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कार्रवाई : जिला नगर योजनाकर विभाग ने 1.5 एकड़ में बने सात डीपीसी ध्वस्त की
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पिंजौर। जिला नगर योजनाकार के तोड़फोड़ दस्ते ने नियंत्रित क्षेत्र और अर्बन एरिया की राजस्व संपदा गांव खोखरा में करीब 1.5 एकड़ में पनप रही अवैध कॉलोनी में कार्रवाई कर सात डीपीसी को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान जिला नगर योजनाकार पंचकूला प्रियम भारद्वाज और रेंज ऑफिसर पिंजौर अमित शर्मा बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त जिला नगर योजनाकार की टीम किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल के साथ मौजूद रही। जिला नगर योजनाकार पंचकूला प्रियम भारद्वाज ने बताया कि कार्रवाई के दौरान तोड़फोड़ का विरोध करने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।
लोगों ने अधिकारियों और पुलिस से बहस की और निर्माण ना तोड़ने का आग्रह किया लेकिन तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही। उन्होंने बताया कि राजस्व संपदा गांव खोखरा हदबस्त नंबर 100 के खसरा नम्बर 207, 209, 210, 211, 212, 213, 214, 215, 216 में लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत प्लॉटों की डीपीसी गिराई गई। उन्होंने बताया कि निदेशक नगर और ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा चंडीगढ़ से अनुमति लिए बिना कोई भी कॉलोनी बनाने के लिए प्लॉटिंग करता है, तो विभाग उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि बिना सरकारी अनुमति के भू मालिकों द्वारा कोई अवैध निर्माण प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा तो ऐसे ही भू मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट 1975, पेरीफेरी नियंत्रित क्षेत्र 1952 तथा नियंत्रित क्षेत्र 1963 के तहत विभाग सख्त कानूनी कार्रवाई करता है। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है जिसमें सात साल कारावास और जुर्माने का भी प्रावधान है।
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लोगों ने अधिकारियों और पुलिस से बहस की और निर्माण ना तोड़ने का आग्रह किया लेकिन तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रही। उन्होंने बताया कि राजस्व संपदा गांव खोखरा हदबस्त नंबर 100 के खसरा नम्बर 207, 209, 210, 211, 212, 213, 214, 215, 216 में लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया जिसके अंतर्गत प्लॉटों की डीपीसी गिराई गई। उन्होंने बताया कि निदेशक नगर और ग्राम आयोजना विभाग हरियाणा चंडीगढ़ से अनुमति लिए बिना कोई भी कॉलोनी बनाने के लिए प्लॉटिंग करता है, तो विभाग उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी करेगा।
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उन्होंने यह भी बताया कि यदि बिना सरकारी अनुमति के भू मालिकों द्वारा कोई अवैध निर्माण प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा तो ऐसे ही भू मालिकों, प्रॉपर्टी डीलरों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ अर्बन एरिया एक्ट 1975, पेरीफेरी नियंत्रित क्षेत्र 1952 तथा नियंत्रित क्षेत्र 1963 के तहत विभाग सख्त कानूनी कार्रवाई करता है। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है जिसमें सात साल कारावास और जुर्माने का भी प्रावधान है।
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