{"_id":"5be88faebdec22695176b0be","slug":"51541967790-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानक पूरे नहीं किए तो कसेगा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानक पूरे नहीं किए तो कसेगा शिकंजा
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेजों के मानकों की जांच करेगी नई कमेटी
- सीनेट की बैठक में हुए विवाद के बाद लिया गया निर्णय
- नए व पुराने कॉलेजों के मानक देखे जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नए व पुराने कॉलेजों के मानकों की जांच के लिए पीयू प्रशासन एक नई कमेटी बनाने जा रहा है। यह कमेटी दिसंबर से अपना काम शुरू कर देगी। जिस प्रकार की रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर कॉलेजों पर शिकंजा कसा जाएगा।
3 नवंबर को हुई पीयू सीनेट की बैठक में इसी मुद्दे को लेकर घमासान हो गया था। इस दौरान सीनेटरों में हाथापाई भी हो गई थी। कहा गया था कि कॉलेजों के इंस्पेक्शन में सीनेटर न लगाए जाएं। इसी को लेकर गहमागहमी हो गई थी। मामला बढ़ा तो पीयू प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। सूत्रों का कहना है कि डिग्री कॉलेजों को मान्यता देने के लिए एक संयुक्त कमेटी बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इसमें सीनेटर, प्रोफेसर, पीयू के अधिकारी आदि लोग शामिल किए जा रहे हैं। नौ सदस्य इस कमेटी में शामिल होंगे। यह कमेटी मानकों की तो जांच करेगी ही, साथ ही छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर सुझाव भी कॉलेज प्रशासन को देगी। यदि कोई मानक पूरा नहीं मिला तो उसे पूरा करने के लिए समय दिया जाएगा। कमेटी इन मानकों की जांच साल में दो बार करेगी। यह भी ध्यान रखेगी कि केवल मान्यता लेने के लिए ही तो मानक पूरे नहीं किए जा रहे हैं? आगे भी वह मानक मेंटेन होते हैं या नहीं।
ये हैं मानक
- शिक्षण कक्षों की संख्या व आकार
- प्रशिक्षित शिक्षक हैं या नहीं
- पुस्तकालय का आकार व किताबों की संख्या
- रिकॉर्ड रखरखाव के साधन।
- आग आदि से बचाव के इंतजाम।
विज्ञापन
- सीनेट की बैठक में हुए विवाद के बाद लिया गया निर्णय
- नए व पुराने कॉलेजों के मानक देखे जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नए व पुराने कॉलेजों के मानकों की जांच के लिए पीयू प्रशासन एक नई कमेटी बनाने जा रहा है। यह कमेटी दिसंबर से अपना काम शुरू कर देगी। जिस प्रकार की रिपोर्ट आएगी, उसी आधार पर कॉलेजों पर शिकंजा कसा जाएगा।
3 नवंबर को हुई पीयू सीनेट की बैठक में इसी मुद्दे को लेकर घमासान हो गया था। इस दौरान सीनेटरों में हाथापाई भी हो गई थी। कहा गया था कि कॉलेजों के इंस्पेक्शन में सीनेटर न लगाए जाएं। इसी को लेकर गहमागहमी हो गई थी। मामला बढ़ा तो पीयू प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। सूत्रों का कहना है कि डिग्री कॉलेजों को मान्यता देने के लिए एक संयुक्त कमेटी बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इसमें सीनेटर, प्रोफेसर, पीयू के अधिकारी आदि लोग शामिल किए जा रहे हैं। नौ सदस्य इस कमेटी में शामिल होंगे। यह कमेटी मानकों की तो जांच करेगी ही, साथ ही छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर सुझाव भी कॉलेज प्रशासन को देगी। यदि कोई मानक पूरा नहीं मिला तो उसे पूरा करने के लिए समय दिया जाएगा। कमेटी इन मानकों की जांच साल में दो बार करेगी। यह भी ध्यान रखेगी कि केवल मान्यता लेने के लिए ही तो मानक पूरे नहीं किए जा रहे हैं? आगे भी वह मानक मेंटेन होते हैं या नहीं।
विज्ञापन
ये हैं मानक
- शिक्षण कक्षों की संख्या व आकार
- प्रशिक्षित शिक्षक हैं या नहीं
- पुस्तकालय का आकार व किताबों की संख्या
- रिकॉर्ड रखरखाव के साधन।
- आग आदि से बचाव के इंतजाम।