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चंडीगढ़ : निकायों को सात प्रतिशत बजट मिलेगा, आय बढ़ाने के लिए नई विज्ञापन नीति बनेगी
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चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों का बजट इस बार 7 प्रतिशत होगा। दो प्रतिशत बजट अलग से कम आय वाले निकायों के लिए रखा जाएगा। स्टांप ड्यूटी के रूप में 2 प्रतिशत बजट निकायों को पहले ही मिलता है। इसके अलावा बिजली के सरचार्ज के रूप में 2 प्रतिशत राशि भी आरक्षित रखी गई है। सभी नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं की आय बढ़ाने के लिए नई विज्ञापन नीति बनाई जाएगी। प्रदेश के सभी शहरोें को नया स्वरूप देने के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को हरियाणा निवास में ये बातें कहीं। उन्होंने मेयर और अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा, सभी नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाएं स्थानीय स्तर पर 15 से 31 मार्च तक अपना बजट बनाकर मुख्यालय भिजवा दें। बजट में प्रस्तावित आय को अंदाजन न बनाकर वास्तविक रूप अनुसार बनाएं। अपनी आय बढ़ाने के नए स्रोत तैयार करें। जो योजनाएं अधिक सक्रिय नहीं है, उन्हें दूसरी योजनाओं में समाहित किया जाए। शहरी स्थानीय निकाय के बाद स्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, शिक्षा विभाग से भी बजट पूर्व परामर्श किया जाएगा।
शहरों को दें नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने मेयर, अध्यक्षों व अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के सभी शहरों में समग्र विकास की ओर ध्यान दिया जाए। पहले अम्रुत-1 योजना में 18 शहर शामिल किए गए थे। अब अम्रुत-2 योजना में सभी शहरों को शामिल किया जाएगा। हर शहर को एक नया स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाए। इंजीनियरिंग विंग को मजबूत करें। विकास कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। नगर निगम की सेवाओं को भी परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम करें। सरकार ने भ्रष्टाचार की संभावनाओं को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पीपीपी भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
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1200 से अधिक अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थित 1200 से अधिक अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए विकास शुल्क लेंगे। पहले की कॉलोनी नियमित करने की शर्तों को अब खत्म कर दिया गया है। अब कम विकसित कॉलोनियों को भी नियमित करवाया जा सकता है। शहरों में भी जो कॉलोनियां या बस्तियां विकास में पीछे रह रही हैं, उनके विकास पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को हरियाणा निवास में ये बातें कहीं। उन्होंने मेयर और अधिकारियों के साथ बैठक की। कहा, सभी नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाएं स्थानीय स्तर पर 15 से 31 मार्च तक अपना बजट बनाकर मुख्यालय भिजवा दें। बजट में प्रस्तावित आय को अंदाजन न बनाकर वास्तविक रूप अनुसार बनाएं। अपनी आय बढ़ाने के नए स्रोत तैयार करें। जो योजनाएं अधिक सक्रिय नहीं है, उन्हें दूसरी योजनाओं में समाहित किया जाए। शहरी स्थानीय निकाय के बाद स्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, शिक्षा विभाग से भी बजट पूर्व परामर्श किया जाएगा।
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शहरों को दें नया स्वरूप
मुख्यमंत्री ने मेयर, अध्यक्षों व अधिकारियों से कहा कि प्रदेश के सभी शहरों में समग्र विकास की ओर ध्यान दिया जाए। पहले अम्रुत-1 योजना में 18 शहर शामिल किए गए थे। अब अम्रुत-2 योजना में सभी शहरों को शामिल किया जाएगा। हर शहर को एक नया स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाए। इंजीनियरिंग विंग को मजबूत करें। विकास कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए। नगर निगम की सेवाओं को भी परिवार पहचान पत्र से जोड़ने का काम करें। सरकार ने भ्रष्टाचार की संभावनाओं को रोकने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। पीपीपी भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
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1200 से अधिक अवैध कॉलोनियां होंगी नियमित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्थित 1200 से अधिक अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए विकास शुल्क लेंगे। पहले की कॉलोनी नियमित करने की शर्तों को अब खत्म कर दिया गया है। अब कम विकसित कॉलोनियों को भी नियमित करवाया जा सकता है। शहरों में भी जो कॉलोनियां या बस्तियां विकास में पीछे रह रही हैं, उनके विकास पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।