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मोरनी में बस हादसा : 48 घंटे बाद भी केवल पैचवर्क, लोगों में नाराजगी

Tue, 22 Oct 2024 05:41 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2024 05:41 AM IST
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Bus accident in Morni: Only patchwork even after 48 hours, people angry
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला/मोरनी। मोरनी में सड़क हादसे के 48 घंटे बाद भी टिक्कर ताल मार्ग पर प्रशासन केवल पैचवर्क कर पाया है। यह खतरनाक मोड़ पर वाहनों की सुरक्षा को लेकर नाकाफी है। जिस खतरनाक मोड़ से बस 100 फीट खाई में गिरी थी, वहां अब तक सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम प्रशासन ने नहीं करवाएं हैं।
केवल साइन बोर्ड लगाकर खानापूर्ति की गई है। हादसे के बाद घटनास्थल और व्यवस्थाओं की जांच के लिए किसी भी अधिकारी ने दौरा नहीं किया है। बार-बार हादसों के बावजूद सड़क के खतरनाक हिस्सों पर ध्यान न देना गंभीर चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र के घुमावदार मोड़ों को देखते हुए हर मोड़ पर बैरिकेड्स और साइन बोर्ड आवश्यक हैं। यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में बड़े हादसे होने की आशंका बनी रहेगी।
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खतरा बना खतरनाक मोड़
मोरनी-टीका लाल सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। हरियाणा और अन्य राज्यों से सैलानी यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के लिए आते हैं। जिस मोड़ से बस खाई में गिरी थी, वह पहले से ही एक जोखिम भरा क्षेत्र माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मोड़ पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने इन घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। हाल ही में इतना बड़ा हादसा हुआ, उससे भी प्रशासन सबक नहीं ले पा रहा है।
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स्थानीय लोगों में आक्रोश
जगदीप शर्मा, बालकिशन व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद से स्थानीय लोग प्रशासन की उदासीनता से नाराज हैं। उनका कहना है कि इससे पूर्व भी कई हादसे हो चुके हैं। यदि पहले ही इस मोड़ पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो कई जानलेवा हादसों को टाला जा सकता था। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत इस मोड़ पर मजबूत सुरक्षा बैरिकेड्स और चेतावनी संकेतक लगाए। साथ ही सड़क के अन्य खतरनाक हिस्सों की भी नियमित निगरानी होनी चाहिए।


सड़कों पर पैचवर्क कर दिया गया है। वाहनों की सुरक्षा को लेकर जैसा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निर्देश देंगे, उसके अनुसार काम किया जाएगा। वैसे सोमवार को लोकनिर्माण विभाग या अन्य किसी अधिकारी ने हादसे वाली जगह को लेकर दौरा नही किया है। - अनिल कंबोज, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग


लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। जिला प्रशासन को तत्काल स्थाई समाधान करवा, स्थाई समाधान की योजना पर काम करना चाहिए। हादसे के 48 घंटे बाद भी व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन की अनदेखी को उजागर करता है। - प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक कालका।

मोरनी हादसे के 48 घंटे बाद भी वहां सुरक्षा प्रबंध क्यों नहीं किया गया। इसके लिए अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। मंगलवार को अधिकारियों की विशेष टीम जाकर असुरक्षित मोड़ों की पहचान कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट आने के बाद सुरक्षा के माकुल प्रबंध किए जाएंगे। - शक्ति रानी शर्मा, विधायक कालका।




मोरनी से टिक्कर ताल तक दर्जनों खतरनाक मोड़ हैं, जिन पर कभी किसी समय जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। शनिवार को हुए हादसे ने एक बार फिर अनदेखी को उजागर किया है। - जगदीप शर्मा, ग्रामीण


इस प्रकार की लापरवाही को लंबे समय तक नही अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रशासन सड़कों पर सुरक्षा के इंतजाम जल्द से जल्द पूरा करवाए। फिलहाल अस्थाई और फिर स्थाई समाधान की रूपरेखा तैयार करे। - पुष्पेंद्र सिंह, ग्रामीण
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