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स्वाइन फ्लू से हेडकांस्टेबल की मौत

Tue, 01 Aug 2017 01:06 AM IST
Updated Tue, 01 Aug 2017 01:06 AM IST
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स्वाइन फ्लू से हेडकांस्टेबल की मौत

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स्वाइन फ्लू से अब हेडकांस्टेबल की मौत

इस सीजन में तीसरी मौत, अब तक 13 मरीज आए


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
स्वाइन फ्लू का कहर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को शहर में तीसरी मौत हो गई। इंडस्ट्रियल एरिया थाने में तैनात हेड कांस्टेबल स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए थे। पहले उन्हें जीएमएसएच 16 में एडमिट कराया गया। बाद में हालत खराब होने पर सेक्टर 32 स्थित मेडिकल कालेज में रेफर कर दिया गया। दोपहर करीब दो बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिजनों ने बताया कि 29 जुलाई को ड्यूटी करने के बाद जब वह घर आए तो उन्होंने बताया कि उनसे चला नहीं जा रहा। बुखार और खांसी आ रही थी।
परिजन उन्हें सेक्टर 16 हास्पिटल लेकर गए। जांच के बाद उन्हें घर भेज दिया। दोपहर करीब तीन बजे दोबारा से तबीयत खराब हुई। परिजन उन्हें फिर सेक्टर 16 हास्पिटल ले गए। 30 जुलाई की पूरी रात उन्हें हास्पिटल में रखा। स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने की स्थिति में सुबह करीब नौ बजे उन्हें मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया। करीब दो बजे डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कालेज में डाक्टरों ने उन्हें करीब 45 मिनट के बाद देखा।
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डायबिटीज से पीड़ित थे मरीज
चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि हेडकांस्टेबल डायबिटीज व हाइपरटेंशन से पीड़ित थे। इस वजह से वे रिस्क फैक्टर में थे। दरअसल डायबिटीज से शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ऐसे पेशेंट में सबसे ज्यादा रिस्क फ्रैक्टर में होते हैं। डाक्टरों का कहना है कि ऐसे पेशेंट को चाहिए कि वह बचकर रहे। पौष्टिक भोजन खाए। स्वाइन फ्लू की वैक्सीन भी लगवा सकते हैं।
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अब तक 13 पाजिटिव मरीज आ चुके हैं
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि अब तक चंडीगढ़ में कुल 13 पाजिटिव मरीज आ चुके हैं। इनमें से तीन की मौत हुई है। इससे पहले सेक्टर 37 के एक व्यक्ति और मलोया की एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है।

ऐसे रखें ख्याल
हमेशा रुमाल साथ लेकर चलें, छींक आए या खांसी, अपने रुमाल को अपने मुंह पर जरूर रखें।
कोई छींक रहा हो तो कम से कम चार मीटर की दूरी बनाएं।
स्वयं सर्दी खांसी या बुखार जैसा लगे तो घर से बाहर जाना बंद करें। परिवार के सदस्यों से एक नियत दूरी बनाए रखें।
बाजार या भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मजबूरन ही सही, जाना पड़े तो विशेषतौर पर ध्यान रखें कि आप आंखों, नाक और मुंह में उंगलियों का स्पर्श ना करें।
घर पहुंचते ही हाथ को कम से कम 40 सेकेंड तक धो लें। चेहरे, नाक, और मुंह की भी सफाई जरूर करें।
यदि आपके इलाके में स्वाइन फ्लू फैला हुआ है तो स्टैण्डर्ड मास्क (एच-95) पहनकर ही घर से बाहर निकलें, स्टैण्डर्ड मास्क ही स्वाइन फ्लू से बचा सकता है।

स्वाइन फ्लू की आशंका पर जांच कराएं
जुकाम के साथ नाक से पानी आना
गले में खराश -आंखें लाल होना
बुखार आना
सांस लेने में तकलीफ
कमजोरी और थकान महसूस होना। सावधानी बरतें
पुष्टि के बाद मरीज से पांच फिट की दूरी बनाएं
मरीज को अलग कमरे में रखें
तौलिया अलग कर दें
भीड़-भाड़ वाले स्थान पर न निकलें
हाथ मिलाने से बचें
मास्क लगाएं -हाथ न मिलाएं
नाक व मुंह छुने पर साबुन से हाथ धुले
सर्दी-जुखाम व बुखार आने पर बिना डॉक्टरी सलाह पर दवाएं न लें
खानपान में सावधानी बरतें
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