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हरियाणा: अब गोशालाओं और डेयरियों में बायोगैस प्लांट लगाएगी सरकार, 40 प्रतिशत का देगी अनुदान

Thu, 29 Jul 2021 01:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 29 Jul 2021 01:39 AM IST
सार

हरियाणा में लगभग 7.6 लाख पशु हैं, जिनसे 3.8 लाख क्यूबिक मीटर बायोगैस उत्पन्न की जा सकती है। इस 3.8 लाख क्यूबिक मीटर बायोगैस से 300 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है।

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Haryana Government will set up Biogas Plants in Gaushalas and Dairy in State
बायोगैस प्लांट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा सरकार अब गोशालाओं और डेयरियों में संस्थागत बायोगैस प्लांट लगाएगी। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग एवं हरेडा ने इसके लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना के तहत 25 क्यूबिक मीटर, 35 क्यूबिक मीटर, 45 क्यूबिक मीटर, 60 क्यूबिक मीटर व 85 क्यूसिक मीटर क्षमता तक के संस्थागत बायोगैस प्लांट स्थापित करने पर सरकार द्वारा 40 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह अनुदान ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर दिया जाएगा।

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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिस गोशाला व डेयरी का संचालक संस्थागत बायोगैस प्लांट लगवाना चाहता है, वह अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में आवेदन कर सकता है। हरियाणा में लगभग 7.6 लाख पशु हैं, जिनसे 3.8 लाख क्यूबिक मीटर बायोगैस उत्पन्न की जा सकती है। इस 3.8 लाख क्यूबिक मीटर बायोगैस से 300 मेगावाट बिजली पैदा की जा सकती है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, 100 पशुओं से लगभग 10 क्विंटल गोबर प्राप्त होता है, जिससे लगभग 50 क्यूबिक मीटर गैस प्राप्त हो सकती है। 

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घर में बायोगैस संयंत्र लगवाने में रुचि दिखा रहे किसान

नारनौल में दो पशु रखने वाले किसान भी अब अपने घर में बायोगैस संयंत्र लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऐसा करने से एलपीजी के झंझट से छुटकारा तो मिल ही रहा है। साथ ही उनकी अच्छी खासी बचत भी हो रही है। नारनौल में अब तक लगभग 50 किसान बायो गैस संयंत्र लगा चुके हैं, जो पिछले वर्ष की मुकाबले लगभग दस गुणा अधिक हैं। सरकारी नियमों के अनुसार व न्यू नेशनल बायोगैस एवं आर्गेनिक मैन्योर प्रोग्राम के तहत जिले के जिन किसानों के पास 2 पशुओं से अधिक हैं वे किसान गोबर की उपलब्धता के आधार पर बायोगैस संयंत्र लगवा सकते हैं। इसके लिए सरकार द्वारा किसानों को 12 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। पशुपालक किसान अपने घरों में बायोगैस प्लांट लगाकर प्रतिवर्ष 40 से 50 हजार रुपये की बचत कर सकता है। 

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से सहायक कृषि अभियंता डीएस यादव ने बताया कि पहले किसान इस योजना को अपनाने से कतराते थे। मगर जब 1-2 किसानों ने इसको शुरू किया तो दूसरे किसानों ने भी इस ओर रुझान दिखाया। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे किसानों को उत्तम खाद के साथ-साथ ईंधन भी आसानी से मिल मिलता है। इसके अलावा बायोगैस संयंत्र के प्रयोग करने से प्रदूषण भी नहीं होता है क्योंकि यह धुआं रहित संयंत्र है। बायोगैस के कारण लकड़ी की भी बचत होती है। इसलिए किसान बायोगैस प्लांट लगाकर और ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।

बायोगैस संयंत्र को शौचालय से जोड़ने पर मिलेगा 16 सौ रुपये का अतिरिक्त लाभ
सहायक कृषि अभियंता डीएस यादव ने बताया कि इस योजना के तहत बायोगैस संयंत्र के साथ शौचालय से जोड़ने पर 16 सौ रुपये का अतिरिक्त अनुदान अलग से दिया जाता है। किसान 2 से 6 घन मीटर क्षमता के बायोगैस संयंत्र लगवा सकते हैं। इसके लिए किसानों को उपरोक्त योजना के तहत 12 हजार रुपये का अनुदान सरकार की ओर से दिया जा रहा है। 

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