{"_id":"146-18078","slug":"Panchkula-18078-146","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलह फुट गहरे गड्ढे में मिसा हितेश का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोलह फुट गहरे गड्ढे में मिसा हितेश का शव
Panchkula
Updated Fri, 26 Jul 2013 05:33 AM IST
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पंचकूला। सेक्टर-15 निवासी हितेश कपूर का शव घग्गर नदी में 16 फुट गहरे गड्ढे में मिला। यह गड्ढा चौकी गांव के पास था। पटियाला से आए गोताखोर आशु मलिक और उनकी टीम ने बताया कि घग्गर में काफी गहरे-गहरे गड्ढे हैं। निचली चौकी के पास एक 16 फुट गहरे गड्ढे में गोताखोर पहुंचे तो एक लाश मिली। लाश को ऊपर खींचकर प्रशासन को सूचना दी गई। आशु ने बताया कि अभियान घटनास्थल से आधा किलोमीटर की दूरी से शुरू किया था। पहली बार सपाट सर्च कर गड्ढों को चिन्हित किया गया। गड्ढे के आसपास से सेना, जिला प्रशासन की रेस्क्यू टीम भी गुजरी, लेकिन लाश के बारे में पता नहीं चल पाया। वीरवार शाम गोताखोर टीम वापस लौट गई।
शुभम को तैराकी भी नहीं बचा पाई जान
जानलेवा बर्ड डे पार्टी का शिकार बने सेक्टर-25 निवासी शुभम को तैरना आता था, लेकिन फिर भी वह पानी में बह गया। शुभम का शव बुधवार दोपहर बरामद होने के बाद वीरवार को कालका अस्पताल में पोस्टमार्टम किया। वीरवार को पंचकूला शव पहुंचा तो परिवार वाले अपना होश गंवा बैठे। शुभम का शव काफी खराब हो चुका था। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का कहना था कि शुभम को तैरना आता था। हर किसी की जुबां पर बस एक ही सवाल था कि शुभम वहां गया क्यों? परिजन बोलने की हालत में नहीं थे। शुभम के घर के आसपास का माहौल गमगीन था। लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
सम्वित का शव देखकर बेहोश हुई मां
सेक्टर-11 निवासी सम्वित का शव बनूड़ के पास बरामद हुआ। पुलिस लापता पांचों बच्चों के परिजनों को लेकर पहुंची। शव की एक बाजू पर ओम गुदा होने की जानकारी मिलने पर वे नहीं गए। वहीं सम्वित के पिता सीएन रैना के साथ काम करने वाले कुछ लोग डेराबस्सी के अस्पताल मे पहुंचे। उन्होंने बताया कि ओम नहीं गुदा है। इसके बाद सीएन रैना और उनकी पत्नी रजनी अस्पताल पहुंचे। रैना ने बेटे की पहचान की। मां रजनी ने चेहरा दिखाने के लिए कहा तो डॉक्टरों ने इंकार किया। क्योंकि शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। मां ने चेहरा देखा तो होश खो बैठी। शव पर काफी घाव थे। वजन भी करीब 200 किलो हो गया था।
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शुभम को तैराकी भी नहीं बचा पाई जान
जानलेवा बर्ड डे पार्टी का शिकार बने सेक्टर-25 निवासी शुभम को तैरना आता था, लेकिन फिर भी वह पानी में बह गया। शुभम का शव बुधवार दोपहर बरामद होने के बाद वीरवार को कालका अस्पताल में पोस्टमार्टम किया। वीरवार को पंचकूला शव पहुंचा तो परिवार वाले अपना होश गंवा बैठे। शुभम का शव काफी खराब हो चुका था। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों का कहना था कि शुभम को तैरना आता था। हर किसी की जुबां पर बस एक ही सवाल था कि शुभम वहां गया क्यों? परिजन बोलने की हालत में नहीं थे। शुभम के घर के आसपास का माहौल गमगीन था। लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
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सम्वित का शव देखकर बेहोश हुई मां
सेक्टर-11 निवासी सम्वित का शव बनूड़ के पास बरामद हुआ। पुलिस लापता पांचों बच्चों के परिजनों को लेकर पहुंची। शव की एक बाजू पर ओम गुदा होने की जानकारी मिलने पर वे नहीं गए। वहीं सम्वित के पिता सीएन रैना के साथ काम करने वाले कुछ लोग डेराबस्सी के अस्पताल मे पहुंचे। उन्होंने बताया कि ओम नहीं गुदा है। इसके बाद सीएन रैना और उनकी पत्नी रजनी अस्पताल पहुंचे। रैना ने बेटे की पहचान की। मां रजनी ने चेहरा दिखाने के लिए कहा तो डॉक्टरों ने इंकार किया। क्योंकि शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी। मां ने चेहरा देखा तो होश खो बैठी। शव पर काफी घाव थे। वजन भी करीब 200 किलो हो गया था।
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