{"_id":"6839f4d66c386a96a40a0857","slug":"bail-was-sought-for-the-purpose-of-sowing-crops-high-court-rejected-it-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-724624-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: फसल बोने के उद्देश्य से मांगी थी जमानत, हाईकोर्ट ने की खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: फसल बोने के उद्देश्य से मांगी थी जमानत, हाईकोर्ट ने की खारिज
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक मामले में चार सप्ताह की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी, जिसे आरोपी ने आगामी फसल सत्र के लिए कृषि फसल बोने के उद्देश्य से मांगा था। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा ने कहा कि इस न्यायालय की जमानत देने की शक्तियों पर टिप्पणी किए बिना, यह न्यायालय आवेदन में उल्लिखित आधार पर आवेदक को अंतरिम जमानत देने के लिए इच्छुक नहीं है, क्योंकि फसल बोने के लिए परिवार के कुछ अन्य सदस्य हो सकते हैं। इसके अलावा, यदि उसे फसल बोने के लिए अंतरिम जमानत दी जाती है, तो उस स्थिति में, उसके बाद फसल की देखभाल कौन करेगा?
न्यायालय ने नोट किया कि याचिकाकर्ता अगले फसल सत्र के लिए कृषि फसलों की बुवाई के उद्देश्य से चार सप्ताह की अवधि के लिए अंतरिम जमानत की रियायत मांग रहा है, जो आवेदक-याचिकाकर्ता के लिए आजीविका का एकमात्र आधार है। राज्य के वकील ने अंतरिम जमानत के आधार पर विवाद नहीं किया, लेकिन प्रस्तुत किया कि अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि अंतरिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है और याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि गुरमीत सिंह खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक मामले में चार सप्ताह की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी, जिसे आरोपी ने आगामी फसल सत्र के लिए कृषि फसल बोने के उद्देश्य से मांगा था। न्यायमूर्ति अनूप चितकारा ने कहा कि इस न्यायालय की जमानत देने की शक्तियों पर टिप्पणी किए बिना, यह न्यायालय आवेदन में उल्लिखित आधार पर आवेदक को अंतरिम जमानत देने के लिए इच्छुक नहीं है, क्योंकि फसल बोने के लिए परिवार के कुछ अन्य सदस्य हो सकते हैं। इसके अलावा, यदि उसे फसल बोने के लिए अंतरिम जमानत दी जाती है, तो उस स्थिति में, उसके बाद फसल की देखभाल कौन करेगा?
न्यायालय ने नोट किया कि याचिकाकर्ता अगले फसल सत्र के लिए कृषि फसलों की बुवाई के उद्देश्य से चार सप्ताह की अवधि के लिए अंतरिम जमानत की रियायत मांग रहा है, जो आवेदक-याचिकाकर्ता के लिए आजीविका का एकमात्र आधार है। राज्य के वकील ने अंतरिम जमानत के आधार पर विवाद नहीं किया, लेकिन प्रस्तुत किया कि अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि अंतरिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है और याचिका खारिज कर दी। गौरतलब है कि गुरमीत सिंह खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
विज्ञापन