{"_id":"5f4562aa8ebc3e3ce2735979","slug":"asha-workers-movement-continues-handover-to-the-sarpanches-pkl-office-news-pkl3857947115","type":"story","status":"publish","title_hn":"आशा वर्करों ने आज भी अपनी मांगों के ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सरपंचों को सौंपे।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आशा वर्करों ने आज भी अपनी मांगों के ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सरपंचों को सौंपे।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरवाला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरवाला और कोट के अंतर्गत आने वाले गांवों की आशा वर्कर्स ने 18वें दिन भी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शन
कर मुख्यमंत्री के नाम सरपंचों को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन की जिला प्रधान सुमन बरवाला ने बताया कि राज्य कमेटी के फैसले के अनुसार पूरे हरियाणा में अपनी मांगों का मांग पत्र सरपंचों के माध्यम से सरकार के पास पहुंचाने का निर्णय लिया गया है ताकि सोई हुई सरकार को जगाया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा की आशा वर्कर कोरोना महामारी से लड़ने में फ्रंट लाइन वर्कर के तौर पर कार्य कर रही है। बार-बार मांग पत्र भेजने के बाद भी सरकार द्वारा उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर लगातार लोगों के संपर्क में रहती है, सभी आशाओं को 4000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाए और आशा फैसिलेटर पहले से मिल रही प्रोत्साहन राशि में किसी भी तरह की कटौती न की जाए। सभी आशा वर्कर्स को स्थायी कर्मचारी बनाया जाए और जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक हरियाणा सरकार का न्यूनतम वेतन दिया जाए। ईएसआई एवं पीएफ की भी सुविधा दी जाए। हेल्थ वर्कर का दर्जा मिले। आशा वर्कर्स ने आज यह ज्ञापन सरपंचों को उनको निवास स्थान पर जाकर सौंपा। प्रदर्शन के दौरान राज्य महासचिव सुरेखा और कोषाध्यक्ष ने भी संबोधित किया। इस दौरान की आशा वर्कर नीलम, सुलतानपुर की सीमा, विद्या देवी सहित अन्य ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। दूसरी तरफ गांव बतौड़ के सरपंच लक्ष्मण दास, सुंदर पुर की सरपंच शमशेर कौर, सुलतानपुर के सरपंच संजीव कुमार ने आशा वर्कर्स के मांग पत्र को सरकार के पास भेजने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
कर मुख्यमंत्री के नाम सरपंचों को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन की जिला प्रधान सुमन बरवाला ने बताया कि राज्य कमेटी के फैसले के अनुसार पूरे हरियाणा में अपनी मांगों का मांग पत्र सरपंचों के माध्यम से सरकार के पास पहुंचाने का निर्णय लिया गया है ताकि सोई हुई सरकार को जगाया जा सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा की आशा वर्कर कोरोना महामारी से लड़ने में फ्रंट लाइन वर्कर के तौर पर कार्य कर रही है। बार-बार मांग पत्र भेजने के बाद भी सरकार द्वारा उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर लगातार लोगों के संपर्क में रहती है, सभी आशाओं को 4000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाए और आशा फैसिलेटर पहले से मिल रही प्रोत्साहन राशि में किसी भी तरह की कटौती न की जाए। सभी आशा वर्कर्स को स्थायी कर्मचारी बनाया जाए और जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक हरियाणा सरकार का न्यूनतम वेतन दिया जाए। ईएसआई एवं पीएफ की भी सुविधा दी जाए। हेल्थ वर्कर का दर्जा मिले। आशा वर्कर्स ने आज यह ज्ञापन सरपंचों को उनको निवास स्थान पर जाकर सौंपा। प्रदर्शन के दौरान राज्य महासचिव सुरेखा और कोषाध्यक्ष ने भी संबोधित किया। इस दौरान की आशा वर्कर नीलम, सुलतानपुर की सीमा, विद्या देवी सहित अन्य ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। दूसरी तरफ गांव बतौड़ के सरपंच लक्ष्मण दास, सुंदर पुर की सरपंच शमशेर कौर, सुलतानपुर के सरपंच संजीव कुमार ने आशा वर्कर्स के मांग पत्र को सरकार के पास भेजने का आश्वासन दिया।