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सावधान! ईएमआई टालने के नाम पर चल रहा है ठगी का बड़ा खेल, भूलकर भी न बताएं ओटीपी
Tue, 07 Apr 2020 12:31 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2020 12:31 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सावधान! लॉकडाउन में भी ऑनलाइन ठगी करने वाले पूरी तरह से सक्रिय हैं। इन ठगों ने इन दिनों एक नया तरीका अपनाया है। लोगों की ईएमआई टालने के नाम पर ये लोग ठगी के खेल को अंजाम देने में लगे हुए हैं। इसी को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की हैै।
पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने ऋण की मासिक किस्तों (ईएमआई) के स्थगन को लेकर फोन पर ओटीपी साझा न करें, क्योंकि कुछ धोखेबाज इसका सहारा लेकर उनकी मदद करने के बहाने उनके बैंक खातों से पैसे निकालने का प्रयास कर सकते हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि इस तरह के धोखेबाज बैंक प्रतिनिधि के रूप में फोन के माध्यम से नागरिकों को उनके ऋण की ईएमआई टालने के लिए फोन कॉल्स पर ओटीपी साझा करने के लिए कहते हैं।
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ओटीपी साझा करते ही इन घोटालेबाजों द्वारा राशि को धोखाधड़ी कर बैंक से निकाल लिया जाता है। विर्क ने लोगों को ऐसे साइबर अपराधियों के प्रति सचेत रहने और फोन कॉल पर ओटीपी साझा न करने की सलाह देते हुए कहा कि बैंकिंग दिशा निर्देशों के अनुसार ईएमआई टालने के लिए ओटीपी शेयर करने की आवश्यकता नहीं है।
विर्क ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे ऐसे साइबर क्रिमिनल के बहकावे में न आएं। जब भी उन्हें ईएमआई के स्थगन संबंधी ऐसी कोई फोन कॉल व ओटीपी प्राप्त हो तो किसी के साथ कोई जानकारी शेयर न करें। ऐसे साइबर अपराधियों को से बचने के लिए सचेत और जागरूक रहें।
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पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने ऋण की मासिक किस्तों (ईएमआई) के स्थगन को लेकर फोन पर ओटीपी साझा न करें, क्योंकि कुछ धोखेबाज इसका सहारा लेकर उनकी मदद करने के बहाने उनके बैंक खातों से पैसे निकालने का प्रयास कर सकते हैं।
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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि इस तरह के धोखेबाज बैंक प्रतिनिधि के रूप में फोन के माध्यम से नागरिकों को उनके ऋण की ईएमआई टालने के लिए फोन कॉल्स पर ओटीपी साझा करने के लिए कहते हैं।
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ओटीपी साझा करते ही इन घोटालेबाजों द्वारा राशि को धोखाधड़ी कर बैंक से निकाल लिया जाता है। विर्क ने लोगों को ऐसे साइबर अपराधियों के प्रति सचेत रहने और फोन कॉल पर ओटीपी साझा न करने की सलाह देते हुए कहा कि बैंकिंग दिशा निर्देशों के अनुसार ईएमआई टालने के लिए ओटीपी शेयर करने की आवश्यकता नहीं है।
विर्क ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे ऐसे साइबर क्रिमिनल के बहकावे में न आएं। जब भी उन्हें ईएमआई के स्थगन संबंधी ऐसी कोई फोन कॉल व ओटीपी प्राप्त हो तो किसी के साथ कोई जानकारी शेयर न करें। ऐसे साइबर अपराधियों को से बचने के लिए सचेत और जागरूक रहें।