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चंद मिनट लेट होने वाले बच्चों पर नरम हुए स्कूल, गणित के पेपर में 5 मिनट बाद भी मिली एंट्री
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स्कूलों ने बरती नरमी : गणित के पेपर में 5 मिनट बाद भी मिली एंट्री
-बीते दिनों चंद मिनटों की वजह से 10वीं व 12वीं के कई छात्र पेपर देने से रह गए वंचित
- सीबीएसई की 10वीं गणित का पेपर आसान आने से विद्यार्थियों के खिले चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बीते दिनों चंद मिनटों की वजह से 10वीं व 12वीं के कई छात्रों को पेपर में नहीं बैठने दिया गया। इस वजह से छात्रों का साल खराब हो गया। अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाने के बाद अब स्कूलों ने थोड़ी नरमी बरती है। वीरवार को 10वीं कक्षा के गणित के पेपर में कई स्कूलों ने 4-5 मिनट लेट हुए बच्चों को भी एंट्री करा दी। हालांकि बच्चों और उनके अभिभावकों को आखिरी चेतावनी भी दी गई कि यदि अब वह दोबारा लेट हुए तो उन्हें किसी भी हालत में परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा में बैठने से पहले चिंतित, बाद में खिले चेहरे
सीबीएसई की 10वीं कक्षा का गणित का पेपर पूरा हो चुका है। कई सालों से सीबीएसई के गणित का पेपर कठिन होने की वजह से चर्चा में रहा है। इस साल भी एग्जाम सेंटर्स के बाहर पेपर को लेकर वैसी ही एक्साइटमेंट और माता पिता के चेहरों पर बच्चों के लिए टेंशन का माहौल देखने को मिला। एग्जाम खत्म होने के बाद बाहर आए स्टूडेंट्स के चेहरों पर स्माइल तो कुछ के चेहरों पर गम और कुछ के चेहरे बेहद उत्साहित नजर आए।
एक्सपर्ट राय : संतुलित रहा गणित का पेपर
स्टूडेंट्स से बातचीत करने पर उनके मिले जुले रिएक्शन्स सुनने को मिले। कई स्टूडेंट्स के लिए ये पहला बोर्ड एग्जाम था जिसमें वो बैठे थे। उनके चेहरों पर इसकी खुशी साफ देखने को मिल रही थी। अगर एक्सपर्ट की बात की जाए तो ज्यादातर लोगों का कहना है कि गणित का पेपर न बहुत ज्यादा कठिन था और न ही सरल। एक्सपर्ट की मानें तो इस गणित के पेपर में छात्र आराम से 50 से 60 फीसदी अंक प्राप्त कर सकते हैं।
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कोट्स---
जैसा पढ़ाया था वैसा ही पेपर आया
पेपर में बैठने से पहले काफी टेंशन थी कि न जाने पेपर कैसा आएगा, लेकिन पेपर आसान था। जैसा पढ़ाया गया था वैसा ही आया था। अच्छे नंबरों की उम्मीद है। - साहिल, छात्र
काफी आसान था पेपर
गणित का पेपर काफी आसान था। सारा कुछ एनसीईआरटी की किताब से ही आया था। कुछ प्रश्न ट्रिकी थे, लेकिन सिलेबस में से ही थे। - हितेश, छात्र
टेंशन थी, लेकिन अच्छा रहा पेपर
गणित के पेपर को लेकर काफी टेंशन थी, लेकिन पेपर अच्छा हुआ है। आउट ऑफ सिलेबस कुछ नहीं था। अब आने वाले पेपर भी अच्छे से हो जाएं। - योगेश, छात्र
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-बीते दिनों चंद मिनटों की वजह से 10वीं व 12वीं के कई छात्र पेपर देने से रह गए वंचित
- सीबीएसई की 10वीं गणित का पेपर आसान आने से विद्यार्थियों के खिले चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बीते दिनों चंद मिनटों की वजह से 10वीं व 12वीं के कई छात्रों को पेपर में नहीं बैठने दिया गया। इस वजह से छात्रों का साल खराब हो गया। अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाने के बाद अब स्कूलों ने थोड़ी नरमी बरती है। वीरवार को 10वीं कक्षा के गणित के पेपर में कई स्कूलों ने 4-5 मिनट लेट हुए बच्चों को भी एंट्री करा दी। हालांकि बच्चों और उनके अभिभावकों को आखिरी चेतावनी भी दी गई कि यदि अब वह दोबारा लेट हुए तो उन्हें किसी भी हालत में परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा में बैठने से पहले चिंतित, बाद में खिले चेहरे
सीबीएसई की 10वीं कक्षा का गणित का पेपर पूरा हो चुका है। कई सालों से सीबीएसई के गणित का पेपर कठिन होने की वजह से चर्चा में रहा है। इस साल भी एग्जाम सेंटर्स के बाहर पेपर को लेकर वैसी ही एक्साइटमेंट और माता पिता के चेहरों पर बच्चों के लिए टेंशन का माहौल देखने को मिला। एग्जाम खत्म होने के बाद बाहर आए स्टूडेंट्स के चेहरों पर स्माइल तो कुछ के चेहरों पर गम और कुछ के चेहरे बेहद उत्साहित नजर आए।
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एक्सपर्ट राय : संतुलित रहा गणित का पेपर
स्टूडेंट्स से बातचीत करने पर उनके मिले जुले रिएक्शन्स सुनने को मिले। कई स्टूडेंट्स के लिए ये पहला बोर्ड एग्जाम था जिसमें वो बैठे थे। उनके चेहरों पर इसकी खुशी साफ देखने को मिल रही थी। अगर एक्सपर्ट की बात की जाए तो ज्यादातर लोगों का कहना है कि गणित का पेपर न बहुत ज्यादा कठिन था और न ही सरल। एक्सपर्ट की मानें तो इस गणित के पेपर में छात्र आराम से 50 से 60 फीसदी अंक प्राप्त कर सकते हैं।
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जैसा पढ़ाया था वैसा ही पेपर आया
पेपर में बैठने से पहले काफी टेंशन थी कि न जाने पेपर कैसा आएगा, लेकिन पेपर आसान था। जैसा पढ़ाया गया था वैसा ही आया था। अच्छे नंबरों की उम्मीद है। - साहिल, छात्र
काफी आसान था पेपर
गणित का पेपर काफी आसान था। सारा कुछ एनसीईआरटी की किताब से ही आया था। कुछ प्रश्न ट्रिकी थे, लेकिन सिलेबस में से ही थे। - हितेश, छात्र
टेंशन थी, लेकिन अच्छा रहा पेपर
गणित के पेपर को लेकर काफी टेंशन थी, लेकिन पेपर अच्छा हुआ है। आउट ऑफ सिलेबस कुछ नहीं था। अब आने वाले पेपर भी अच्छे से हो जाएं। - योगेश, छात्र