{"_id":"5b3bdb164f1c1bad288b47a7","slug":"91530649366-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोहतक और नोएडा के ध्यानार्थ....मारपीट का आरोप, मेडिकल कराने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोहतक और नोएडा के ध्यानार्थ....मारपीट का आरोप, मेडिकल कराने की अपील
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसआईटी पर कुलदीप की पिटाई का आरोप, मेडिकल कराने की अपील
- एचसीएस पेपरलीक मामले में एसआईटी ने किया था सुनीता के भाई को गिरफ्तार
- पत्नी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा-पति कुलदीप की एसआईटी ने की पिटाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एचसीएस ज्यूडिशियल पेपरलीक मामले में पिछले सप्ताह दिल्ली से गिरफ्तार सुनीता के भाई कुलदीप की पत्नी स्वीटी ने उससे पुलिस रिमांड के दौरान पिटाई करने का आरोप लगाया है। स्वीटी ने मंगलवार को जिला अदालत में याचिका दायर कर कुलदीप का मेडिकल करवाने की अपील की है। अदालत ने याचिका पर स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को नोटिस जारी कर बुधवार को जवाब दाखिल करने को कहा है।
स्वीटी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कुलदीप का पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद वह उससे मिलने बुड़ैल जेल गई थी। वहां कुलदीप ने उसे बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान उससे एसआईटी में शामिल जांच अफसरों और अन्य पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह पिटाई की है। खासकर जांच टीम से जुड़े अफसरों ने। पिटाई के बाद उससे जबरन खाली पेपर पर साइन भी करवाए गए। वहीं, उससे जबरन कबूलनामा भी लिखवाया गया।
स्वीटी को अंदेशा है कि पुलिस पूरी जांच और उसे ही मामले में मुख्य आरोपी बना सकती है। इसीलिए उसे बुरी तरह से पीटा गया है। उसके बाएं कंधे, थाई, घुटने, पैरों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने अदालत से जेल सुपरिंटेंडेंट को कुलदीप का सरकारी अस्पताल से पूर्ण मेडिकल करवाने के आदेश देने की अपील की है।
विज्ञापन
बता दें कि एसआईटी ने 23 जून को सुनीता के भाई कुलदीप को दिल्ली नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था। एचसीएस ज्यूडिशियल पेपरलीक मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी थी। पुलिस जांच के अनुसार कुलदीप ही मुख्य आरोपी सुनीता के साथ पूरे रैकेट का संचालन करता था। कुलदीप पर ही कैंडीडेट्स लाने और उनसे मोटी रकम जमा कर उसे मैनेज करने की जिम्मेदारी थी। आरोपी बीते नौ महीने से फरार चल रहा था, जबकि उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी टीम लंबे समय से प्रयासरत थी। आरोपी को सूचना के आधार पर पुलिस ने नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
- एचसीएस पेपरलीक मामले में एसआईटी ने किया था सुनीता के भाई को गिरफ्तार
- पत्नी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा-पति कुलदीप की एसआईटी ने की पिटाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एचसीएस ज्यूडिशियल पेपरलीक मामले में पिछले सप्ताह दिल्ली से गिरफ्तार सुनीता के भाई कुलदीप की पत्नी स्वीटी ने उससे पुलिस रिमांड के दौरान पिटाई करने का आरोप लगाया है। स्वीटी ने मंगलवार को जिला अदालत में याचिका दायर कर कुलदीप का मेडिकल करवाने की अपील की है। अदालत ने याचिका पर स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को नोटिस जारी कर बुधवार को जवाब दाखिल करने को कहा है।
स्वीटी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कुलदीप का पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद वह उससे मिलने बुड़ैल जेल गई थी। वहां कुलदीप ने उसे बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान उससे एसआईटी में शामिल जांच अफसरों और अन्य पुलिसकर्मियों ने बुरी तरह पिटाई की है। खासकर जांच टीम से जुड़े अफसरों ने। पिटाई के बाद उससे जबरन खाली पेपर पर साइन भी करवाए गए। वहीं, उससे जबरन कबूलनामा भी लिखवाया गया।
विज्ञापन
स्वीटी को अंदेशा है कि पुलिस पूरी जांच और उसे ही मामले में मुख्य आरोपी बना सकती है। इसीलिए उसे बुरी तरह से पीटा गया है। उसके बाएं कंधे, थाई, घुटने, पैरों के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने अदालत से जेल सुपरिंटेंडेंट को कुलदीप का सरकारी अस्पताल से पूर्ण मेडिकल करवाने के आदेश देने की अपील की है।
विज्ञापन
बता दें कि एसआईटी ने 23 जून को सुनीता के भाई कुलदीप को दिल्ली नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था। एचसीएस ज्यूडिशियल पेपरलीक मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी थी। पुलिस जांच के अनुसार कुलदीप ही मुख्य आरोपी सुनीता के साथ पूरे रैकेट का संचालन करता था। कुलदीप पर ही कैंडीडेट्स लाने और उनसे मोटी रकम जमा कर उसे मैनेज करने की जिम्मेदारी थी। आरोपी बीते नौ महीने से फरार चल रहा था, जबकि उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआईटी टीम लंबे समय से प्रयासरत थी। आरोपी को सूचना के आधार पर पुलिस ने नजफगढ़ से गिरफ्तार किया था।