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सर्दी लंबी खिंचने से स्वाइन फ्लू के केस बढ़े
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सर्दी लंबी खिंचने से सक्रिय है स्वाइन फ्लू का वायरस, रहें सावधान
सबहेड
अगले दस दिन तक और रहना होगा सतर्क, मौसम के गर्म होने पर ही कमजोर पड़ेगा वायरस
अब तक 20 मरीज पाजिटिव आ चुके हैं, दो की हो चुकी है मौत
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। स्वाइन फ्लू इस बार फिर दबे पांव फैल रहा है। अब तक चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू के 20 पाजीटिव मरीज आ चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी लंबी खिंची है। वसंत शुरू हो चुका है, लेकिन अब भी दिन का तापमान 20 डिग्री के नीचे दर्ज किया जा रहा है। अगले 10 दिन सर्दी फिलहाल खत्म नहीं होने वाली। 14 फरवरी को फिर से मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी। इससे दिन के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। सर्दी में स्वाइन फ्लू का वायरस एक्टिव होता है। जब तक दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं होगी, तब तक यह वायरस कमजोर नहीं पड़ेगा। इसकी दूसरी वजह यह है कि यह वायरस साइक्लिक पैटर्न पर चलता है। यानि हर एक साल बाद यह एक्टिव होता है। इससे पहले साल 2017 में 63 केस आए थे, जबकि 6 लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों ने यह भी चेताया है कि दस दिन के बाद ही इसके कमजोर पड़ने की संभावना है लेकिन इस दौरान लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है, ताकि इस वायरस की चपेट में आने से बचा जा सके।
घर-घर चल रही है जांच
नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) की स्थानीय टीम की ओर से घर-घर सर्वे चलाया जा रहा है। अब तक कई सेक्टर, मार्केट, स्कूल व कालेज को कवर किया जा चुका है। जहां से पाजिटिव मरीज की सूचना मिलती है, वहां पर टीम मौके पर पहुंचती है और उसके आसपास के 200 से ज्यादा घरों का सर्वे करती है। सर्वे के दौरान टीम को स्वाइन फ्लू के लक्षणों से जागरूक किया जाता है और यह भी जांच होती है कि कोई मरीज बुखार, खांसी या जुकाम से पीड़ित तो नहीं है। यदि ऐसा कोई मिलता है तो उसे दवा दी जाती है और लक्षण की गंभीरता पर पास की डिस्पेंसरी या हास्पिटल पर रेफर कर दिया जाता है।
इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं
यदि कोई स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी चाहता है तो वह एनवीबीडीसीपी के हेल्पलाइन नंबर 9779558282 पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर के जरिए इलाज और जांच संबंधी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।
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ये लक्षण दिखें तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें
बुखार और खांसी
गला खराब
नाक बहना या बंद होना
सांस लेने में तकलीफ और बदन दर्द
सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी
बलगम में खून आना
स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव
खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े से ढंके
बाहर से आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं
जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू हैं, वहां से जाने से बचें
भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
फ्लू से संक्रमित हैं तो घर पर ही आराम करें
फ्लू पीड़ित से दूरी बनाकर रखें
पौष्टिक आहार लें और खूब पानी पीएं
तनावमुक्त रहें, शारीरिक रूप से क्रियाशील रहें व अच्छी नींद लें
क्या नहीं करें
गंदे हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना
किसी को मिलने के दौरान गले लगना, चूमना या हाथ मिलाना
बिना डॉक्टर को दिखाए कोई दवा लेना
इस्तेमाल किए हुए नैपकिन, टिशू पेपर इत्यादि खुले में फेंकना
फ्लू वायरस से दूषित रेलिंग, दरवाजे आदि को छूना
