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पंजाब के ३५ प्रतिशत लोग हाईपर टेंशन के शिकार
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चंडीगढ़। भारत में सबसे ज्यादा हाईपर टेंशन के मरीज पंजाब में हैं। यहां स्थिति इतनी चिंताजनक है कि अगर इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया तो इसे रोकना मुश्किल होगा। भारत में हाईपर टेंशन के मरीजों का प्रतिशत 25 है, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा 35 तक पहुंच चुका है। लोग अब भी इससे अनजान हैं। उन्हें इसके बारे में विस्तार से बताने के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग की जरूरत है। ये बातें पीजीआई के कम्युनिटी मेडिसिन एंड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ क ी ओर से सोमवार को आयोजित संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने कहीं। उनका कहना था कि इस बीमारी से अनजान लोग अनजाने में इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिसे जानकारी होने पर समय रहते रोका जा सकता है।
इस अवसर पर पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रो. राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि हाईपर टेंशन की वजह से हृदय रोग से होने वाली मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भारत में इसका आंकड़ा 20 और पंजाब में 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उनका कहना था कि इसके लिए सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर ही जिम्मेदार है। यह समस्या युवाओं में तेजी से बढ़ रही है।
वहीं, प्रो. विकास सूरी ने इससे बचाव के लिए 18 साल से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को अपने ब्लड प्रेशर की जांच करवाने को कहा। कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, नेत्र रोग, न्यूरोलॉजी और डायटेटिक्स के विशेषज्ञों ने हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दे की बीमारी पर ब्लड प्रेशर के प्रभाव पर चर्चा की। पीजीआई की डायटीशियन डॉ. नैंसी साहनी ने वजन पर नियंत्रण और नमक के कम प्रयोग करने की सलाह दी। वहीं न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. अक्षय आनंद ने इसके इलाज में माइंड बॉडी मेडिसिन को बेहद कारगर बताया।
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इस अवसर पर पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रो. राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि हाईपर टेंशन की वजह से हृदय रोग से होने वाली मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भारत में इसका आंकड़ा 20 और पंजाब में 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उनका कहना था कि इसके लिए सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर ही जिम्मेदार है। यह समस्या युवाओं में तेजी से बढ़ रही है।
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वहीं, प्रो. विकास सूरी ने इससे बचाव के लिए 18 साल से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को अपने ब्लड प्रेशर की जांच करवाने को कहा। कार्यक्रम में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, नेत्र रोग, न्यूरोलॉजी और डायटेटिक्स के विशेषज्ञों ने हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दे की बीमारी पर ब्लड प्रेशर के प्रभाव पर चर्चा की। पीजीआई की डायटीशियन डॉ. नैंसी साहनी ने वजन पर नियंत्रण और नमक के कम प्रयोग करने की सलाह दी। वहीं न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. अक्षय आनंद ने इसके इलाज में माइंड बॉडी मेडिसिन को बेहद कारगर बताया।
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