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Panchkula News: जंगल से खैर के पेड़ काटने के मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत
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जंगल से खैर के पेड़ काटने के मामले में आरोपी को मिली अग्रिम जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर थाना क्षेत्र के सूरजपुर ब्लॉक स्थित जंगल से खैर के पेड़ काटकर लकड़ी ले जाने के मामले में आरोपी मलकियत सिंह उर्फ बबला को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई। अदालत ने आरोपी को 7 सितंबर 2026 तक या उससे पहले जांच अधिकारी के समक्ष जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। मामले में आरोप है कि 3 अप्रैल की रात सरकारी जंगल से छह खैर के पेड़ काटे गए थे। वन अधिकारियों को सूचना मिलने पर प्रेमपुरा रोड पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान बाइक पर तीन लोगों को इलाके की रेकी करते देखा गया, जो वन अधिकारियों को देखकर फरार हो गए। इसके बाद जंगल के पास खैर की लकड़ी से भरी मारुति-800 कार बरामद हुई, जिसका चालक मौके से फरार हो गया था। 14 जून को पिंजौर थाने में मामला दर्ज किया गया। अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि मलकियत सिंह को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। उसके खिलाफ पेड़ काटने या कार चलाने का कोई सीधा आरोप नहीं है और न ही पुलिस ने उसके कब्जे से कोई बरामदगी की है। अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ की तत्काल आवश्यकता नहीं दिखाई देती। उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत देते हुए बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए गए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पिंजौर थाना क्षेत्र के सूरजपुर ब्लॉक स्थित जंगल से खैर के पेड़ काटकर लकड़ी ले जाने के मामले में आरोपी मलकियत सिंह उर्फ बबला को अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई। अदालत ने आरोपी को 7 सितंबर 2026 तक या उससे पहले जांच अधिकारी के समक्ष जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। मामले में आरोप है कि 3 अप्रैल की रात सरकारी जंगल से छह खैर के पेड़ काटे गए थे। वन अधिकारियों को सूचना मिलने पर प्रेमपुरा रोड पर नाकेबंदी की गई। इस दौरान बाइक पर तीन लोगों को इलाके की रेकी करते देखा गया, जो वन अधिकारियों को देखकर फरार हो गए। इसके बाद जंगल के पास खैर की लकड़ी से भरी मारुति-800 कार बरामद हुई, जिसका चालक मौके से फरार हो गया था। 14 जून को पिंजौर थाने में मामला दर्ज किया गया। अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि मलकियत सिंह को गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। उसके खिलाफ पेड़ काटने या कार चलाने का कोई सीधा आरोप नहीं है और न ही पुलिस ने उसके कब्जे से कोई बरामदगी की है। अदालत ने परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि आरोपी से हिरासत में पूछताछ की तत्काल आवश्यकता नहीं दिखाई देती। उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत देते हुए बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए गए।