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टोहड़ा
Updated Sun, 01 Apr 2018 10:45 PM IST
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टोहड़ा की मौत के लिए बादल परिवार जिम्मेदार: चन्नी
पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा की 14वीं बरसी पर राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह
राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के जाने माने लोगों ने श्रद्धा के फूल अर्पित किए
अमर उजाला ब्यूरो
टोहड़ा ( पटियाला)।
सूबे के तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने स्वर्गीय जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा की मौत के लिए सीधे तौर पर बादल परिवार को जिम्मेदार ठहराया है। चन्नी पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की 14वीं बरसी पर रविवार को गांव टोहड़ा की अनाज मंडी में सरकार की तरफ से कराए राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह में बोल रहे थे।
चन्नी ने आरोप लगाते हुए कहा प्रकाश सिंह बादल ने उस समय निजी हितों के लिए जत्थेदार टोहड़ा पर गोलक चोर आदि जैसे घृणित आरोप लगा कर जलील किया और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की प्रधानगी पद से उतारा। इन झूठे आरोपों को जत्थेदार टोहड़ा सह न सके और यही आरोप उनकी मृत्यु के कारण बने।
चन्नी ने सुखबीर सिंह बादल को गुरू से बेमुख हुआ नेता बताते हुए श्री अकाल तख्त साहब के जत्थेदार से मांग की है कि उन्हें तनखईया करार दें और श्री अकाल तख्त साहब पर तलब किया जाए।, क्योंकि वह श्री केसगढ़ साहिब में अमृतपान करके अब गुरु को बेदावा ( संबंध विच्छेद पत्र) दे चुके हैं।
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चन्नी ने कहा कि सुखबीर बादल को शिरोमणि अकाली दल की अध्यक्षता से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि इस पंथक जत्थेबंदी का प्रधान रहा हर एक नेता श्री साहब और गुरु की ओर से बक्शे गए पांच ककारों को धारण करता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आज जत्थेदार टोहड़ा जीवित होते तो सुखबीर सिंह बादल प्रधान न बनते। कैबिनेट मंत्री ने घोषणा की है कि श्री फतेहगढ़ साहिब में बनाए जा रहे स्टेडियम का नाम जत्थेदार टोहड़ा की याद में रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त उनके स्मारक के लिए रखी 20 एकड़ जमीन में आईटीआई या स्किल डेवलेपमेंट सेंटर खोला जाएगा।
आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि जब तक दुनिया कायम रहेगी, जत्थेदार टोहड़ा की शख्सियत और उनकी देने को हमेशा याद रखा जाएगा। शिरोमणि समिति के पूर्व महासचिव जत्थेदार सुखदेव सिंह भौर ने कहा कि जत्थेदार टोहड़ा ने एक आम परिवार में पैदा हो कर पंजाब के महान सपूत का दर्जा हासिल किया। समागम में मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, विधायक कुलजीत सिंह नागरा, एसजीपीसी सदस्य कुलदीप कौर टोहड़ा, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओ एस.डी दमनजीत सिंह मोही, आल इंडिया किसान मोर्चो के सचिव सुखमिंदर सिंह ग्रेवाल समेत बड़ी संख्या में राजनैतिक, सामाजिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व मंत्री हरमेल सिंह टोहड़ा ने परिवार की तरफ से सभी का धन्यवाद किया।
गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी सुखदेव सिंह ने श्रद्धांजलि समागम की समाप्ति पर श्री गुरु ग्रंथ साहब के हजूर में अरदास की। हजूरी रागी भाई जसविंदर सिंह के जत्थे ने वैरागमयी गुरबानी कीर्तन किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया।
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पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा की 14वीं बरसी पर राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह
राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र के जाने माने लोगों ने श्रद्धा के फूल अर्पित किए
अमर उजाला ब्यूरो
टोहड़ा ( पटियाला)।
सूबे के तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने स्वर्गीय जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा की मौत के लिए सीधे तौर पर बादल परिवार को जिम्मेदार ठहराया है। चन्नी पंथ रत्न जत्थेदार गुरचरन सिंह टोहड़ा की 14वीं बरसी पर रविवार को गांव टोहड़ा की अनाज मंडी में सरकार की तरफ से कराए राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह में बोल रहे थे।
चन्नी ने आरोप लगाते हुए कहा प्रकाश सिंह बादल ने उस समय निजी हितों के लिए जत्थेदार टोहड़ा पर गोलक चोर आदि जैसे घृणित आरोप लगा कर जलील किया और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की प्रधानगी पद से उतारा। इन झूठे आरोपों को जत्थेदार टोहड़ा सह न सके और यही आरोप उनकी मृत्यु के कारण बने।
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चन्नी ने सुखबीर सिंह बादल को गुरू से बेमुख हुआ नेता बताते हुए श्री अकाल तख्त साहब के जत्थेदार से मांग की है कि उन्हें तनखईया करार दें और श्री अकाल तख्त साहब पर तलब किया जाए।, क्योंकि वह श्री केसगढ़ साहिब में अमृतपान करके अब गुरु को बेदावा ( संबंध विच्छेद पत्र) दे चुके हैं।
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चन्नी ने कहा कि सुखबीर बादल को शिरोमणि अकाली दल की अध्यक्षता से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि इस पंथक जत्थेबंदी का प्रधान रहा हर एक नेता श्री साहब और गुरु की ओर से बक्शे गए पांच ककारों को धारण करता रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आज जत्थेदार टोहड़ा जीवित होते तो सुखबीर सिंह बादल प्रधान न बनते। कैबिनेट मंत्री ने घोषणा की है कि श्री फतेहगढ़ साहिब में बनाए जा रहे स्टेडियम का नाम जत्थेदार टोहड़ा की याद में रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त उनके स्मारक के लिए रखी 20 एकड़ जमीन में आईटीआई या स्किल डेवलेपमेंट सेंटर खोला जाएगा।
आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि जब तक दुनिया कायम रहेगी, जत्थेदार टोहड़ा की शख्सियत और उनकी देने को हमेशा याद रखा जाएगा। शिरोमणि समिति के पूर्व महासचिव जत्थेदार सुखदेव सिंह भौर ने कहा कि जत्थेदार टोहड़ा ने एक आम परिवार में पैदा हो कर पंजाब के महान सपूत का दर्जा हासिल किया। समागम में मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, विधायक कुलजीत सिंह नागरा, एसजीपीसी सदस्य कुलदीप कौर टोहड़ा, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओ एस.डी दमनजीत सिंह मोही, आल इंडिया किसान मोर्चो के सचिव सुखमिंदर सिंह ग्रेवाल समेत बड़ी संख्या में राजनैतिक, सामाजिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व मंत्री हरमेल सिंह टोहड़ा ने परिवार की तरफ से सभी का धन्यवाद किया।
गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी सुखदेव सिंह ने श्रद्धांजलि समागम की समाप्ति पर श्री गुरु ग्रंथ साहब के हजूर में अरदास की। हजूरी रागी भाई जसविंदर सिंह के जत्थे ने वैरागमयी गुरबानी कीर्तन किया। इस अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया।