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अलर्टः 11 मार्च से तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, पहले ही कर लीजिए इंतजाम, वरना परेशानी उठाएंगे
Thu, 27 Feb 2020 11:36 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2020 11:36 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) ने 11 मार्च से 13 मार्च तक हड़ताल करने का आह्वान किया है। यह एलान बुधवार को सेक्टर-17 स्थित बैंक स्कवायर में प्रदर्शन के दौरान किया गया। इस प्रदर्शन में एक हजार से ज्यादा कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान बैंक कर्मचारियों की मांगों पर आईबीए के रवैये की निंदा की गई। बीती 20 फरवरी को भी बैंक कर्मियों ने वेज रिवीजन जोकि एक नवंबर 2017 से लंबित है, व अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।
यूएफबीयू के वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने हमेशा देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छह दशकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने निमभन वर्ग की तरफ विशेष ध्यान दिया। पिछले दो वर्षों में 21 से अधिक बैठकें आईबीए के साथ हुई हैं, लेकिन आज तक बैंकरों की सम्मान जनक वेतन बढ़ोतरी नहीं हुई।
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भारत सरकार को चाहिए कि वह आईबीए को तत्काल वेतन निपटाने के लिए निर्देश दे। साथ ही बैंकरों की वास्तविक मांगों सहित सप्ताह के पांच दिन वर्किंग करे। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
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इस दौरान बैंक कर्मचारियों की मांगों पर आईबीए के रवैये की निंदा की गई। बीती 20 फरवरी को भी बैंक कर्मियों ने वेज रिवीजन जोकि एक नवंबर 2017 से लंबित है, व अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था।
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यूएफबीयू के वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने हमेशा देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छह दशकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने निमभन वर्ग की तरफ विशेष ध्यान दिया। पिछले दो वर्षों में 21 से अधिक बैठकें आईबीए के साथ हुई हैं, लेकिन आज तक बैंकरों की सम्मान जनक वेतन बढ़ोतरी नहीं हुई।
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भारत सरकार को चाहिए कि वह आईबीए को तत्काल वेतन निपटाने के लिए निर्देश दे। साथ ही बैंकरों की वास्तविक मांगों सहित सप्ताह के पांच दिन वर्किंग करे। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।