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325 कोरोना फाइटर की मेहनत से जिला ऑरेंज जोन में
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पंचकूला। जिले में तैनात 325 कोराना फाइटर ने मिलकर पंचकूला को ऑरेंज जोन में ला दिया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लगातार प्रयास के कारण यह संभव हो पाया है। इसे लेकर सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने खुशी जाहिर की।
उन्होंने बताया कि कोरोना के लिए तैनात किए गए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है। इस कारण हम कोरोना वायरस को जिले में काबू कर पाए हैं। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया। पंचकूला में कोरोना के 18 केस सामने आए थे। इनमें में 17 केस ठीक हो चुके हैं और अब एक केस बचा है।
सर्वे के साथ किया क्वारंटीन
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव नरवाल ने बताया की कोरोना से बचाव के लिए जहां घर-घर सर्वे किया गया। वहीं सर्वे के साथ लोगों को होम क्वारंटीन किया गया। इससे लोगों में भी जागरूकता आई। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग अभी भी घर से बाहर न निकले।
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खड़क मंगोली से केस आने के बाद हुए थे सतर्क
खड़क मंगोली से 38 वर्षीय महिला में कोरोना का संक्रमण मिलने के बाद पंचकूला स्वास्थ्य विभाग सजग हुआ था। इस एरिया को बफर जोन घोषित किया गया था। वहीं सेक्टर-15 में एक ही परिवार से 9 केस आने के बाद इसे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। सेक्टर-15 से मिले 9 कोरोना मरीज ठीक हो गए हैं। इसके बाद भी एहतियात के तौर पर यह अभी बंद है।
कोरोना को छुपाए नहीं, बताने से ही होगा खत्म
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर जसजीत कौर ने बताया कि कोरोना वायरस के अगर किसी में कोई लक्षण पाए जाते हैं तो वे स्पेशल फ्लू वार्ड में आकर जांच करा सकते हैं। लोगों को किसी प्रकार से छुपाने या भयभीत होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगर लोग खुलकर बात करेंगे तो ही हम लोगों को बचाने में सफल होंगे।
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उन्होंने बताया कि कोरोना के लिए तैनात किए गए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है। इस कारण हम कोरोना वायरस को जिले में काबू कर पाए हैं। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया। पंचकूला में कोरोना के 18 केस सामने आए थे। इनमें में 17 केस ठीक हो चुके हैं और अब एक केस बचा है।
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सर्वे के साथ किया क्वारंटीन
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव नरवाल ने बताया की कोरोना से बचाव के लिए जहां घर-घर सर्वे किया गया। वहीं सर्वे के साथ लोगों को होम क्वारंटीन किया गया। इससे लोगों में भी जागरूकता आई। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लोग अभी भी घर से बाहर न निकले।
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खड़क मंगोली से केस आने के बाद हुए थे सतर्क
खड़क मंगोली से 38 वर्षीय महिला में कोरोना का संक्रमण मिलने के बाद पंचकूला स्वास्थ्य विभाग सजग हुआ था। इस एरिया को बफर जोन घोषित किया गया था। वहीं सेक्टर-15 में एक ही परिवार से 9 केस आने के बाद इसे कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। सेक्टर-15 से मिले 9 कोरोना मरीज ठीक हो गए हैं। इसके बाद भी एहतियात के तौर पर यह अभी बंद है।
कोरोना को छुपाए नहीं, बताने से ही होगा खत्म
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर जसजीत कौर ने बताया कि कोरोना वायरस के अगर किसी में कोई लक्षण पाए जाते हैं तो वे स्पेशल फ्लू वार्ड में आकर जांच करा सकते हैं। लोगों को किसी प्रकार से छुपाने या भयभीत होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगर लोग खुलकर बात करेंगे तो ही हम लोगों को बचाने में सफल होंगे।