फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   पंजाब सरकार के सौ दिन पर अंदर के पेज के लिए

पंजाब सरकार के सौ दिन पर अंदर के पेज के लिए

Fri, 23 Jun 2017 01:37 AM IST
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:37 AM IST
विज्ञापन
पंजाब सरकार के सौ दिन पर अंदर के पेज के लिए
पहली कैबिनेट से ही सरकार ने साफ की नीयत
विज्ञापन

मनप्रीत बादल ने पहले बजट में ही सीएम के कई वादों को किया साकार
सदन के अंदर और बाहर चर्चा में रहे सिद्धू, राणा गुरजीत पर पड़ा विवादों का साया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।

कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में ही सरकार की नीयत साफ कर दी थी। चुनाव मेनिफेस्टो में किए वादे में कांग्रेस ने तत्परता दिखाई। वहीं, वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने भी पहले बजट में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के कई वादों को साकार किया।
16 मार्च को कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनकी कैबिनेट ने शपथ ली थी। उसके बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही 120 फैसलों पर मुहर लगाई, जोकि कांग्रेस के मेनिफेस्टो से संबंधित था। इनमें सबसे अहम था वीआईपी कल्चर खत्म करना, वीआईपी वाहनों से लाल बत्ती हटाना। बाद में उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को भी यह मॉडल अपनाना पड़ा। इसी बैठक में ट्रांसपोर्ट विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाते हुए डीटीओ सिस्टम खत्म करने का फैसला किया गया। वादा पूरा करते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल में दर्ज झूठे परचों की जांच को आयोग गठित करने का फैसला किया गया। नशे के खात्मे को स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया। रेडक्रॉस के जरिए सस्ता खाना मुहैया कराने, सरकारी नौकरी में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया गया। नई एक्साइज पॉलिसी में ठेकों की संख्या वादे के मुताबिक घटाई गई।
विज्ञापन

किसानों के कर्ज पर एक्सपर्ट ग्रुप बनाने का फैसला लिया गया। इस ग्रुप ने साठ दिन में अपनी रिपोर्ट देनी थी, जो नहीं हो सका, लेकिन सीएम बजट सत्र में किसानों के लिए कुछ न कुछ एलान करने का मन बना चुके थे। राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस पंजाब को देश भर में एक मॉडल के रूप में पेश करना चाहती है। यह भी दबाव था। इसलिए बजट सत्र में ही किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ करने का एलान कर दिया गया। मनप्रीत की ओर से इसके लिए सिर्फ 1500 करोड़ के बजट प्रावधान पर उंगलियां उठीं, लेकिन उन्होंने और सीएम ने स्पष्ट किया कि किसानों का सारा कर्ज सरकार अडॉप्ट करेगी। बजट में कई और वादे पूरे किए गए। युवाओं को स्मार्ट फोन के लिए बजट, तो आटा-दाल स्कीम में चीनी और चाय पत्ती को शामिल किया गया। फसलों का मुआवजा बढ़ाया गया, खेती का बजट बढ़ा, लेकिन किसानों के हालात सुधारने का कोई रोड मैप नजर नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने यह माना कि गेहूं-धान का फसल चक्र अब फायदेमंद नहीं हैस लेकिन किसानों को इससे कैसे निकाला जाएगा, इसे लेकर कोई ठोस एलान नहीं किया गया। प्राइमरी स्कूलों के लिए फर्नीचर से लेकर कंप्यूटर के लिए बजट प्रावधान किए गए, लेकिन सबसे गंभीर समस्या टीचरों की किल्लत दूर करने को कुछ नहीं कहा गया। नए एंटरप्रेन्योर के लिए यारी एंटरप्राइजेज के तहत पचास करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन हर घर से एक युवा को रोजगार के वादे पर बजट में कुछ खास नहीं है। जबकि, यह सबसे बड़ा वादा था। वादे के मुताबिक सीमांत इलाकों के विकास को तीन सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है, लेकिन पेंशन और आशीर्वाद स्कीमों में मनप्रीत वादे के मुताबिक बढ़ोतरी नहीं कर सके। हालांकि, उन्होंने आर्थिक हालात का हवाला दिया। सौ दिनों में नवजोत सिद्धू ही सदन के अंदर और बाहर छाए रहे। सदन में वह अकालियों के निशाने पर रहे। तो सदन के बाहर वह तेजतर्रार कार्यशैली के चलते चर्चा में रहे। उन्होंने अपने दोनों विभागों स्थानीय निकाय और पर्यटन में कई नई पहल कीं। वहीं, राणा गुरजीत सिंह विवादों में घिर गए। सरकार ने अपने चुनावी वादे के तहत रेत खदानों की बोली पारदर्शी ढंग से कराई, लेकिन करोड़ों की बोली लगा कर खदानें लेने वाले चार लोग राणा के पूर्व मुलाजिम निकले। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया, आखिर सीएम को न्यायिक आयोग गठित करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed