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कृषि क्षेत्र को दी जा रही है 7 घंटे बिजली, नहीं होने दी जाएगी कमी : रणजीत सिंह
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चंडीगढ़। हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि फिलहाल कृषि क्षेत्र को रात में 7 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। भविष्य में भी बिजली की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए अडाणी से 1000 मेगावाट, छत्तीसगढ़ से 350 मेगावाट व मध्य प्रदेश से 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली लेने के लिए समझौते किए गए हैं और इस माह में यह बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
बिजली मंत्री ने कहा कि हरियाणा बिजली निगम पहली बार 2 हजार करोड़ के मुनाफे में है। इस मुनाफे की राशि का प्रयोग बिजली खरीदने पर किया जाएगा। यदि पीक समय में जरूरत हुई तो बाजार से और बिजली ली जाएगी और ‘पीक समय’ में भी बिजली की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
रणजीत चौटाला ने कहा कि स्वाभाविक है कि गर्मी के दौरान तकनीकी कारणों से जब कोई खराबी आ जाती है तो उसे ठीक करने में कुछ समय तो लगता है। प्रदेश में पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अधिकतम मांग 12125 मेगावाट प्रतिदिन थी, जो इस वर्ष पीक समय में लगभग 15000 मेगावाट की रहने का अनुमान है। इस 2500 से 3000 मेगावाट के अंतराल को पाटने के लिए बिजली निगमों ने पुख्ता प्रबंध कर दिए हैं।
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रणजीत चौटाला ने कहा कि समय से पहले गर्मी आने के कारण भी बिजली की मांग बढ़ी है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण व दिल्ली से उद्योगों के बाहर शिफ्ट होने के कारण बिजली की मांग 1000 से 1500 मेगावाट प्रतिदिन तक बढ़ी है। दिल्ली से लक्कड़ मंडी, सब्जी मंडी, वेयरहाउसिस व अन्य औद्योगिक इकाइयां हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में शिफ्ट हुई हैं, इसलिए भी बिजली की मांग बढ़ी है।
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बिजली मंत्री ने कहा कि हरियाणा बिजली निगम पहली बार 2 हजार करोड़ के मुनाफे में है। इस मुनाफे की राशि का प्रयोग बिजली खरीदने पर किया जाएगा। यदि पीक समय में जरूरत हुई तो बाजार से और बिजली ली जाएगी और ‘पीक समय’ में भी बिजली की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
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रणजीत चौटाला ने कहा कि स्वाभाविक है कि गर्मी के दौरान तकनीकी कारणों से जब कोई खराबी आ जाती है तो उसे ठीक करने में कुछ समय तो लगता है। प्रदेश में पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में अधिकतम मांग 12125 मेगावाट प्रतिदिन थी, जो इस वर्ष पीक समय में लगभग 15000 मेगावाट की रहने का अनुमान है। इस 2500 से 3000 मेगावाट के अंतराल को पाटने के लिए बिजली निगमों ने पुख्ता प्रबंध कर दिए हैं।
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रणजीत चौटाला ने कहा कि समय से पहले गर्मी आने के कारण भी बिजली की मांग बढ़ी है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण व दिल्ली से उद्योगों के बाहर शिफ्ट होने के कारण बिजली की मांग 1000 से 1500 मेगावाट प्रतिदिन तक बढ़ी है। दिल्ली से लक्कड़ मंडी, सब्जी मंडी, वेयरहाउसिस व अन्य औद्योगिक इकाइयां हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में शिफ्ट हुई हैं, इसलिए भी बिजली की मांग बढ़ी है।