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कोर्ट की फटकार के बाद जागा प्रशासन, नेक् स्ट वीक तक पेश होगी रिपोर्ट
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:04 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद जागा यूटी प्रशासन, कचरा प्रबंधन को उठाएंगे कड़े कदम
अगले सप्ताह तक कोर्ट में पेश की जाएगी प्रबंधन नीति, प्रशासन और निगम के दर्जनों प्रोजेक्ट अधर में लटके
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुप्रीमकोर्ट की फटकार के बाद यूटी प्रशासन और नगर निगम ने कचरा प्रबंधन नीति पर ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की रणनीति बनाई है। अब राज्य में कूडा निस्तारण के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। मकसद यह कि यूटी में कहीं भी कूडा कचरा इधर उधर न फेंका जा सके। दरअसल, राज्य में कचरा प्रबंधन नीति नहीं होने से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के कारण ही सुप्रीमकोर्ट ने सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।
सुप्रीमकोर्ट ने 31 अगस्त कोे कचरा नीति प्रबंधन नहीं होने के चलते जब तक सभी निर्माण कार्यों में रोक लगी दी है, जब तक कि इस पर ठोस नीति नहीं बना लेते हैं। कोर्ट के इन निर्देशों के कारण यूटी प्रशासन को करारा झटका लगा है। प्रशासन और नगर निगम के दर्जनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लटक गए हैं। इसका सीधा असर आमजनता पर भी पड़ेगा। वहीं सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व की भी हानि उठानी पड़ेगी। इस संदर्भ में निगम के कमिश्नर केके यादव का कहना है कि कचरा प्रबंधन नीति पूरी तरह से बना ली गई है। लेकिन कुछ तकनीकी कमी के चलते यह कोर्ट में पेश नहीं हो पाई है। अगले सप्ताह तक हर हाल में इसे सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।
बीमारियां फैला रहा है डंपिंग ग्राउंड
सिटी के एकमात्र डंपिंग ग्राउंड की बदबू व वहां से निकलने वाले गंदे पानी से डड्डूमाजरा के लोगों का हाल बदतर हो जाता है। बरसात में तो डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला गंदा पानी लोगों के घरों में भी घुस जाता है। लोगों को डंपिंग ग्राउंड की बदबू व प्लांट से उठने वाली जहरीली गैस से निजात दिलवाने के लिए सारे प्रयास निरर्थक साबित हुए हैं। नीरज कुमार, संकेत शर्मा ने बताया कि गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट से उठने वाले धुएं व डंपिंग ग्राउंड से आने वाली बदबू से क्षेत्रवासियों को चर्म रोग व सांस की अनेक बीमारियां हो रही हैं।
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-सिटी में चल रहे कुछ बड़े निर्माण कार्य
1. सिटी में सेक्टर 16 से 17 को मिलने वाले अंडर ग्राउंड बाईपास का निर्माण कार्य तेजी पर
2. सेक्टर 25 में सीएनडी वेस्ट प्लांट का निर्माण कार्य है प्रोगेस पर
3. मनीमाजरा के में निर्माणाधीन सीमेंट प्लांट का निर्माण कार्य
4. सेक्टर 39 में बनने वाले 66 केवी का सबस्टेशन
5. सिटी के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले 4 कम्यूनिटी सेंटर
शीघ्र बनाई जाएगी नीति : मेयर
सिटी में कचरा प्रबंधन नीति नहीं होने पर मेयर देवेश मोदगिल का कहना है कि इन दिनों पार्षदों के दो दल स्वच्छता व्यवस्था के लिए ही अध्ययन दौरे पर हैं। उनके लौटते ही ठोस कचरा प्रबंधन नीति पर कारगर कदम उठाए जाएंगे। निगम ने पहले ही कंपोस्ट प्लांट लगवा दिया गया है। ग्रीन बेल्टों में बी कंपोस्ट के लिए पिट खोदी गई हैं। मेयर ने कहा कि इसे गंभीर मामला करार देते हुए कहा कि निगम शीघ्र ही ठोस कचरा प्रबंधन नीति को अंतिम रूप देगा।
