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स्कूटर के लाईसेंस पर ट्रक चलाने वाले से रिकवरी करे कंपनी: हाईकोर्ट
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:36 AM IST
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स्कूटर के लाइसेंस पर ट्रक चलाने वाले से रिकवरी के आदेश
-न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने दी थी मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पानीपत के फैसले को चुनौती
-ट्रिब्यूनल ने दिए थे इंश्योरेंस कंपनी को भुगतान के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पानीपत में एक एक्सीडेंट का क्लेम इंश्योरेंस कंपनी के सिर मढ़ने को गलत करार देते हुए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने पानीपत मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए कंपनी को सारे पैसे मालिक कम ड्राइवर से रिकवर करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेशों में कहा कि कैसे स्कूटर का लाइसेंस लेकर कोई ट्रक चला सकता है और इस स्थिति में ड्राइवर कम ऑनर को इंश्योरेंस कपनी को वह भुगतान करना होगा, जो कंपनी ने पीड़ित को किया है।
याचिका दाखिल करते हुए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने कहा था कि पटियाला निवासी सुरजीत सिंह ट्रक का ऑनर कम ड्राइवर है। दुर्घटना की स्थिति में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने ऑनर ड्राइवर व इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से क्लेम के लिए जिम्मेदार माना था। कंपनी ने याचिका में कहा कि इंश्योरेंस कंपनी की इस मामले में जिम्मेदारी नहीं बनती है क्योंकि ड्राइवर के पास एक्सीडेंट की तिथि को वैलिड लाइसेंस मौजूद नहीं था। ड्राइवर के पास मौजूद लाइसेंस से केवल वह स्कूटर चलाने के लिए अधिकृत था पंरतु वह ट्रक चला रहा था। ऐसे में लाइसेंस की उस वाहन के लिए वैधता न होने के चलते इंश्योरेंस कंपनी की जिम्मेदारी क्लेम जारी करने की नहीं बनती है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद याची कंपनी के हक में फैसला सुनाया। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूटर के लाइसेंस पर कोई ट्रक कैसे चला सकता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी की बाध्यता समाप्त हो जाती है। हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए कि जो मुआवजा राशि कंपनी ने जारी की है, उसे कंपनी स्कूटर का लाइसेंस रखने वाले ड्राइवर से वसूल करे।
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-न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने दी थी मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पानीपत के फैसले को चुनौती
-ट्रिब्यूनल ने दिए थे इंश्योरेंस कंपनी को भुगतान के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पानीपत में एक एक्सीडेंट का क्लेम इंश्योरेंस कंपनी के सिर मढ़ने को गलत करार देते हुए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने पानीपत मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अपील मंजूर करते हुए कंपनी को सारे पैसे मालिक कम ड्राइवर से रिकवर करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेशों में कहा कि कैसे स्कूटर का लाइसेंस लेकर कोई ट्रक चला सकता है और इस स्थिति में ड्राइवर कम ऑनर को इंश्योरेंस कपनी को वह भुगतान करना होगा, जो कंपनी ने पीड़ित को किया है।
याचिका दाखिल करते हुए न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी ने कहा था कि पटियाला निवासी सुरजीत सिंह ट्रक का ऑनर कम ड्राइवर है। दुर्घटना की स्थिति में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने ऑनर ड्राइवर व इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से क्लेम के लिए जिम्मेदार माना था। कंपनी ने याचिका में कहा कि इंश्योरेंस कंपनी की इस मामले में जिम्मेदारी नहीं बनती है क्योंकि ड्राइवर के पास एक्सीडेंट की तिथि को वैलिड लाइसेंस मौजूद नहीं था। ड्राइवर के पास मौजूद लाइसेंस से केवल वह स्कूटर चलाने के लिए अधिकृत था पंरतु वह ट्रक चला रहा था। ऐसे में लाइसेंस की उस वाहन के लिए वैधता न होने के चलते इंश्योरेंस कंपनी की जिम्मेदारी क्लेम जारी करने की नहीं बनती है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद याची कंपनी के हक में फैसला सुनाया। अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूटर के लाइसेंस पर कोई ट्रक कैसे चला सकता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी की बाध्यता समाप्त हो जाती है। हाईकोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिए कि जो मुआवजा राशि कंपनी ने जारी की है, उसे कंपनी स्कूटर का लाइसेंस रखने वाले ड्राइवर से वसूल करे।
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