{"_id":"5c589ec4bdec227382446ecb","slug":"181549311684-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई ने मानीं रेजिडेंट डाक्टरों की मांगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजीआई ने मानीं रेजिडेंट डाक्टरों की मांगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई ने मानीं रेजिडेंट डाक्टरों की मांगें
अब हर साल होगी कन्वोकेशन, पीजीआई ने रेजिडेंट डाक्टरों से जताया खेर
जो रेजिडेंट डाक्टर 9 को नहीं आ पाएंगे, उन्हें कोरियर से भेजी जाएगी डिग्री
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। काफी जद्दोजहद के बाद पीजीआई में कन्वोकेशन को लेकर पीजीआई प्रशासन और रेजिडेंट डाक्टर के बीच पैदा हुआ विवाद सोमवार को खत्म हो गया है। पीजीआई प्रशासन ने रेजिडेंट डाक्टरों की तीनों मांगें मान ली हैं। उनकी ये प्रमुख मांगें हर साल कन्वोकेशन, कन्वोकेशन रद्द होने से रेजिडेंट डाक्टरों को आई दिक्कतों पर माफीनामा और जो लोग 9 फरवरी के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, उन्हें कोरियर के माध्यम से डिग्री भेजना शामिल थी। साथ ही चेताया भी था कि यदि उनकी मांगें नहीं मानीं जाएंगी तो वे कन्वोकेशन का बहिष्कार कर देंगे। रेजिडेंट डाक्टरों की ओर से अल्टीमेटम मिलने के बाद पीजीआई प्रशासन हरकत में आया और उन्होंने डाक्टरों की तीनों मांगें मान लीं। पीजीआई प्रशासन के मुताबिक अब हर साल अक्तूबर में कन्वोकेशन होगी। जो रेजिडेंट डाक्टर 9 को नहीं आ पाएंगे, उन्हें कोरियर के माध्यम से डिग्री दी जाएगी। 4 फरवरी को आयोजित होने वाली कन्वोकेशन के स्थगन पर पीजीआई की ओर से जूनियर डाक्टरों से खेद भी जताया गया।
दरअसल पीजीआई की ओर से 4 फरवरी को कन्वोकेशन का समय तय किया गया था। यह कन्वोकेशन चार साल बाद आयोजित की जा रही थी। कन्वोकेशन में हिस्सा लेने वाले कई रेजिडेंट डाक्टर देश के दूर दराज हिस्सों से आने वाले थे। कई डाक्टर तो देश के बाहर से आने वाले थे। इसमें करीब दो हजार से ज्यादा डाक्टर शामिल होने वाले थे। अधिकतर डाक्टर अपने पैरेंट्स व अन्य लोगों के साथ कन्वोकेशन मेें हिस्सा लेने आ रहे थे। इसके लिए उन्होंने हवाई टिकट भी बुक करा दी थी। किसी की टिकट में 25 हजार रुपये का खर्च आया था तो किसी को 30 हजार की टिकट पड़ी। इस दौरान पता चला कि कन्वोकेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने आ रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा नहीं आ रहे हैं। उन्हें कोई जरूरी काम पड़ गया है। वे अब 9 फरवरी को आएंगे इसलिए कन्वोकेशन का समय बदलकर 9 फरवरी कर दिया गया। कार्यक्रम के स्थगन से रेजिडेंट डाक्टरों को अपनी टिकट कैंसिल करवानी पड़ी। इससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। उनका कहना था कि यदि चीफ गेस्ट नहीं आ रहे थे, तो इससे क्या फर्क पड़ने वाला था। रेजिडेंट्स डाक्टर सादे समारोह में ही डिग्री लेने के लिए तैयार थे, लेकिन पीजीआई प्रशासन तैयार नहीं हुआ और तारीख बढ़ा दी गई। इससे डाक्टर काफी नाराज थे। रविवार को एसोसिएशन की ओर से मीटिंग हुई थी और पीजीआई के सामने तीन शर्तें रखी गई थीं।
विज्ञापन
अब हर साल होगी कन्वोकेशन, पीजीआई ने रेजिडेंट डाक्टरों से जताया खेर
जो रेजिडेंट डाक्टर 9 को नहीं आ पाएंगे, उन्हें कोरियर से भेजी जाएगी डिग्री
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। काफी जद्दोजहद के बाद पीजीआई में कन्वोकेशन को लेकर पीजीआई प्रशासन और रेजिडेंट डाक्टर के बीच पैदा हुआ विवाद सोमवार को खत्म हो गया है। पीजीआई प्रशासन ने रेजिडेंट डाक्टरों की तीनों मांगें मान ली हैं। उनकी ये प्रमुख मांगें हर साल कन्वोकेशन, कन्वोकेशन रद्द होने से रेजिडेंट डाक्टरों को आई दिक्कतों पर माफीनामा और जो लोग 9 फरवरी के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, उन्हें कोरियर के माध्यम से डिग्री भेजना शामिल थी। साथ ही चेताया भी था कि यदि उनकी मांगें नहीं मानीं जाएंगी तो वे कन्वोकेशन का बहिष्कार कर देंगे। रेजिडेंट डाक्टरों की ओर से अल्टीमेटम मिलने के बाद पीजीआई प्रशासन हरकत में आया और उन्होंने डाक्टरों की तीनों मांगें मान लीं। पीजीआई प्रशासन के मुताबिक अब हर साल अक्तूबर में कन्वोकेशन होगी। जो रेजिडेंट डाक्टर 9 को नहीं आ पाएंगे, उन्हें कोरियर के माध्यम से डिग्री दी जाएगी। 4 फरवरी को आयोजित होने वाली कन्वोकेशन के स्थगन पर पीजीआई की ओर से जूनियर डाक्टरों से खेद भी जताया गया।
दरअसल पीजीआई की ओर से 4 फरवरी को कन्वोकेशन का समय तय किया गया था। यह कन्वोकेशन चार साल बाद आयोजित की जा रही थी। कन्वोकेशन में हिस्सा लेने वाले कई रेजिडेंट डाक्टर देश के दूर दराज हिस्सों से आने वाले थे। कई डाक्टर तो देश के बाहर से आने वाले थे। इसमें करीब दो हजार से ज्यादा डाक्टर शामिल होने वाले थे। अधिकतर डाक्टर अपने पैरेंट्स व अन्य लोगों के साथ कन्वोकेशन मेें हिस्सा लेने आ रहे थे। इसके लिए उन्होंने हवाई टिकट भी बुक करा दी थी। किसी की टिकट में 25 हजार रुपये का खर्च आया था तो किसी को 30 हजार की टिकट पड़ी। इस दौरान पता चला कि कन्वोकेशन में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेने आ रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा नहीं आ रहे हैं। उन्हें कोई जरूरी काम पड़ गया है। वे अब 9 फरवरी को आएंगे इसलिए कन्वोकेशन का समय बदलकर 9 फरवरी कर दिया गया। कार्यक्रम के स्थगन से रेजिडेंट डाक्टरों को अपनी टिकट कैंसिल करवानी पड़ी। इससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। उनका कहना था कि यदि चीफ गेस्ट नहीं आ रहे थे, तो इससे क्या फर्क पड़ने वाला था। रेजिडेंट्स डाक्टर सादे समारोह में ही डिग्री लेने के लिए तैयार थे, लेकिन पीजीआई प्रशासन तैयार नहीं हुआ और तारीख बढ़ा दी गई। इससे डाक्टर काफी नाराज थे। रविवार को एसोसिएशन की ओर से मीटिंग हुई थी और पीजीआई के सामने तीन शर्तें रखी गई थीं।
विज्ञापन