पंचकूला की तरफ आवाजाही करने वाले वाहन इस बाईपास से गुजर जाते। इस कारण शहर में लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल जाती। मॉडल टाउन के समीप रेलवे फाटक पर आरओबी का काम चल रहा है। इस कारण वाहनों की आवाजाही की वजह से जाम की स्थिति बन रही है। - जरनैल सिंह जैली स्थानीय निवासी
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स्कूल बसें जाम में फंसेंगी, बच्चे पहुंचेंगे घर देरी से
सूरजपुर-सुखोमाजरी बाईपास का निर्माण कार्य जल्द पूरा होना चाहिए। बच्चों के परिणाम आने के बाद और अगले माह अप्रैल से बच्चे स्कूल बसों से आवाजाही शुरू कर देंगे। बाईपास का निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से शहर में वाहनों की संख्या ज्यादा है। इस कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम में स्कूल बसें फंसने की वजह से बच्चे घर देरी से पहुंचते हैं। अभिभावकों की चिंता को देखते हुए बाईपास का निर्माण जल्द होना चाहिए। - सावित्री, स्थानीय निवासी
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बाईपास का निर्माण पूरा होने में आरयूबी निर्माण का मुद्दा आड़े आ रहा है। आरयूबी निर्माण के लिए कुल 10 बॉक्स बनने हैं जिनमें से 5 बॉक्स बन चुके हैं। आरयूबी निर्माण के लिए बने पांच बॉक्स रेलवे लाइन के नीचे धकेलने हैं। 5 नए बॉक्स बनाने हैं। यह सारा काम रेलवे की देखरेख में होना है। रेलवे विभाग के अधिकारी साइट पर नहीं आ रहे। उनकी तरफ से बाईपास का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। - अमन चौधरी जेई, एनएचआई