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वीआरवी सिंह ने लिया संन्यास
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पेसर वीआरवी सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास
अपनी खराब फिटनेस की वजह से टीम से अंदर बाहर होते रहे सिंह
अंतिम बार टीम इंडिया के लिए वर्ष 2007 में बांग्लादेश दौरे में उन्होंने टेस्ट खेला था।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के पेसर विक्रम राजवीर सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। देश के लिए 5 टेस्ट खेल चुके चंडीगढ़ के क्रिकेटर वीआरवी सिंह घरेलू क्रिकेट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने क्रिकेट के हर तरह के प्रारूप से संन्यास ले लिया है। आईपीएल में पंजाब किंग्स इलेवन के लिए खेल चुके वीआरवी सिंह अपनी खराब फिटनेस की वजह से टीम से अंदर बाहर होते रहे। टीम इंडिया के लिए अंतिम बार वर्ष 2007 में बांग्लादेश दौरे में उन्होंने टेस्ट खेला था। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से बुधवार को जारी बयान में उनकी रिटायरमेंट का एलान किया गया है।
जब टीम इंडिया के कप्तान राहुल द्रविड़ थे तब पहली बार वर्ष 2005 में श्रीलंका के खिलाफ उनका चयन हुआ था। हालांकि अनफिट होने की वजह से उन्हें घर वापस भेज दिया गया था। वीआरवी सिंह ने इंटरनेशनल जूनियर क्रिकेट से अपनी शुरुआत की और अंडर 19 टीम में जगह बनाई। इस टीम ने वर्ष 2003 में लाहौर में एशिया कप को जीता था। वर्ष 2004 में बंगलादेश में खेले में गए अंडर 19 वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली।
बाक्स
फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत 2004 में की थी
वीआरवी सिंह ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत 2004 नवंबर में उत्तर प्रदेश के खिलाफ की। वर्ष 2006 में वेस्ट इंडीज के टूर में टेस्ट सीरीज में जगह मिली। पांच टेस्ट खेले और 8 विकेट चटकाए। वहीं वीआरवी सिंह ने पंजाब के लिए 29 फर्स्ट क्लास मैच खेले और कुल 121 विकेट झटके। टी-20 में कुल 33 मैच खेलते हुए 31 विकेट चटकाए। इसके साथ ही आईपीएल के तीन सीजन किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी खेले। वर्ष 2014 में वे बैक इंजरी से परेशान रहे। काफी समय तक ठीक नहीं हो पाने के कारण ही उन्हें क्रिकेट के सभी फॉरमेट से रिटायरमेंट लेने की घोषणा करना पड़ी।
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अपनी खराब फिटनेस की वजह से टीम से अंदर बाहर होते रहे सिंह
अंतिम बार टीम इंडिया के लिए वर्ष 2007 में बांग्लादेश दौरे में उन्होंने टेस्ट खेला था।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के पेसर विक्रम राजवीर सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। देश के लिए 5 टेस्ट खेल चुके चंडीगढ़ के क्रिकेटर वीआरवी सिंह घरेलू क्रिकेट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे। उन्होंने क्रिकेट के हर तरह के प्रारूप से संन्यास ले लिया है। आईपीएल में पंजाब किंग्स इलेवन के लिए खेल चुके वीआरवी सिंह अपनी खराब फिटनेस की वजह से टीम से अंदर बाहर होते रहे। टीम इंडिया के लिए अंतिम बार वर्ष 2007 में बांग्लादेश दौरे में उन्होंने टेस्ट खेला था। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से बुधवार को जारी बयान में उनकी रिटायरमेंट का एलान किया गया है।
जब टीम इंडिया के कप्तान राहुल द्रविड़ थे तब पहली बार वर्ष 2005 में श्रीलंका के खिलाफ उनका चयन हुआ था। हालांकि अनफिट होने की वजह से उन्हें घर वापस भेज दिया गया था। वीआरवी सिंह ने इंटरनेशनल जूनियर क्रिकेट से अपनी शुरुआत की और अंडर 19 टीम में जगह बनाई। इस टीम ने वर्ष 2003 में लाहौर में एशिया कप को जीता था। वर्ष 2004 में बंगलादेश में खेले में गए अंडर 19 वर्ल्ड कप में उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली।
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फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत 2004 में की थी
वीआरवी सिंह ने अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत 2004 नवंबर में उत्तर प्रदेश के खिलाफ की। वर्ष 2006 में वेस्ट इंडीज के टूर में टेस्ट सीरीज में जगह मिली। पांच टेस्ट खेले और 8 विकेट चटकाए। वहीं वीआरवी सिंह ने पंजाब के लिए 29 फर्स्ट क्लास मैच खेले और कुल 121 विकेट झटके। टी-20 में कुल 33 मैच खेलते हुए 31 विकेट चटकाए। इसके साथ ही आईपीएल के तीन सीजन किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी खेले। वर्ष 2014 में वे बैक इंजरी से परेशान रहे। काफी समय तक ठीक नहीं हो पाने के कारण ही उन्हें क्रिकेट के सभी फॉरमेट से रिटायरमेंट लेने की घोषणा करना पड़ी।
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