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कार्रवाई : नगर निगम ने तीन सेक्टरों में मोबाइल कंपनियों की ओएफसी काटी, ढाई हजार उपभोक्ता परेशान
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नगर निगम के कर्मचारी ऑप्टिकल फाइबर केबल काटकर उसको सील करते हुए।
- फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। नगर निगम ने लीज लाइन और टॉवरों की फीस जमा नहीं करने पर जीओ की दो और एयरटेल की एक ओएफसी (ऑप्टिकल फाइबर केबल) काट कर उसको सील कर दिया है। निगम की इस कार्रवाई से सेक्टर-9, 11 और 21 के करीब ढाई हजार मोबाइल और इंटरनेट उपभोक्ता में हड़कंप है। बड़े अस्पताल, शोरूम, आवासीय क्षेत्रों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होतेे ही दोनों कंपनियों के हेल्प लाइन नंबर पर शिकायतों की लाइन लग गई।
कंपनी के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होेंने नगर निगम में बकाया रकम जमा करवा दी है, इसके बावजूद उनके केबल काटे गए हैं। इधर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल का कहना है कि कंपनियों ने पूरी रकम जमा नहीं कराई है। बकाया का भुगतान करने के बाद ही लाइन जोड़ी जाएगी। मंगलवार को देर शाम तक कंपनियों और निगम के अधिकारियोें में इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे।
पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि शहर में एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल, एटीसी, इंडस और जीओ कंपनी के कुल 318 टावर लगे हैं। उक्त कंपनियों द्वारा वर्ष-2016 के बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया है। पिछले एक वर्ष में लगभग 10 करोड़ रुपये मोबाइल कंपनियों से टॉवर और लीज लाइन की फीस के रूप में रिकवर किए हैं। उनके अनुसार जीओ कंपनी के टावर्स से संबंधित 21 फाइलों का रिकॉर्ड नगर निगम कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
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इसी प्रकार इंडस कंपनी की 16 फाइलें, एयरटेल की 13, वोडाफोन की 18 फाइलें, बीएसएनएल की तीन और एटीसी की 16 फाइलों से संबंधित रिकॉर्ड गायब है। उन फाइलों को ढूंढकर बकाया राशि वसूली जाएगी। शहर में मोबाइल टॉवर और लीज लाइन का करीब 100 करोड़ रुपये बकाया है। संबंधित कंपनियों को इस संबंध में नोटिस जारी कर भुगतान करने के निर्देश दिए थे।
मेयर ने कहा कि बड़ी-बड़ी मोबाइल कंपनियों द्वारा लाइन बिछाने के पश्चात सड़कों पर गड्ढों को पूरी तरह से भरा नहीं जाता। इससे लोगों को असुविधा होती है। ऐसी कंपनियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं। निगम को चलाने के लिए फंड्स की काफी आवश्यकता है। सरकार द्वारा भी हिदायतें दी जा चुकी हैं कि नगर निगम में अपने स्तर पर फंड जुटाएं, इसलिए जहां पर करोड़ों रुपये नगर निगम के फंसे हैं, उसे लेने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा।
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कंपनी के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होेंने नगर निगम में बकाया रकम जमा करवा दी है, इसके बावजूद उनके केबल काटे गए हैं। इधर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल का कहना है कि कंपनियों ने पूरी रकम जमा नहीं कराई है। बकाया का भुगतान करने के बाद ही लाइन जोड़ी जाएगी। मंगलवार को देर शाम तक कंपनियों और निगम के अधिकारियोें में इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे।
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पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि शहर में एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल, एटीसी, इंडस और जीओ कंपनी के कुल 318 टावर लगे हैं। उक्त कंपनियों द्वारा वर्ष-2016 के बाद निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया है। पिछले एक वर्ष में लगभग 10 करोड़ रुपये मोबाइल कंपनियों से टॉवर और लीज लाइन की फीस के रूप में रिकवर किए हैं। उनके अनुसार जीओ कंपनी के टावर्स से संबंधित 21 फाइलों का रिकॉर्ड नगर निगम कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
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इसी प्रकार इंडस कंपनी की 16 फाइलें, एयरटेल की 13, वोडाफोन की 18 फाइलें, बीएसएनएल की तीन और एटीसी की 16 फाइलों से संबंधित रिकॉर्ड गायब है। उन फाइलों को ढूंढकर बकाया राशि वसूली जाएगी। शहर में मोबाइल टॉवर और लीज लाइन का करीब 100 करोड़ रुपये बकाया है। संबंधित कंपनियों को इस संबंध में नोटिस जारी कर भुगतान करने के निर्देश दिए थे।
मेयर ने कहा कि बड़ी-बड़ी मोबाइल कंपनियों द्वारा लाइन बिछाने के पश्चात सड़कों पर गड्ढों को पूरी तरह से भरा नहीं जाता। इससे लोगों को असुविधा होती है। ऐसी कंपनियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं। निगम को चलाने के लिए फंड्स की काफी आवश्यकता है। सरकार द्वारा भी हिदायतें दी जा चुकी हैं कि नगर निगम में अपने स्तर पर फंड जुटाएं, इसलिए जहां पर करोड़ों रुपये नगर निगम के फंसे हैं, उसे लेने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा।