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पंचकूला में बनेगा 50 बेड का आयुष अस्पताल, ये सुविधाएं मिलेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2016 12:58 AM IST
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अस्पताल में भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पंचकूला की जनता को जल्द 50 बेड का आयुष अस्पताल मिलने वाला है। पंचकूला सेक्टर-3 स्थित आयुष महानिदेश कार्यालय कैंपस में अस्पताल के लिए जगह चिन्ह्ति किया गया है। इस अस्पताल का निर्माण 10 करोड़ की लागत से होगा।
जनता की मांग पर महानिदेश आयुष ने अस्पताल का प्रपोजल प्रदेश सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। हरियाणा में पंचकूला ही पंचकर्म के लिए बेहतर माना जाता है। ऐसी स्थिति में कमी थी तो एक अस्पताल की।
अस्पताल की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि यहां आने वाले मरीजों को दाखिल करने का इंतजाम नहीं था और ऐसे में मरीज को डाक्टर भी ढंग से नहीं देख पाते हैं। पंचकर्म के लिए पंचकूला में जिले से ही मरीज नहीं आते, बल्कि पंजाब के लोग भी सेंटर में आते हैं। पंचकूला के गवर्नमेंट आयुष डिस्पेंसरियों में पंचकर्म की अधिकतर सेवाएं फ्री हैं।
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होटल और गेस्ट हाउस में ठहरते हैं मरीज
पंचकूला में पंचकर्मा के लिए आने वाले मरीजों को दाखिल करने की सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें होटलों और सेक्टरों में बने प्राइवेट गेस्ट हाउसों में रुकना पड़ता है। सेक्टर-9 की डिस्पेंसरी में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. सांत्वना ने बताया कि पंचकर्मा के लिए हरियाणा ही नहीं पंजाब के अलग अलग शहरों से भी मरीज आते हैं। लेकिन अस्पताल नहीं होने की वजह से कभी जनरल अस्पताल तो कभी यूथ हॉस्टल में मरीजों को ठहराना पड़ता है। हर माह अस्पताल में करीब डेढ से दो सौ मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें दाखिल करना जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल नहीं होने की वजह से उन्हें दूसरे जगह ठहराना पड़ता है। इनमें स्पोर्ट्स के मरीजों की तादाद ज्यादा होती है।
आयुष की ओर से मिलने वाली पंचकर्म की सुविधाएं
वमन, विरेचन, वस्ती, अनुवाशन, निरूह, नस्य, रक्त मोक्षण
केरलीय पंचकर्म
केरलीय पंचकर्म में कटी वस्ती, जान वस्ती, ग्रीवा वस्ती, सिरोधारा, षष्टी शाली स्वेद, पंगपिंड स्वेद, उदवर्दन, सर्वांग, अभ्यंग, नस्य शामिल हैं।
इन मरीजों की ज्यादा तादाद
सर्वाइकल, आर्थराइटिस, अनिद्रा, पुराना जुकाम, स्किन प्रोब्लम, नासूर।
हमने आयुष अस्पताल का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसके लिए सेक्टर-3 में स्थित निदेशालय में ही जगह का प्रस्ताव है।
डॉ. साकेत कुमार निदेशक हरियाणा आयुष विभाग
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जनता की मांग पर महानिदेश आयुष ने अस्पताल का प्रपोजल प्रदेश सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा। हरियाणा में पंचकूला ही पंचकर्म के लिए बेहतर माना जाता है। ऐसी स्थिति में कमी थी तो एक अस्पताल की।
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अस्पताल की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि यहां आने वाले मरीजों को दाखिल करने का इंतजाम नहीं था और ऐसे में मरीज को डाक्टर भी ढंग से नहीं देख पाते हैं। पंचकर्म के लिए पंचकूला में जिले से ही मरीज नहीं आते, बल्कि पंजाब के लोग भी सेंटर में आते हैं। पंचकूला के गवर्नमेंट आयुष डिस्पेंसरियों में पंचकर्म की अधिकतर सेवाएं फ्री हैं।
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होटल और गेस्ट हाउस में ठहरते हैं मरीज
पंचकूला में पंचकर्मा के लिए आने वाले मरीजों को दाखिल करने की सुविधा नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें होटलों और सेक्टरों में बने प्राइवेट गेस्ट हाउसों में रुकना पड़ता है। सेक्टर-9 की डिस्पेंसरी में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. सांत्वना ने बताया कि पंचकर्मा के लिए हरियाणा ही नहीं पंजाब के अलग अलग शहरों से भी मरीज आते हैं। लेकिन अस्पताल नहीं होने की वजह से कभी जनरल अस्पताल तो कभी यूथ हॉस्टल में मरीजों को ठहराना पड़ता है। हर माह अस्पताल में करीब डेढ से दो सौ मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें दाखिल करना जरूरी होता है, लेकिन अस्पताल नहीं होने की वजह से उन्हें दूसरे जगह ठहराना पड़ता है। इनमें स्पोर्ट्स के मरीजों की तादाद ज्यादा होती है।
आयुष की ओर से मिलने वाली पंचकर्म की सुविधाएं
वमन, विरेचन, वस्ती, अनुवाशन, निरूह, नस्य, रक्त मोक्षण
केरलीय पंचकर्म
केरलीय पंचकर्म में कटी वस्ती, जान वस्ती, ग्रीवा वस्ती, सिरोधारा, षष्टी शाली स्वेद, पंगपिंड स्वेद, उदवर्दन, सर्वांग, अभ्यंग, नस्य शामिल हैं।
इन मरीजों की ज्यादा तादाद
सर्वाइकल, आर्थराइटिस, अनिद्रा, पुराना जुकाम, स्किन प्रोब्लम, नासूर।
हमने आयुष अस्पताल का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इसके लिए सेक्टर-3 में स्थित निदेशालय में ही जगह का प्रस्ताव है।
डॉ. साकेत कुमार निदेशक हरियाणा आयुष विभाग