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एयरफोर्स के लिए खतरा बने सभी पेड़ हटाए जाएंगे
Updated Tue, 16 Oct 2018 02:17 AM IST
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एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा के लिए खतरा बने सभी पेड़ काटे जाएंगे
चंडीगढ़ में न हो पठानकोट जैसा आतंकी हमला, प्रशासन ने बनाई अभेद रणनीति
प्रशासन एयरफोर्स के निकट कर रहा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अनुभव अवस्थी
चंडीगढ़। पठानकोट स्थित आर्मी एयर बेस पर 2 जनवरी, 2016 को हुए आतंकी हमले से सीख लेते हुए यूटी प्रशासन ने एयरफोर्स स्टेशन के लिए खतरा बने करीब 10 पेड़ों को काटने का फैसला लिया है। पठानकोट में पेड़ के सहारे ही आतंकी बेस कैंप में घुसे थे। प्रशासनिक स्तर पर इन पेड़ों की पहचान कर ली गई है। इनमें सात बडे़ सहित विभिन्न प्रकार के पेड़ शामिल हैं।
प्रशासन चंडीगढ़ एयरफोर्स की सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख्ता करने जा रहा है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। इसके लिए प्रशासन ने एयरफोर्स के आसपास पेड़ कटवाने का फैसला किया है। इसके पीछे प्रशासन यह तर्क दे रहा है कि पठानकोट में आतंकी पेड़ों के सहारे बेस कैंप में दाखिल हुए थे। यही वजह है कि एयरफोर्स के करीब खतरा बने लगभग 10 पेड़ कटवाए जाएंगे।
एयरफोर्स के दायरे में आने वाले निर्माण कार्य ढहाए जाएंगे
प्रशासन एयरफोर्स बाउंड्रीवाल से करीब एक सौ मीटर तक आने वाले से निर्माण कार्य को ढहाने के लिए पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। प्रशासन ने उन्हीं मकानों को नोटिस जारी किया है जो एयरफोर्स बाउंड्री के सौ मीटर की दायरे में आ रहे हैं। इसमें बहलाना, बेर माजरा और चार तरफ बुडै़ल गांव से लगभग 160 अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे। इसके लिए नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन अभी समय सीमा तय नहीं है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर अवैध निर्माण की जांच का काम चल रहा है। यह जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके बाद मकानों को गिराए जाने की कार्रवाई शुरू होगी। इसमें एक माह या इससे भी अधिक का समय लग सकता है।
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पेड़ हैं अधिक खतरा
चंडीगढ़ प्रशासन के लैंड एक्वायर अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि एयरफोर्स की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए एक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। आसपास के गांवों में हुए अवैध निर्माण को चिह्नित कर लिया गया है। इनमें मकान और पेड़ भी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से ये खतरनाक हैं, क्योंकि पठानकोट में आतंकी पेड़ के सहारे ही बेस कैंप में घुसे थे।
जोड़
हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
एयरपोर्ट की बाउंड्री वाल की 100 मीटर की परिधि में निर्माणों को गिराने से पहले तय प्रावधानों का पालन न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एमसी जीरकपुर व अन्य को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, डीसी मोहाली, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया व एमसी जीरकपुर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही प्रशासन एयरफोर्स के आसपास से अवैध निर्माण कार्य ढहाने की प्रक्रिया कर रहा है।
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चंडीगढ़ में न हो पठानकोट जैसा आतंकी हमला, प्रशासन ने बनाई अभेद रणनीति
प्रशासन एयरफोर्स के निकट कर रहा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अनुभव अवस्थी
चंडीगढ़। पठानकोट स्थित आर्मी एयर बेस पर 2 जनवरी, 2016 को हुए आतंकी हमले से सीख लेते हुए यूटी प्रशासन ने एयरफोर्स स्टेशन के लिए खतरा बने करीब 10 पेड़ों को काटने का फैसला लिया है। पठानकोट में पेड़ के सहारे ही आतंकी बेस कैंप में घुसे थे। प्रशासनिक स्तर पर इन पेड़ों की पहचान कर ली गई है। इनमें सात बडे़ सहित विभिन्न प्रकार के पेड़ शामिल हैं।
प्रशासन चंडीगढ़ एयरफोर्स की सुरक्षा व्यवस्था इतनी पुख्ता करने जा रहा है कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। इसके लिए प्रशासन ने एयरफोर्स के आसपास पेड़ कटवाने का फैसला किया है। इसके पीछे प्रशासन यह तर्क दे रहा है कि पठानकोट में आतंकी पेड़ों के सहारे बेस कैंप में दाखिल हुए थे। यही वजह है कि एयरफोर्स के करीब खतरा बने लगभग 10 पेड़ कटवाए जाएंगे।
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एयरफोर्स के दायरे में आने वाले निर्माण कार्य ढहाए जाएंगे
प्रशासन एयरफोर्स बाउंड्रीवाल से करीब एक सौ मीटर तक आने वाले से निर्माण कार्य को ढहाने के लिए पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। प्रशासन ने उन्हीं मकानों को नोटिस जारी किया है जो एयरफोर्स बाउंड्री के सौ मीटर की दायरे में आ रहे हैं। इसमें बहलाना, बेर माजरा और चार तरफ बुडै़ल गांव से लगभग 160 अवैध निर्माण ढहाए जाएंगे। इसके लिए नोटिस जारी कर दिया है, लेकिन अभी समय सीमा तय नहीं है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर अवैध निर्माण की जांच का काम चल रहा है। यह जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके बाद मकानों को गिराए जाने की कार्रवाई शुरू होगी। इसमें एक माह या इससे भी अधिक का समय लग सकता है।
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पेड़ हैं अधिक खतरा
चंडीगढ़ प्रशासन के लैंड एक्वायर अधिकारी आईएएस अर्जुन शर्मा ने बताया कि एयरफोर्स की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए एक रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। आसपास के गांवों में हुए अवैध निर्माण को चिह्नित कर लिया गया है। इनमें मकान और पेड़ भी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से ये खतरनाक हैं, क्योंकि पठानकोट में आतंकी पेड़ के सहारे ही बेस कैंप में घुसे थे।
जोड़
हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार
एयरपोर्ट की बाउंड्री वाल की 100 मीटर की परिधि में निर्माणों को गिराने से पहले तय प्रावधानों का पालन न करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एमसी जीरकपुर व अन्य को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार, पंजाब सरकार, डीसी मोहाली, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया व एमसी जीरकपुर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही प्रशासन एयरफोर्स के आसपास से अवैध निर्माण कार्य ढहाने की प्रक्रिया कर रहा है।