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आयुष औषधालय और बीस बिस्तर के खुलेंगे अस्पताल
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:25 AM IST
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आयुष औषधालय और 20 बिस्तर के खुलेंगे अस्पताल
- नई आयुष ड्राफ्ट पालिसी को सीएम ने दी मंजूरी
- प्रदेश में चल रही 506 आयुष सुविधाओं में सुधार की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुष औषधालय एवं 20 बिस्तरों तक के अस्पताल खोले जाएंगे। सरकार ने इसके लिए नई आयुष ड्राफ्ट पॉलिसी बनाई है। इस पर अगले 15 दिन तक जनता के सुझाव भी मांगे गए हैं।
पॉलिसी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वीकृति दे दी है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में अब पॉलिसी के तहत ही आयुष औषधालय, 10 तथा 20 बिस्तरों वाले अस्पताल खोले जाएंगे। इस समय कुल 506 आयुष सुविधाएं चल रही है, जिनमें और सुधार की जरूरत है। पॉलिसी से उपचार के लिए आयुष की विभिन्न विधाओं को मुख्यधारा में शामिल करने में सहायता मिलेगी। इसके तहत छह किलोमीटर के दायरे में 5000 की आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्र में आयुष औषधालय खोले जाएंगे। ये गांव के साथ लगते स्थानों पर होंगे।
गांव तथा ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के औषधालय के लिए 4500 वर्ग फुट तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 2250 वर्ग फुट भूमि की आवश्यकता होगी। तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए 2250 वर्ग फुट और शहरी क्षेत्र के लिए 4500 वर्ग फुट भूमि जरूरी है। जिला स्तर पर 20 बिस्तरों के अस्पताल 4500 वर्ग फुट भूमि पर खोले जा सकेंगे। गांव एवं ब्लॉक स्तर पर बनाए जाने वाले ग्रामीण औषधालय में ओपीडी कक्ष, वितरण कक्ष, स्टोर, थैरेपी कक्ष, पंजीकरण कक्ष, वरामदा तथा 3 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। शहरी औषधालय में दो ओपीडी कक्ष, एक वितरण कक्ष, एक स्टोर, एक थैरेपी कक्ष, एक पंजीकरण कक्ष, बरामदा और 4 शौचालय होंगे।
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- नई आयुष ड्राफ्ट पालिसी को सीएम ने दी मंजूरी
- प्रदेश में चल रही 506 आयुष सुविधाओं में सुधार की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयुष औषधालय एवं 20 बिस्तरों तक के अस्पताल खोले जाएंगे। सरकार ने इसके लिए नई आयुष ड्राफ्ट पॉलिसी बनाई है। इस पर अगले 15 दिन तक जनता के सुझाव भी मांगे गए हैं।
पॉलिसी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वीकृति दे दी है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में अब पॉलिसी के तहत ही आयुष औषधालय, 10 तथा 20 बिस्तरों वाले अस्पताल खोले जाएंगे। इस समय कुल 506 आयुष सुविधाएं चल रही है, जिनमें और सुधार की जरूरत है। पॉलिसी से उपचार के लिए आयुष की विभिन्न विधाओं को मुख्यधारा में शामिल करने में सहायता मिलेगी। इसके तहत छह किलोमीटर के दायरे में 5000 की आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्र में आयुष औषधालय खोले जाएंगे। ये गांव के साथ लगते स्थानों पर होंगे।
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गांव तथा ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के औषधालय के लिए 4500 वर्ग फुट तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 2250 वर्ग फुट भूमि की आवश्यकता होगी। तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में 10 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए 2250 वर्ग फुट और शहरी क्षेत्र के लिए 4500 वर्ग फुट भूमि जरूरी है। जिला स्तर पर 20 बिस्तरों के अस्पताल 4500 वर्ग फुट भूमि पर खोले जा सकेंगे। गांव एवं ब्लॉक स्तर पर बनाए जाने वाले ग्रामीण औषधालय में ओपीडी कक्ष, वितरण कक्ष, स्टोर, थैरेपी कक्ष, पंजीकरण कक्ष, वरामदा तथा 3 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। शहरी औषधालय में दो ओपीडी कक्ष, एक वितरण कक्ष, एक स्टोर, एक थैरेपी कक्ष, एक पंजीकरण कक्ष, बरामदा और 4 शौचालय होंगे।
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