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Panchkula News: पंचकूला में खुले क्षेत्रों में फैली करीब पांच टन पॉलिथीन
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नगर निगम पंचकूला के पूर्व कार्यकारी अधिकारी ने बढ़ते पॉलिथीन प्रदूषण पर चिंता जताई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष और नगर निगम पंचकूला के पूर्व कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने शहर में बढ़ते पॉलिथीन प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पूरे पंचकूला में खुले क्षेत्रों, खाली पड़े प्लॉटों, पार्कों, सड़कों के किनारे, ग्रीन बेल्ट, हेज, नालियों और बड़े नालों के आसपास लगभग पांच टन से अधिक पॉलिथीन बिखरी पड़ी है, जो शहर की सफाई व्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
ओपी सिहाग ने बताया कि पंचकूला की आबादी करीब तीन लाख है और औसतन एक व्यक्ति रोजाना चार से पांच ग्राम पॉलिथीन या प्लास्टिक का उपयोग करता है। इसके हिसाब से शहर में प्रतिदिन करीब डेढ़ टन पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है। इसमें से अधिकांश कचरा नगर निगम कर्मचारियों और निजी कूड़ा उठाने वालों द्वारा उठाया जाता है, लेकिन करीब दस प्रतिशत पॉलिथीन खुले स्थानों में फेंक दी जाती है, जो हवा में उड़कर खाली जगहों में पहुंच जाती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक और पतली पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के कारण प्रतिबंधित पॉलिथीन खुलेआम इस्तेमाल हो रही है। इसकी सबसे अधिक बिक्री साप्ताहिक सब्जी मंडियों में हो रही है।
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ओपी सिहाग ने चेतावनी दी कि खुले में पड़ी पॉलिथीन को आवारा पशु खा लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। साथ ही यह नालियों और सीवरेज को जाम कर देती है और जमीन की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर व्यापक बैठक बुलाकर ठोस कदम उठाने की मांग की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जननायक जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष और नगर निगम पंचकूला के पूर्व कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने शहर में बढ़ते पॉलिथीन प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पूरे पंचकूला में खुले क्षेत्रों, खाली पड़े प्लॉटों, पार्कों, सड़कों के किनारे, ग्रीन बेल्ट, हेज, नालियों और बड़े नालों के आसपास लगभग पांच टन से अधिक पॉलिथीन बिखरी पड़ी है, जो शहर की सफाई व्यवस्था और पर्यावरण दोनों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
ओपी सिहाग ने बताया कि पंचकूला की आबादी करीब तीन लाख है और औसतन एक व्यक्ति रोजाना चार से पांच ग्राम पॉलिथीन या प्लास्टिक का उपयोग करता है। इसके हिसाब से शहर में प्रतिदिन करीब डेढ़ टन पॉलिथीन का प्रयोग हो रहा है। इसमें से अधिकांश कचरा नगर निगम कर्मचारियों और निजी कूड़ा उठाने वालों द्वारा उठाया जाता है, लेकिन करीब दस प्रतिशत पॉलिथीन खुले स्थानों में फेंक दी जाती है, जो हवा में उड़कर खाली जगहों में पहुंच जाती है।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक और पतली पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन संबंधित एजेंसियों की लापरवाही के कारण प्रतिबंधित पॉलिथीन खुलेआम इस्तेमाल हो रही है। इसकी सबसे अधिक बिक्री साप्ताहिक सब्जी मंडियों में हो रही है।
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ओपी सिहाग ने चेतावनी दी कि खुले में पड़ी पॉलिथीन को आवारा पशु खा लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। साथ ही यह नालियों और सीवरेज को जाम कर देती है और जमीन की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर व्यापक बैठक बुलाकर ठोस कदम उठाने की मांग की।