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना
कहां कितने केस
प्रदेश केस मौत
चंडीगढ़ 20 2
हरियाणा 490 2
हिमाचल 105 14
पंजाब 250 30
दिल्ली 1011 00
राजस्थान 2363 85
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अगले दस दिन तक और रहना होगा सतर्क, मौसम के गर्म होने पर ही कमजोर पड़ेगा वायरस
अब तक 20 मरीज पाजिटिव आ चुके हैं, दो की हो चुकी है मौत
आशीष वर्मा
चंडीगढ़। स्वाइन फ्लू इस बार फिर दबे पांव फैल रहा है। अब तक चंडीगढ़ में स्वाइन फ्लू के 20 पाजीटिव मरीज आ चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार सर्दी लंबी खिंची है। वसंत शुरू हो चुका है, लेकिन अब भी दिन का तापमान 20 डिग्री के नीचे दर्ज किया जा रहा है। अगले 10 दिन सर्दी फिलहाल खत्म नहीं होने वाली। 14 फरवरी को फिर से मैदानी इलाकों में बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी। इससे दिन के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। सर्दी में स्वाइन फ्लू का वायरस एक्टिव होता है। जब तक दिन के तापमान में बढ़ोतरी नहीं होगी, तब तक यह वायरस कमजोर नहीं पड़ेगा। इसकी दूसरी वजह यह है कि यह वायरस साइक्लिक पैटर्न पर चलता है। यानि हर एक साल बाद यह एक्टिव होता है। इससे पहले साल 2017 में 63 केस आए थे, जबकि 6 लोगों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों ने यह भी चेताया है कि दस दिन के बाद ही इसके कमजोर पड़ने की संभावना है लेकिन इस दौरान लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है, ताकि इस वायरस की चपेट में आने से बचा जा सके।
घर-घर चल रही है जांच
नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) की स्थानीय टीम की ओर से घर-घर सर्वे चलाया जा रहा है। अब तक कई सेक्टर, मार्केट, स्कूल व कालेज को कवर किया जा चुका है। जहां से पाजिटिव मरीज की सूचना मिलती है, वहां पर टीम मौके पर पहुंचती है और उसके आसपास के 200 से ज्यादा घरों का सर्वे करती है। सर्वे के दौरान टीम को स्वाइन फ्लू के लक्षणों से जागरूक किया जाता है और यह भी जांच होती है कि कोई मरीज बुखार, खांसी या जुकाम से पीड़ित तो नहीं है। यदि ऐसा कोई मिलता है तो उसे दवा दी जाती है और लक्षण की गंभीरता पर पास की डिस्पेंसरी या हास्पिटल पर रेफर कर दिया जाता है।
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यदि कोई स्वाइन फ्लू से संबंधित जानकारी चाहता है तो वह एनवीबीडीसीपी के हेल्पलाइन नंबर 9779558282 पर कॉल कर सकते हैं। इस नंबर के जरिए इलाज और जांच संबंधी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।
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ये लक्षण दिखें तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें
बुखार और खांसी
गला खराब
नाक बहना या बंद होना
सांस लेने में तकलीफ और बदन दर्द
सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी
बलगम में खून आना
स्वाइन फ्लू से ऐसे करें बचाव
खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े से ढंके
बाहर से आने पर हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं
जिन इलाकों में स्वाइन फ्लू हैं, वहां से जाने से बचें
भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें
फ्लू से संक्रमित हैं तो घर पर ही आराम करें
फ्लू पीड़ित से दूरी बनाकर रखें
पौष्टिक आहार लें और खूब पानी पीएं
तनावमुक्त रहें, शारीरिक रूप से क्रियाशील रहें व अच्छी नींद लें
क्या नहीं करें
गंदे हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूना, सार्वजनिक स्थानों पर थूकना
किसी को मिलने के दौरान गले लगना, चूमना या हाथ मिलाना
बिना डॉक्टर को दिखाए कोई दवा लेना
इस्तेमाल किए हुए नैपकिन, टिशू पेपर इत्यादि खुले में फेंकना
फ्लू वायरस से दूषित रेलिंग, दरवाजे आदि को छूना
सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना
कहां कितने केस
प्रदेश केस मौत
चंडीगढ़ 20 2
हरियाणा 490 2
हिमाचल 105 14
पंजाब 250 30
दिल्ली 1011 00
राजस्थान 2363 85