अगले सप्ताह तक कोर्ट में पेश की जाएगी प्रबंधन नीति, प्रशासन और निगम के दर्जनों प्रोजेक्ट अधर में लटके
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुप्रीमकोर्ट की फटकार के बाद यूटी प्रशासन और नगर निगम ने कचरा प्रबंधन नीति पर ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की रणनीति बनाई है। अब राज्य में कूडा निस्तारण के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। मकसद यह कि यूटी में कहीं भी कूडा कचरा इधर उधर न फेंका जा सके। दरअसल, राज्य में कचरा प्रबंधन नीति नहीं होने से पर्यावरण को हो रहे नुकसान के कारण ही सुप्रीमकोर्ट ने सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।
सुप्रीमकोर्ट ने 31 अगस्त कोे कचरा नीति प्रबंधन नहीं होने के चलते जब तक सभी निर्माण कार्यों में रोक लगी दी है, जब तक कि इस पर ठोस नीति नहीं बना लेते हैं। कोर्ट के इन निर्देशों के कारण यूटी प्रशासन को करारा झटका लगा है। प्रशासन और नगर निगम के दर्जनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लटक गए हैं। इसका सीधा असर आमजनता पर भी पड़ेगा। वहीं सरकार को प्रतिदिन करोड़ों रुपये के राजस्व की भी हानि उठानी पड़ेगी। इस संदर्भ में निगम के कमिश्नर केके यादव का कहना है कि कचरा प्रबंधन नीति पूरी तरह से बना ली गई है। लेकिन कुछ तकनीकी कमी के चलते यह कोर्ट में पेश नहीं हो पाई है। अगले सप्ताह तक हर हाल में इसे सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।
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बीमारियां फैला रहा है डंपिंग ग्राउंड
सिटी के एकमात्र डंपिंग ग्राउंड की बदबू व वहां से निकलने वाले गंदे पानी से डड्डूमाजरा के लोगों का हाल बदतर हो जाता है। बरसात में तो डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाला गंदा पानी लोगों के घरों में भी घुस जाता है। लोगों को डंपिंग ग्राउंड की बदबू व प्लांट से उठने वाली जहरीली गैस से निजात दिलवाने के लिए सारे प्रयास निरर्थक साबित हुए हैं। नीरज कुमार, संकेत शर्मा ने बताया कि गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट से उठने वाले धुएं व डंपिंग ग्राउंड से आने वाली बदबू से क्षेत्रवासियों को चर्म रोग व सांस की अनेक बीमारियां हो रही हैं।
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-सिटी में चल रहे कुछ बड़े निर्माण कार्य
1. सिटी में सेक्टर 16 से 17 को मिलने वाले अंडर ग्राउंड बाईपास का निर्माण कार्य तेजी पर
2. सेक्टर 25 में सीएनडी वेस्ट प्लांट का निर्माण कार्य है प्रोगेस पर
3. मनीमाजरा के में निर्माणाधीन सीमेंट प्लांट का निर्माण कार्य
4. सेक्टर 39 में बनने वाले 66 केवी का सबस्टेशन
5. सिटी के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले 4 कम्यूनिटी सेंटर
शीघ्र बनाई जाएगी नीति : मेयर
सिटी में कचरा प्रबंधन नीति नहीं होने पर मेयर देवेश मोदगिल का कहना है कि इन दिनों पार्षदों के दो दल स्वच्छता व्यवस्था के लिए ही अध्ययन दौरे पर हैं। उनके लौटते ही ठोस कचरा प्रबंधन नीति पर कारगर कदम उठाए जाएंगे। निगम ने पहले ही कंपोस्ट प्लांट लगवा दिया गया है। ग्रीन बेल्टों में बी कंपोस्ट के लिए पिट खोदी गई हैं। मेयर ने कहा कि इसे गंभीर मामला करार देते हुए कहा कि निगम शीघ्र ही ठोस कचरा प्रबंधन नीति को अंतिम रूप देगा।